जबलपुर क्राइम बुलेटिन:श्रीराम इंस्टीट्यूट में लाखों का गबन ,साइबर ठगों ने युवती को लगाई चपत

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​श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में लाखों रुपये का फीस गबन, अकाउंटेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज

​संस्थान के अधिकृत बैंक खाते की जगह अपने निजी खाते में जमा करवाता रहा विद्यार्थियों की फीस, आरोपी फरार

​जबलपुर। शहर के माढ़ोताल थाना क्षेत्र स्थित सुप्रसिद्ध इंजीनियरिंग कॉलेज श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में विद्यार्थियों की फीस में बड़े पैमाने पर वित्तीय हेराफेरी और गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। संस्थान में पदस्थ अकाउंटेंट ने सुनियोजित तरीके से कॉलेज के अधिकृत बैंक खाते में फीस जमा करवाने के बजाय लाखों रुपये अपने निजी बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। मामले का खुलासा होने के बाद कॉलेज प्रबंधन की लिखित शिकायत पर माढ़ोताल थाना पुलिस ने आरोपी अकाउंटेंट के विरुद्ध धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

​पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के 45 वर्षीय प्राचार्य शैलेश गुप्ता ने थाने में एक विस्तृत लिखित शिकायत प्रस्तुत की। शिकायत में उन्होंने बताया कि संस्थान में वर्ष 2017 से चंद्रमोहन सिंह ठाकुर अकाउंटेंट के पद पर पदस्थ था। कॉलेज में विद्यार्थियों से फीस वसूलने, उनका हिसाब-किताब रखने और संस्थान के खाते में रकम जमा करवाने की मुख्य जिम्मेदारी उसी के पास थी। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि आरोपी चंद्रमोहन सिंह ठाकुर पिछले कई वर्षों से छात्रों की फीस में हेराफेरी कर रहा था। वर्ष 2024 के बाद से उसने इस अनैतिक और अवैध काम को और अधिक बढ़ा दिया। वह विद्यार्थियों को कॉलेज के आधिकारिक बैंक खाते की जानकारी देने के बजाय अपना स्वयं का व्यक्तिगत बैंक खाता नंबर देता था और फीस की रकम सीधे अपने खाते में ट्रांसफर करवा लेता था।

​इतना ही नहीं, आरोपी ने कॉलेज के नियमों को ताक पर रखकर छात्रों से सीधे नकद राशि भी वसूलना शुरू कर दिया था। विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को विश्वास में लेने के लिए वह उन्हें पूरी तरह फर्जी और कूटरचित रसीदें बनाकर सौंप देता था। जब कुछ छात्रों ने कॉलेज प्रशासन से अपनी फीस रसीदों और रिकॉर्ड का मिलान कराया, तब इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ। संस्थान में जब गड़बड़ी की आंतरिक जांच शुरू हुई और पूछताछ की नौबत आई, तो आरोपी चंद्रमोहन सिंह ठाकुर जनवरी 2026 से बिना किसी सूचना के अचानक संस्थान आना बंद कर फरार हो गया।

​कॉलेज प्रबंधन द्वारा कराई गई विस्तृत आंतरिक जांच में छात्रों द्वारा प्रस्तुत शिकायती आवेदनों के आधार पर 3,80,020 रुपये, विभिन्न भुगतान प्रमाण पत्रों के मिलान से 17,82,148 रुपये और विद्यार्थियों की मौखिक शिकायतों की जांच में 36,81,730 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। प्रबंधन का मानना है कि विस्तृत ऑडिट के बाद गबन की यह कुल राशि और भी अधिक बढ़ सकती है। माढ़ोताल थाना पुलिस ने प्राचार्य शैलेश गुप्ता की शिकायत की प्राथमिक जांच के उपरांत आरोपी अकाउंटेंट चंद्रमोहन सिंह ठाकुर के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 316(4) के तहत गंभीर अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपी की बैंक डिटेल खंगालने के साथ-साथ उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

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खमरिया में घर के बाहर कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग, दो आरोपियों पर प्रकरण दर्ज

​ऑडियो रिकॉर्डिंग और कॉल डिटेल से हुआ खुलासा, पुलिस ने दर्ज किया जानलेवा हमले की आशंका का अपराध

