ब्रेकिंग: 44 डिग्री पारे में एनसीसी की ट्रेनिंग बनी आफत, दो दर्जन से ज्यादा कैडेट्स बीमार

Newzo
Newzo - News Editor
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जबलपुर। डुमना रोड स्थित ट्रिपल आईटीडीएम परिसर में चल रहे एनसीसी के 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर सीएटीसी 98 में गुरुवार को भीषण गर्मी और लू के कारण करीब दो दर्जन कैडेट्स अचानक बीमार हो गए। 14 मई से आयोजित इस शिविर में कटनी, तेंदूखेड़ा, कटंगी और नुनसर के लगभग 450 कैडेट्स शामिल हैं। 44 डिग्री सेल्सियस के अत्यधिक तापमान में लगातार धूप में प्रशिक्षण मिलने के कारण शाम तक 20 से अधिक छात्राओं और 1 छात्र की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें उल्टी, दस्त, चक्कर आने और हीट स्ट्रोक की शिकायत के बाद रात 8.30 बजे जिला अस्पताल लाया गया। इस घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और गंभीर रूप से बीमार कैडेट्स को तुरंत भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। सीएमएचओ डॉ नवीन कोठारी ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है।

​अत्यधिक तापमान में कड़े प्रशिक्षण से बिगड़ी तबीयत

​1 एमपी आर्म्ड स्क्वाड्रन एनसीसी द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में पिछले कुछ दिनों से बढ़ते पारे के बीच भी कैडेट्स को खुले मैदान में प्रशिक्षण दिया जा रहा था। गुरुवार को जब तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया, तब सीधे धूप के संपर्क में रहने के कारण छात्राओं की शारीरिक स्थिति बिगड़ने लगी। दोपहर के बाद से ही कैडेट्स में कमजोरी और डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखने लगे थे। कुछ छात्राओं ने अत्यधिक गर्मी और अस्वस्थता का हवाला देकर कैंप छोड़कर वापस अपने घर जाने की अनुमति भी मांगी थी, लेकिन प्रबंधन द्वारा उन्हें कैंप में ही रुकने के लिए कहा गया। शाम होते-होते स्थिति इतनी खराब हो गई कि एक के बाद एक कई छात्राएं बेहोश होने लगीं।

​जिला अस्पताल में मची भगदड़,अफरातफरी

​शाम को जब बीमार छात्राओं की संख्या तेजी से बढ़ी, तो कैंप प्रशासन ने एम्बुलेंस और अन्य वाहनों की मदद से उन्हें रात को जिला अस्पताल पहुंचाना शुरू किया। इतनी बड़ी संख्या में बीमार छात्राओं के एक साथ अस्पताल पहुंचने से परिसर में अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने तुरंत मोर्चा संभाला और छात्राओं को अलग-अलग वार्डों में स्थानांतरित कर प्राथमिक उपचार देना शुरू किया। अचानक बढ़े मरीजों के दबाव के कारण अस्पताल प्रबंधन को अतिरिक्त बिस्तरों और आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं का इंतजाम आपातकालीन स्तर पर करना पड़ा।

​फूड प्वाइजनिंग की अफवाह का खंडन

​घटना की जानकारी शहर में फैलते ही हड़कंप मच गया और यह अफवाह तेजी से फैल गई कि कैंप में दूषित भोजन के सेवन से छात्राओं को फूड प्वाइजनिंग हुई है। इसके साथ ही इस मामले में सीधे तौर पर ट्रिपल आईटीडीएम संस्थान की लापरवाही को लेकर भी बातें होने लगीं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन और एनसीसी अधिकारियों ने इस भ्रामक खबर का खंडन किया। जांच के बाद यह पूरी तरह स्पष्ट किया गया कि बीमार होने का मुख्य कारण दूषित खान-पान नहीं बल्कि अत्यधिक लू और हीट स्ट्रोक है। इसके अलावा प्रशासन ने यह भी साफ किया कि बीमार छात्राएं एनसीसी की कैडेट्स हैं, न कि ट्रिपल आईटीडीएम की नियमित छात्राएं।

​बच्चों का इलाज जारी:सीएमएचओ

​इस पूरे घटनाक्रम पर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ नवीन कोठारी ने स्थिति स्पष्ट की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार अस्पताल लाए गए सभी कैडेट्स को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में सभी के भीतर लू और अत्यधिक गर्मी के लक्षण पाए गए हैं। जिन छात्राओं की हालत ज्यादा गंभीर और नाजुक बनी हुई थी, उन्हें डॉक्टरों की देखरेख में वार्डों में भर्ती कर लिया गया है, जबकि सामान्य रूप से प्रभावित कैडेट्स को प्राथमिक उपचार देकर उनकी निगरानी की जा रही है। वर्तमान में सभी की स्थिति नियंत्रण में है।

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