
जबलपुर । मध्य प्रदेश भाजपा में लंबे अंतराल के बाद संगठनात्मक ढांचे के पुनर्गठन की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। राष्ट्रीय स्तर पर नई कार्यसमिति के गठन के पश्चात प्रांतीय स्तर पर रिक्त और महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया है। हितानंद शर्मा के संघ वापसी उपरांत विगत 5 माह से खाली संगठन महामंत्री पद, उत्तर प्रदेश की चुनावी व्यस्तता के चलते प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह का संभावित दायित्व परिवर्तन और आशीष अग्रवाल के केंद्रीय मीडिया सह-संयोजक बनने से रिक्त प्रदेश मीडिया विभाग में नए चेहरों की ताजपोशी प्रस्तावित है। इसके साथ ही क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल को 2 से 3 अन्य राज्यों की अतिरिक्त कमान सौंपे जाने की योजना और दिल्ली नेता सतीश उपाध्याय की निष्क्रियता के बाद सह-प्रभारी पद पर भी नवीन व्यवस्था लागू की जाएगी।
प्रांतीय संगठन महामंत्री पद पर फैसला जल्द होगा
प्रदेश इकाई में रणनीतिक समन्वय स्थापित करने वाला सबसे मुख्य पद बीते 5 महीनों से किसी स्थाई पदाधिकारी की प्रतीक्षा कर रहा है। हितानंद शर्मा के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मुख्य धारा में प्रत्यावर्तन के बाद से ही इस दायित्व हेतु उपयुक्त नाम का चयन शीर्ष प्राथमिकताओं में सम्मिलित रहा है। हाल ही में संपन्न हुई संघ एवं भाजपा की उच्चस्तरीय समन्वय बैठकों के दौर में विभिन्न संभावित नामों की कार्यशैली और संगठनात्मक प्रभाव का गहन विश्लेषण किया गया। यह पद सत्ता के गलियारों और जमीनी कार्यकर्ताओं के मध्य संवाद की सबसे मजबूत धुरी समझा जाता है। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व आगामी राजनीतिक परिदृश्य को ध्यान में रखकर ऐसे व्यक्तित्व को यह महती जिम्मेदारी देने पर विचार कर रहा है, जिसका सांगठनिक तंत्र पर ठोस नियंत्रण हो तथा जो आंतरिक गुटबाजी से परे रहकर समग्र संतुलन बनाए रखने में पूरी तरह सक्षम सिद्ध हो।
अजय जामवाल को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर का दायित्व
वर्तमान सांगठनिक ढांचे में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल मध्य प्रदेश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य के संगठनात्मक संचालन का कार्यभार भी संभाल रहे हैं। राष्ट्रीय राजनीतिक समीकरणों के तहत केंद्रीय नेतृत्व उनके विस्तृत सांगठनिक अनुभव का उपयोग केंद्रीय स्तर पर करने की रूपरेखा बना रहा है। उन्हें 2 से 3 अतिरिक्त प्रांतों का संगठनात्मक प्रभार दिए जाने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। कार्यक्षेत्र में होने वाले इस भारी विस्तार के कारण उनके लिए मध्य प्रदेश के दैनिक और व्यापक मामलों में पहले जैसा निरंतर समय दे पाना व्यावहारिक रूप से कठिन होगा। इसी रणनीतिक अनिवार्यता के चलते प्रांतीय संगठन को एक समर्पित और पूर्णकालिक संगठन महामंत्री उपलब्ध कराना केंद्रीय नेतृत्व की शीर्ष प्राथमिकता बन चुका है।
प्रभारी और मीडिया विभाग में आएंगे आक्रामक चेहरे
प्रशासनिक और संगठनात्मक फेरबदल की यह प्रक्रिया प्रांतीय प्रभार और जनसंपर्क तंत्र तक समान रूप से विस्तारित होगी। वर्तमान प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह का गृह राज्य उत्तर प्रदेश होने के कारण, वहां के आगामी विधानसभा संग्राम में उनकी सांगठनिक दक्षता का उपयोग किए जाने की योजना है। इस स्थिति में मध्य प्रदेश का प्रभार राष्ट्रीय टीम के किसी अन्य अनुभवी नेता को हस्तांतरित किया जाना तय माना जा रहा है। पूर्व सह-प्रभारी सतीश उपाध्याय की दिल्ली चुनाव उपरांत समाप्त हुई सक्रियता को देखते हुए सह-प्रभारी स्तर पर भी नई नियुक्ति संभव है। वहीं दूसरी ओर, आशीष अग्रवाल को केंद्रीय मीडिया सह-संयोजक का पद मिलने के बाद प्रदेश मीडिया प्रमुख का स्थान रिक्त हुआ है। यद्यपि सह-मीडिया प्रभारी अंशुल तिवारी का नाम आंतरिक परिचर्चा में सम्मिलित है, तथापि नेतृत्व डिजिटल युग की चुनौतियों, सोशल मीडिया अभियानों और विपक्षी प्रहारों का त्वरित एवं प्रभावी प्रत्युत्तर देने के उद्देश्य से एक पूर्णतः नए और ऊर्जावान चेहरे को अग्रिम पंक्ति में लाने का मन बना रहा है।