​जबलपुर। शहर के उपनगरीय क्षेत्र खमरिया थाना अंतर्गत ककरतला यादव मोहल्ला में देर रात कार सवार लोगों पर बंदूक से अंधाधुंध गोलियां चलाने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सूचना मिलते ही पुलिस का दल मौके पर पहुंचा, जहां घर के बाहर खड़ी एक कार में दो स्थानों पर गोलियों के गहरे निशान मिले। हालांकि प्राथमिक पूछताछ में पीड़ित पक्ष ने कार्रवाई करने से मना कर दिया था, लेकिन पुलिस ने प्रारंभिक कॉल रिकॉर्डिंग और मौके के वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दो नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

​घटना के संबंध में पुलिस सूत्रों ने बताया कि 13-9-26 की दरमियानी रात ककरतला यादव मोहल्ला निवासी 30 वर्षीय सुग्रीव यादव ने पुलिस कंट्रोल रूम और खमरिया थाने को फोन पर बेहद घबराई हुई आवाज में सूचना दी कि उसके घर के बाहर दो अज्ञात व्यक्ति बंदूक से लगातार गोलियां चला रहे हैं। फायरिंग की सूचना मिलते ही खमरिया थाने का गश्ती दल तत्काल हरकत में आया और बिना देर किए बताए गए पते पर पहुंचा। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया तो घर के बाहर खड़ी एक कार क्रमांक MP 20 ZG 5919 संदिग्ध हालत में मिली। पुलिस कर्मियों ने जब वाहन की बारीकी से जांच की तो कार के अलग-अलग हिस्सों में दो जगह बंदूक की गोली लगने के स्पष्ट छेद दिखाई दिए।

​इसके बाद जब पुलिस अधिकारियों ने सूचना देने वाले सुग्रीव यादव से औपचारिक शिकायत दर्ज कराने और आरोपियों के नाम बताने को कहा, तो उसने अचानक अपना रुख बदल लिया और किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई कराने से साफ इनकार कर दिया। मामले की गंभीरता और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने इसे हल्के में नहीं लिया। जांच अधिकारी ने कंट्रोल रूम से उस टेलीफोन कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग तलब की, जो घटना के समय सुग्रीव यादव द्वारा की गई थी। उस ऑडियो रिकॉर्डिंग की जब तकनीकी जांच की गई, तो उसमें सुग्रीव यादव स्पष्ट तौर पर क्षेत्र के ही मोनू यादव और रामलखन यादव द्वारा अंधाधुंध फायरिंग किए जाने की बात कहता हुआ सुनाई दिया।

​पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से रिहायशी इलाके में वाहन को निशाना बनाकर गोलियां दागी गईं, उससे किसी भी निर्दोष व्यक्ति की जान को गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। कानून-व्यवस्था की दृष्टि से इस प्रकार के घातक कृत्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। घटनास्थल के निरीक्षण पंचनामे, भौतिक साक्ष्यों और प्राप्त ऑडियो रिकॉर्डिंग के ठोस आधार पर खमरिया थाना पुलिस ने आरोपी रामलखन यादव और मोनू यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अब दोनों फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

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​रामनगर में गणेश पंडाल की सजावट कर रहे युवक से शराब के लिए अड़ीबाजी, मारपीट

​रुपये देने से मना करने पर तीन युवकों ने मिलकर पीटा, जान से मारने की धमकी देकर हुए फरार

​जबलपुर। गढ़ा थाना क्षेत्र के रामनगर देवताल में गणेश उत्सव की तैयारियों के दौरान एक युवक के साथ अड़ीबाजी और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। गणेश जी के आगमन के लिए पंडाल की सजावट करवा रहे पुट्टी-पेंटिंग कारीगर से इलाके के तीन असामाजिक तत्वों ने शराब पीने के लिए जबरन रुपये मांगे। जब युवक ने रकम देने से इनकार कर दिया तो आरोपियों ने उसके बाल पकड़कर नीचे गिरा दिया और लात-घूंसों से उसकी जमकर पिटाई कर दी। पीड़ित की शिकायत पर गढ़ा पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

​पुलिस के अनुसार रामनगर साईं फर्नीचर के पास रहने वाले 19 वर्षीय रोहित अहिरवार ने गढ़ा थाने में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़ित रोहित ने बताया कि वह पुट्टी और पेंटिंग का काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। 13-9-26 की रात लगभग 10:30 बजे वह रामनगर देवताल के पास भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित करने के लिए बनाए जा रहे पंडाल में सजावट और लाइट लगवाने का काम करा रहा था। पंडाल में अन्य लोग भी अपने-अपने काम में व्यस्त थे। उसी समय क्षेत्र का रहने वाला मान्या वाल्मीकि अपने दो अन्य साथियों करण विश्वकर्मा और अंकित चौधरी के साथ वहां आ धमका।

