
जबलपुर। बरगी बांध के गेट खुलने से नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने पर ग्वारीघाट में सुरक्षा निगरानी कर रहे होमगार्ड के 8 जवानों से भरी मोटरबोट शुक्रवार को बीच धार में अचानक डूब गई। इस चार सीटर बोट को भानु नामक जवान चला रहा था, जिसमें क्षमता से दोगुने सुरक्षाकर्मी सवार थे। गश्त के दौरान अचानक इंजन बंद पड़ने से नाव में तेजी से पानी भरने लगा और वह गहराई में समा गई। बोट में सवार सभी जवानों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे वे पानी की सतह पर तैरते रहे। स्थानीय नाविकों की फुर्ती और जवानों के तैरने की क्षमता के कारण किसी की जान नहीं गई। होमगार्ड कमांडेंट नीरज सिंह ठाकुर और ग्वारीघाट थाना प्रभारी ने मौके का मुआयना करते हुए मामले में उच्च स्तरीय जांच शुरू करा दी है।
तेज बहाव के बीच नाविकों ने दिखाई बहादुरी
बरगी जलाशय से पानी छोड़े जाने के कारण नदी के सभी तटों पर तेज बहाव की स्थिति बनी हुई थी। इंजन ठप होते ही मोटरबोट अनियंत्रित होकर लहरों के थपेड़ों में हिचकोले खाने लगी। देखते ही देखते नाव के भीतर जलभराव हुआ और वह नदी के गहरे हिस्से में समा गई। अफरा-तफरी मचते ही कुछ जवानों ने बिना समय गंवाए पानी में छलांग लगाकर किनारे की ओर तैरना शुरू किया। उसी समय घाट पर मौजूद स्थानीय मल्लाहों ने अपनी छोटी नावें आगे बढ़ाकर डूब रहे कर्मियों को सहारा दिया। नाविकों की त्वरित सूझबूझ से गहरे पानी में फंसे जवानों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
चार की क्षमता में ठूंसे आठ जवान
सुरक्षा के बुनियादी कायदों की अनदेखी इस घटनाक्रम का सबसे बड़ा कारण बनकर उभरी। जिस मोटरबोट में अधिकतम 4 लोगों के बैठने की तकनीकी अनुमति थी, उसमें विभाग के 8 कर्मी सवार होकर गश्त पर निकल पड़े। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि नाव पर 10 से 11 लोग मौजूद थे, जिससे भार सीमा पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी थी। अतिरिक्त वजन होने के कारण नाव का संतुलन पहले से बिगड़ा हुआ था और इंजन के बंद होते ही वह जलधारा का दबाव बिल्कुल नहीं झेल सकी।
चालक की लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई शुरू
दुर्घटना की वास्तविक वजहों को तलाशने के लिए कमांडेंट ने तकनीकी और प्रशासनिक पड़ताल के निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रारंभिक छानबीन में मोटरबोट चला रहे जवान की कार्यप्रणाली और परिचालन संबंधी गलतियां उजागर हुई हैं। जांच दल इस बात का ब्योरा जुटा रहा है कि अधिक कर्मियों को ले जाने की इजाजत किसने दी थी और मशीन में आई खराबी के समय आपातकालीन उपाय क्यों नहीं चले। सुरक्षा तंत्र से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी अब बोट चालक से अलग से पूछताछ कर रहे हैं।
