
जबलपुर। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी की केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद ने आज मेजर ध्यानचंद की 121वीं जयंती खेल दिवस के रूप में मनाई। महासचिव फिरोज कुमार मेश्राम, सचिव कार्यालय नितिन खत्री, खेल सचिव एमसी बालोदी और पूर्व सचिव अनिल अलंग ने मशाल परिसर में वर्ष 2024 में स्थापित प्रदेश की पहली ध्यानचंद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर जनसंपर्क अधिकारी पंकज स्वामी सहित संजय आनंद, क्रिस्टोफर नरोन्हा, सुमंत मिश्रा, सुनील सिंह, संजय केने, नीरज दुबे, महेंद्र सोनी, रावेन्द्र वर्मा, शेख गुलाम, संतोष द्विवेदी, संजय सिंह, अशोक चौहान, रवीन्द्र अवस्थी, सूर्यभान वर्मा, संजय पोल, सुरेन्द्र इंगले, रोहित कुशवाहा, जुक्त बहादुर, राकेश स्वामी, घनश्याम रान, आरडी प्रजापति, एसके शाह, माधुरी तिवारी, प्रतिभा पटेल, अनीता तिवारी और वैशाली सिंह उपस्थित थे।
बिजली कर्मी रोज 30 मिनट मैदान में बिताएं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिषद के महासचिव ने सभी विद्युत कंपनियों के कर्मचारियों से फिट इंडिया मूवमेंट के तहत प्रतिदिन 1 घंटा खेल खेलने का आह्वान किया। उन्होंने शारीरिक गतिविधि पर जोर देते हुए प्रत्येक कर्मचारी को साल में कम से कम 1 खेल से जुड़ने का संकल्प दिलाया ताकि वर्तमान जीवनचर्या में सभी स्वस्थ रह सकें।
मेजर ध्यानचंद का जबलपुर से गहरा संबंध था
कार्यक्रम में बताया गया कि ध्यानचंद 4 वर्ष की उम्र में अपने ताऊ के पास यहां आए थे। उनके छोटे भाई रूप सिंह का जन्म 1908 में यहीं हुआ था और बहन सुरजा देवी का विवाह 1940 में राइट टाउन स्थित हवाघर निवासी किशोर सिंह चौहान से हुआ था। वे अंतिम बार जनवरी या फरवरी 1975 में अखिल भारतीय विद्युत क्रीड़ा नियंत्रण मण्डल की हॉकी प्रतियोगिता का उद्घाटन करने शहर आए थे।