​आरोपियों ने रोहित को आवाज देकर अपने पास बुलाया और शराब पीने के लिए 1,000 रुपये की मांग करने लगे। रोहित ने जब कहा कि उसके पास रुपये नहीं हैं और वह मजदूरी का काम करता है, तो तीनों आरोपी भड़क गए और उसके साथ गंदी-गंदी गालियां बकने लगे। रोहित ने जब सार्वजनिक स्थल पर गाली-गलौज करने का विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया। मुख्य आरोपी मान्या वाल्मीकि ने अचानक रोहित के सिर के बाल पकड़ लिए और उसे नीचे जमीन की ओर झुका दिया। इसके बाद उसके साथी करण विश्वकर्मा और अंकित चौधरी ने रोहित को घेर लिया और हाथ-मुक्कों से उसके चेहरे और पीठ पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए।

​अचानक हुए इस हमले में रोहित के गाल और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों को बीच-बचाव के लिए दौड़ते देख तीनों आरोपी रोहित को जान से खत्म करने की खुली धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। घायल अवस्था में पीड़ित थाने पहुंचा और घटना की जानकारी दी। गढ़ा थाना पुलिस ने रोहित अहिरवार की रिपोर्ट पर आरोपी मान्या वाल्मीकि, करण विश्वकर्मा और अंकित चौधरी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 115(2), 119(1), 351(3) और 3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। पुलिस की टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

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​आयशा नगर में मैगी लेने गए छात्र से अड़ीबाजी, बीच-बचाव करने आए बड़े भाई पर नुकीले हथियार से हमला

​रास्ता मांगने पर उपजे विवाद के बाद आरोपियों ने की मारपीट, घायल युवक को निजी अस्पताल में कराया गया भर्ती

​जबलपुर। अधारताल थानांतर्गत आयशा नगर क्षेत्र में मामूली कहासुनी के बाद एक नाबालिग छात्र से अवैध वसूली करने और उसके बड़े भाई पर जानलेवा हमला करने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। किराने की दुकान से मैगी लेने जा रहे छात्र से रास्ता छोड़ने की बात पर कुछ युवकों ने विवाद किया और फिर लौटते वक्त अड़ीबाजी कर मारपीट शुरू कर दी। जब पीड़ित का बड़ा भाई उसे बचाने पहुंचा तो आरोपियों ने उसके ऊपर किसी नुकीली वस्तु से हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया। घायल को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

​पुलिस के अनुसार अंसार नगर गोहलपुर निवासी 15 वर्षीय अरहान उर्फ अब्दुल्ला अंसारी ने अधारताल थाने में अपनी आपबीती दर्ज कराई। अरहान ने बताया कि वह कक्षा 9वीं का छात्र है। 13-9-26 की रात करीब 9:30 बजे वह अपने साथी मो. साहिल खान के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने एक अन्य मित्र यासिर अंसारी से मिलने के लिए आयशा नगर गया हुआ था। वहां पहुंचने के बाद रात में भूख लगने पर वह और उसका दोस्त मैगी खरीदने के लिए पास की एक किराना दुकान की तरफ जाने लगे। रास्ते में 3-4 अज्ञात लड़के खड़े होकर रास्ता रोके हुए थे। अरहान ने जब उन्हें किनारे होने के लिए कहा तो वे लड़के नाराज हो गए और दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी हो गई।

​उस समय मामला शांत हो गया और अरहान सामान लेकर वापस लौटने लगा। लेकिन जैसे ही वे मोटरसाइकिल से आगे बढ़े, उन्हीं 3-4 लड़कों ने उनकी गाड़ी को जबरन रोक लिया। लड़के गाली-गलौज करने लगे और अरहान से जेब खर्च के नाम पर जबरन 500 रुपये की मांग करने लगे। जब नाबालिग छात्र ने रुपये देने से साफ मना कर दिया, तो आरोपियों में शामिल एक लड़के ने पास पड़ा प्लास्टिक का मोटा पाइप उठाकर अरहान की पीठ पर दे मारा, जबकि बाकी लड़के हाथ-मुक्कों से उसके साथ मारपीट करने लगे। मारपीट करने वालों में से एक लड़के की पहचान आदिल शेख के रूप में हुई।

