ऐतिहासिक संग्राम सागर में गूंजा जल संरक्षण का नारा, मंत्री राकेश सिंह ने किया श्रमदान

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Newzo - News Editor
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पूर्वजों की जल धरोहर को भावी पीढ़ी के लिए सहेजना हम सभी का सामूहिक दायित्व

​ठाकुरताल जू रेस्क्यू सेंटर से जुड़ेगा संग्राम सागर और पर्यटकों के लिए बनेगी वीरांगना व्यंजन वाटिका

जबलपुर। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत ऐतिहासिक संग्राम सागर तालाब में एक भव्य स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लोकनिर्माण मंत्री राकेश सिंह की अगुवाई में आयोजित इस अभियान में भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद तालाब की सफाई की। इस महाअभियान में जबलपुर के प्रशासनिक अधिकारियों सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ हिस्सा लिया, जिनमें प्रमुख रूप से कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार, जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संदीप जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष आशा मुकेश गोटिया, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, पंकज दुबे, अभय सिंह ठाकुर, श्रीराम शुक्ला, शैलेंद्र विश्वकर्मा, नरेश पटेल, प्रशांत दुबे गुल्लन, प्रणय गुप्ता और संतोष यादव शामिल रहे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संस्कारधानी की ऐतिहासिक एवं धार्मिक आस्था के केंद्र संग्राम सागर को स्वच्छ और सुंदर बनाकर जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता पैदा करना है। प्रकृति द्वारा प्रदान किया गया पर्यावरण हमारे लिए एक अनमोल उपहार है, जिसके संरक्षण के लिए हमारे पूर्वजों ने अनुकरणीय कार्य करते हुए हमें यह समृद्ध विरासत सौंपी है। पूर्वजों की दूरदर्शिता के कारण ही जबलपुर में 52 ताल-तलैया जैसी जल संरचनाएं तैयार की गई थीं, ताकि भूमिगत जल का स्तर कम न हो सके। इसी कड़ी में गौंड काल के राजा संग्राम शाह द्वारा निर्मित संग्राम सागर तालाब को संवारने के लिए पूर्व में भी 15 दिनों तक विशेष सफाई अभियान चलाया गया था। अब इस ऐतिहासिक धरोहर को आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना के तहत विकास कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसके अंतर्गत तालाब परिसर में पाथवे निर्माण, लाइटिंग, सुंदर उद्यान और कैफेटेरिया का निर्माण किया जा चुका है, तथा अब इसके सामने के हिस्से को और अधिक भव्य स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।

दिया वीरांगना व्यंजन वाटिका का नाम

​इस जल संरचना के पास नागरिकों और पर्यटकों के लिए एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और आकर्षक फूड जोन विकसित किया जाएगा, जिसे वीरांगना व्यंजन वाटिका का नाम दिया गया है। इस अनूठी वाटिका में आने वाले लोग प्रकृति के मनोरम दृश्यों के बीच लगभग 52 विभिन्न पारंपरिक व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा घोषित ठाकुरताल अभ्यारण्य जू कम रेस्क्यू सेंटर को भी संग्राम सागर के साथ जोड़ा जा रहा है, जिससे यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को वन्यजीवों, प्रकृति और लजीज खानपान का एक साथ अनूठा अनुभव प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री की इस पर्यावरण संरक्षण की संकल्पना को साकार करने में मध्य प्रदेश का लोक निर्माण विभाग भी लगातार अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। जबलपुर में जनसहयोग के माध्यम से जल संरक्षण की दिशा में पहले भी कई महत्वपूर्ण प्रयास किए जा चुके हैं, जिनमें जल रक्षा यात्रा, कन्तुर लगाना, गैवेडियन बांध का निर्माण और प्राचीन बावड़ियों को जल मंदिर के रूप में पुनर्जीवित करना शामिल है। इन कार्यों की सराहना स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोशल मीडिया पर की जा चुकी है, जो पर्यावरण के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। संग्राम सागर के इस स्वच्छता अभियान को पूरी तरह एक जन आंदोलन का रूप दिया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, समृद्ध और विकसित जल धरोहर उपहार स्वरूप सौंपी जा सके।

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