
जबलपुर। मनेरी के अतुलित फिलिंग सेंटर पर 9 अगस्त की रात हथियारों के बल पर हुई सनसनीखेज डकैती के मुख्य सरगना आयुष विश्वकर्मा निवासी गढ़ा पुरवा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया मुख्य अभियुक्त जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में सिविल संकाय का 3 वर्ष का नियमित विद्यार्थी है। इस वारदात को अंजाम देने के लिए उसने कुल 8 नवयुवकों का गिरोह तैयार किया था। पुलिस ने मास्टरमाइंड के पास से 10000 रुपये बरामद किए हैं। इससे पहले टीम ने अमित झारिया, पवन झारिया, सौरभ शर्मा और शिवम श्रीपाल को 50500 रुपये नकद तथा वारदात में इस्तेमाल स्कार्पियो गाड़ी सहित पकड़ा था। मामले में अब तक 5 आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं, जबकि 2 अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
इंजीनियरिंग छात्र ने रची पूरी वारदात की पटकथा
उच्च तकनीकी शिक्षा हासिल कर रहे एक होनहार युवक का अपराध के दलदल में धंसना समाज और व्यवस्था के लिए चौंकाने वाला विषय है। जांच अधिकारियों के अनुसार अपने तकनीकी ज्ञान का दुरुपयोग करते हुए उसने डकैती का खाका बेहद शातिराना तरीके से तैयार किया था। वारदात के लिए मुख्य मार्ग से दूर एकांत में संचालित ईंधन केंद्र का चुनाव करना इसी सोची-समझी रणनीति का परिणाम था। उसने अपने हमउम्र परिचितों को रातों-रात अमीर बनने तथा ऐशो-आराम की जिंदगी जीने का सपना दिखाकर अपराध के रास्ते पर धकेल दिया। रिमांड पर लिए गए मुख्य सूत्रधार से सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की तहकीकात कर रही हैं कि वारदात में प्रयुक्त किए गए अवैध असलहे आखिर कहां से जुटाए गए थे और इस नेटवर्क के तार किन-किन अपराधियों से जुड़े हुए हैं।
कैमरों और कॉल डिटेल से खुला सारा राज
घटना घटित होने के बाद जांच दल ने आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का सहारा लेकर अपराधियों के पदचिह्नों का पीछा किया। राजमार्ग और टोल नाकों पर क्रियाशील कैमरों की रिकॉर्डिंग का सघन विश्लेषण किया गया। चेहरे ढके होने के बावजूद अपराधियों की शारीरिक बनावट, कद-काठी और वाहनों के भागने की दिशा से महत्वपूर्ण सूत्र हाथ लगे। सायबर शाखा ने घटनास्थल के आसपास सक्रिय रहे मोबाइल नंबरों के टावर लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड का बारीक मिलान किया। डिजिटल डेटा की कड़ियों को आपस में जोड़ने पर संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि हो गई। वैज्ञानिक विश्लेषण से मिले ठोस प्रमाणों के आधार पर जांच दल ने बिना समय गंवाए कार्रवाई का चक्रव्यूह तैयार कर लिया।
दो फरार आरोपियों की तलाश हुई तेज
सुराग मिलते ही पुलिस दस्तों ने अलग-अलग चिन्हित बस्तियों में एक साथ सुनियोजित दबिश दी। विशेष टीमों ने बरेला क्षेत्र, भूकम्प कॉलोनी तथा मेडिकल कॉलेज के समीपवर्ती रिहायशी इलाकों की घेराबंदी कर धरपकड़ अभियान चलाया। अचानक हुई इस अप्रत्याशित कार्रवाई ने बदमाशों को भागने या संभलने का कोई अवसर नहीं दिया। दो सीमावर्ती जिलों के थानों ने आपसी समन्वय स्थापित कर इस संयुक्त मुहिम को अंजाम तक पहुंचाया। शेष बचे दोनों वांछितों के संभावित ठिकानों, बीहड़ मार्गों और ग्रामीण अंचलों में स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है ताकि उन्हें भी शीघ्र दबोचकर पूरे प्रकरण का पूर्ण पटाक्षेप किया जा सके।