​मुसीबत में घिरे अरहान ने किसी तरह फोन करके अपने बड़े भाई मो. फाजिल अंसारी को मौके पर बुला लिया। मो. फाजिल ने आकर जब बीच-बचाव करने और विवाद शांत कराने का प्रयास किया, तो आरोपी मो. आदिल शेख और उग्र हो गया। आदिल शेख ने अपनी जेब से कोई बेहद नुकीली वस्तु निकाली और सीधे मो. फाजिल की पीठ पर दे मारी। हमले में फाजिल की पीठ पर गहरा घाव हो गया और खून बहने लगा। इसके बाद सभी हमलावर जान से मारने की धमकी देकर मौके से भाग गए। परिजनों ने घायल फाजिल को तुरंत अपोलो अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। अधारताल पुलिस ने मो. आदिल शेख और उसके अन्य साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 119(1), 118(1), 351(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

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​जोगनीनगर की युवती बनी ऑनलाइन ठगी का शिकार, बैंक खाते से उड़ाई 33,500 रुपये की रकम

​पहले खाते से कटा 1 रुपया और फिर साफ हो गए हजारों, गोरखपुर थाना पुलिस ने दर्ज किया अपराध

​जबलपुर। शहर में साइबर ठगों का जाल लगातार फैलता जा रहा है और आम नागरिक डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार बन रहे हैं। ताजा मामला गोरखपुर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां जोगनीनगर रामपुर की रहने वाली एक युवती के बैंक खाते में सेंध लगाकर अज्ञात शातिर ने हजारों रुपये पार कर दिए। पीड़िता को इस वित्तीय धोखाधड़ी की भनक तब लगी जब उसने अगले दिन अपना बैंक खाता चेक किया। युवती की शिकायत पर गोरखपुर थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठग के विरुद्ध धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

​पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जोगनीनगर रामपुर निवासी 25 वर्षीय प्रगति अवझड़ेकर ने गोरखपुर थाने पहुंचकर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उनका बचत खाता एचडीएफसी बैंक में संचालित है, जिसका उपयोग वे अपनी निजी जरूरतों और लेन-देन के लिए करती हैं। दिनांक 11-9-26 को वे अपने सामान्य कामकाज में व्यस्त थीं और उन्होंने अपने बैंक खाते से किसी भी प्रकार का कोई ऑनलाइन लेन-देन या खरीदारी नहीं की थी। इसके बावजूद किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके बैंक खाते में तकनीकी हेराफेरी करते हुए अनाधिकृत लेन-देन को अंजाम दे दिया।

​पीड़िता के अनुसार ठगों ने उनके खाते की सक्रियता जांचने के लिए 11-9-26 को सबसे पहले केवल 1 रुपये की निकासी की। इसके कुछ ही देर बाद अज्ञात साइबर ठग ने उनके खाते से सीधे 33,500 रुपये की एकमुश्त बड़ी रकम उड़ा ली। चूंकि उस समय पीड़िता को इस बात का अहसास नहीं हुआ, इसलिए अगले दिन 12-9-26 को जब उन्होंने किसी अन्य काम के सिलसिले में अपना बैंक खाता और मोबाइल बैंकिंग ऐप चेक किया, तब जाकर उन्हें खाते से 33,500 रुपये गायब होने का पता चला। खाते से अनचाहे ट्रांजैक्शन देखकर उनके होश उड़ गए।

​प्रगति ने तत्काल बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र पर संपर्क कर अपना खाता ब्लॉक कराया और उसके बाद गोरखपुर थाने पहुंचकर पूरे मामले की लिखित रिपोर्ट दी। पीड़िता का कहना है कि उन्होंने किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ न तो कोई ओटीपी शेयर किया था और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया था। गोरखपुर थाना पुलिस ने प्रगति अवझड़ेकर की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस अब संबंधित बैंक से ट्रांजैक्शन आईडी और जिस खाते या वॉलेट में रकम ट्रांसफर हुई है, उसकी जानकारी जुटाकर साइबर सेल की मदद से ठग की तलाश कर रही है।

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​सदर में शिक्षिका से पर्स झपटकर बाइक सवार तीन बदमाश फरार, नीले रंग का आईफोन भी ले उड़े

​परिवार के साथ कॉफी हाउस जा रही थीं महिला, पेंटी नाका की ओर भागे लुटेरे, कैंट पुलिस जुटी जांच में

