
जबलपुर। विजय नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले महेश परियानी और उनकी बीमार पत्नी भावना के साथ हैदराबाद में किडनी दिलाने के नाम पर 22 लाख रुपए की बड़ी धोखाधड़ी हुई है। भावना किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और उपचार के लिए हैदराबाद के एक अस्पताल में गई थीं, जहाँ उनकी मुलाकात ओडिशा के कटक निवासी जयंत साहू और सुष्मिता नायक से हुई। आरोपियों ने स्वयं को किसी सामाजिक संस्था का सदस्य बताकर दम्पति को झांसे में लिया और कहा कि 22 लाख रुपए जमा करने पर किडनी डोनर मिल जाएगा। दम्पति ने विश्वास कर राशि दे दी, लेकिन न तो किडनी मिली और न ही पैसे वापस किए गए। पुलिस ने जयंत और सुष्मिता के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है और अब टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ओडिशा जाएगी।
कटक के जालसाजों ने रची ठगी की साजिश
आरोपियों ने भावना की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें विश्वास दिलाया कि उनकी संस्था कानूनी रूप से अंगदान की सुविधा उपलब्ध कराती है। महेश ने अपनी पत्नी की जान बचाने के लिए रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर 22 लाख रुपए की भारी भरकम राशि आरोपियों को सौंप दी। समय बीतने के बाद भी जब कोई डोनर उपलब्ध नहीं हुआ, तो महेश ने अपना पैसा वापस मांगा। तब आरोपियों ने उन्हें एक बैंक चेक दिया, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गया। फर्जी संस्था के नाम पर ठगी का शिकार हुए दम्पति ने तुरंत विजय नगर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है।
गिरोह के अन्य सदस्यों पर भी नजर
विजय नगर थाना पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपी जयंत साहू और सुष्मिता नायक कटक के रहने वाले हैं और इस तरह की धोखाधड़ी में शामिल रहे हैं। जांच अधिकारी के अनुसार, पुलिस की टीम जल्द ही ओडिशा रवाना होगी ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके और ठगी गई राशि वापस दिलाई जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के किसी भी अनैतिक और संदिग्ध झांसे में न आएं, क्योंकि किडनी का लेनदेन पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत होता है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी है और इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