​जबलपुर। केंट थाना क्षेत्र अंतर्गत सदर बाजार जैसे व्यस्त इलाके में बेखौफ बाइक सवार बदमाशों द्वारा एक महिला शिक्षिका का पर्स झपटकर भागने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। महिला अपने पति और बेटे के साथ कॉफी हाउस जा रही थीं, तभी पीछे से आए तीन अज्ञात लुटेरों ने झपट्टा मारकर उनके हाथ से पर्स छीन लिया और तेज रफ्तार से फरार हो गए। छीने गए पर्स में पीड़िता का कीमती नीले रंग का आईफोन और ड्राइविंग लाइसेंस रखा हुआ था। कैंट थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लुटेरों की धरपकड़ के लिए शहर के प्रमुख रास्तों की नाकाबंदी कर दी है।

​घटना के संदर्भ में कैंट पुलिस ने बताया कि जीसीएफ स्टेट रांझी निवासी 51 वर्षीय श्रीमती सुजाता शर्मा पेशे से शिक्षिका हैं। 13-9-26 की रात वह अपने पति सतीश शर्मा और बेटे यशमित शर्मा के साथ सदर स्थित इंडियन कॉफी हाउस जाने के लिए निकली थीं। रात के समय जब वे सदर में अग्रवाल किराना दुकान के सामने से गुजर रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन अज्ञात युवक अचानक उनके बिल्कुल करीब पहुंचे। इससे पहले कि सुजाता शर्मा या उनके परिजन कुछ समझ पाते, बाइक पर पीछे बैठे लड़के ने झपट्टा मारकर उनके हाथ में टंगा पर्स छीन लिया।

​वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक चालक ने वाहन की रफ्तार और तेज कर दी और तीनों आरोपी देखते ही देखते पेंटी नाका की दिशा में भाग निकले। अचानक हुई इस झपटमारी से शिक्षिका और उनका परिवार स्तब्ध रह गया। शोर मचाने पर आसपास के दुकानदार और राहगीर भी एकत्र हो गए, लेकिन तब तक बदमाश नजरों से ओझल हो चुके थे। पीड़िता के अनुसार लुटेरों की मोटरसाइकिल का मॉडल वे ठीक से नहीं देख सकीं, लेकिन उन्होंने उस बाइक की नंबर प्लेट के अंतिम 4 अंक 1627 नोट कर लिए थे।

​सुजाता शर्मा ने बताया कि छीने गए पर्स में उनका निजी नीले रंग का आईफोन, ड्राइविंग लाइसेंस और कुछ अन्य जरूरी दस्तावेज रखे हुए थे। पीड़िता तत्काल अपने परिजनों के साथ कैंट थाने पहुंचीं और अज्ञात लुटेरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। कैंट थाना पुलिस ने श्रीमती सुजाता शर्मा की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 304(2) के तहत झपटमारी का अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब घटनास्थल और पेंटी नाका मार्ग पर स्थित विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि 1627 नंबर वाली मोटरसाइकिल और उस पर सवार तीनों बदमाशों का सुराग लगाया जा सके।

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​उज्जैन दर्शन करने गए बुजुर्ग के सूने मकान पर चोरों का धावा, ताले तोड़कर नकदी-जेवर पार

​जीसीएफ कॉलोनी सेक्टर-2 की घटना, अलमारी से पांच सोने की अंगूठी, चेन और चांदी के आभूषण चोरी

​जबलपुर। अधारताल थाना क्षेत्र अंतर्गत जीसीएफ कॉलोनी सेक्टर-2 में रहने वाले एक बुजुर्ग के सूने मकान को निशाना बनाते हुए अज्ञात चोरों ने लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित परिवार धार्मिक यात्रा पर उज्जैन गया हुआ था, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला चटकाया और वारदात को अंजाम देकर रफूचक्कर हो गए। वापस लौटने पर गृहस्वामी को चोरी का पता चला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा कायम कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

​पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जीसीएफ कॉलोनी सेक्टर-2 निवासी 72 वर्षीय मोहनलाल श्रीवास अपने परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर गए हुए थे। उन्होंने बताया कि वे 11-9-26 को अपने घर में ताला बंद करके उज्जैन दर्शन के लिए रवाना हुए थे। घर पूरी तरह सूना था। 12-9-26 को उनके घर के एक हिस्से में रहने वाले किराएदार ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि उनके मुख्य मकान के दरवाजों के कुंडे और ताले टूटे हुए पड़े हैं तथा अंदर का सामान बिखरा नजर आ रहा है। यह सुनते ही मोहनलाल श्रीवास अपनी यात्रा बीच में छोड़कर तुरंत जबलपुर के लिए रवाना हो गए।

​13-9-26 को जब मोहनलाल श्रीवास अपने घर पहुंचे और अंदर जाकर देखा तो कमरों के ताले टूटे हुए थे। बेडरूम में रखी लोहे की अलमारी का लॉकर भी धारदार हथियार से तोड़ा गया था और उसके अंदर रखे सारे डिब्बे व सामान फर्श पर अस्त-व्यस्त पड़े थे। जब उन्होंने कीमती सामान की जांच की तो अलमारी में रखे सोने की 1 चेन, सोने की 5 अंगूठी, चांदी की 2 जोड़ी पायल, चांदी की 4 जोड़ी बिछिया और 1,200 रुपये नकद पूरी तरह गायब मिले। चोरों ने बड़ी इत्मीनान से पूरे घर की तलाशी ली थी और केवल कीमती आभूषणों व नकदी को ही अपना निशाना बनाया।

​घटना की पुष्टि होने के बाद मोहनलाल श्रीवास ने तुरंत अधारताल थाने पहुंचकर चोरी की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। सूचना मिलते ही अधारताल पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की मदद से घटनास्थल से अज्ञात आरोपियों के उंगलियों के निशान जुटाए। पुलिस ने बुजुर्ग की शिकायत पर अज्ञात चोरों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) और 305 के तहत नकबजनी का अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों और पुराने संपत्ति संबंधी अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाल रही है।

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​रानीताल बड़ी ईदगाह के गेट से ई-रिक्शा चोरी, दोपहर की नमाज पढ़ने गया था चालक

​लार्डगंज थाने में अज्ञात चोर पर एफआईआर दर्ज, सीसीटीवी कैमरों की मदद से रिक्शे की तलाश जारी

​जबलपुर। शहर के लार्डगंज थाना क्षेत्र में वाहन चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। रानीताल स्थित बड़ी ईदगाह के मुख्य गेट के सामने खड़ा एक ई-रिक्शा अज्ञात चोर दिनदहाड़े उड़ा ले गया। पीड़ित चालक दोपहर के समय नमाज अदा करने के लिए ईदगाह के अंदर गया हुआ था और जब वह बाहर निकला तो उसका वाहन मौके से नदारद मिला। काफी खोजबीन के बाद जब रिक्शे का कोई पता नहीं चला, तो पीड़ित ने थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अज्ञात चोर की तलाश शुरू कर दी है।

​लार्डगंज पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज़ादनगर मोहरिया निवासी 25 वर्षीय मोहम्मद अतर अंसारी ई-रिक्शा चलाकर अपनी आजीविका चलाता है। उसने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि दिनांक 11-9-26 की दोपहर वह सवारी छोड़कर रानीताल क्षेत्र की ओर आया हुआ था। दोपहर के लगभग 12:35 बजे नमाज का समय होने के कारण उसने अपना ई-रिक्शा क्रमांक MP 20 ZH 3628 रानीताल स्थित बड़ी ईदगाह के मुख्य गेट के बाहर व्यवस्थित रूप से खड़ा कर दिया और स्वयं नमाज पढ़ने के लिए ईदगाह परिसर के अंदर चला गया।

​मोहम्मद अतर अंसारी ने बताया कि दोपहर लगभग 1:20 बजे जब वह नमाज अदा करके ईदगाह के गेट से बाहर निकला, तो जिस जगह उसने अपना ई-रिक्शा खड़ा किया था, वह जगह पूरी तरह खाली थी। उसका ई-रिक्शा वहां मौजूद नहीं था। उसने घबराकर आसपास के दुकानदारों, फल के ठेले वालों और वहां खड़े अन्य राहगीरों से अपने वाहन के संबंध में पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी रिक्शा ले जाने वाले के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। पीड़ित ने आसपास के रास्तों और चौराहों पर भी काफी देर तक अपने वाहन की तलाश की, लेकिन ई-रिक्शे का कोई सुराग नहीं लग सका।

​वाहन चोरी होने से परेशान मोहम्मद अतर अंसारी ने 13-9-26 की रात लार्डगंज थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना से अवगत कराया। चालक की रिपोर्ट पर लार्डगंज थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत चोरी का मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि रानीताल चौराहा और बड़ी ईदगाह के आसपास कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों और यातायात चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। पुलिस इन कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है ताकि चोरी हुए ई-रिक्शे की दिशा और उसे ले जाने वाले संदिग्ध व्यक्ति की पहचान कर उसे जल्द से जल्द बरामद किया जा सके।

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