जबलपुर: अवैध लकड़ी के टाल और कारखाने पर वन विभाग का शिकंजा

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Newzo - News Editor 43 Views
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नगर निगम के सामुदायिक भवन में होता था अवैध लकड़ी का स्टॉक,अवैध कारोबार के पीछे बड़ा नेटवर्क सक्रिय

जबलपुर। जबलपुर के गौर पुलिस चौकी क्षेत्र में वन विभाग की टीम ने गुरुवार शाम 5 बजे एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए बिना लाइसेंस चल रही अवैध आरा मशीन और लकड़ी के गोदाम पर छापा मारा। वन मण्डलाधिकारी के सख्त दिशा-निर्देशन में बनी विशेष टीम ने यह औचक निरीक्षण किया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि यह अवैध कारोबार अमरजीत सिंह ठाकुर उर्फ बंटी ठाकुर द्वारा चलाया जा रहा था। एसडीओ फॉरेस्ट आकाश साहू ने स्पष्ट किया कि मौके पर कोई भी वैध कागजात या लाइसेंस नहीं मिला, जिसके बाद मध्य प्रदेश काष्ठ चिरान अधिनियम के तहत सख्त प्रकरण दर्ज किया गया। यह अवैध कारखाना गौर चौकी के पीछे नगर निगम के सामुदायिक भवन के पास संचालित किया जा रहा था और आरोपी इस सरकारी खाली जमीन पर कब्जा करने की फिराक में भी था।

​बिना लाइसेंस चल रहा था कारखाना।

​छापेमारी के दौरान वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर भारी अनियमितताएं देखने को मिलीं। संचालक वहां रखी लकड़ी और काष्ठ सामग्री से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार यह अवैध कारखाना पिछले काफी समय से पर्यावरण के नियमों को ताक पर रखकर चुपचाप चलाया जा रहा था। विभाग ने मौके से सभी संदिग्ध उपकरणों और भारी मात्रा में कीमती लकड़ी को अपने कब्जे में ले लिया है। जब्द की गई सामग्री की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की हेराफेरी न हो सके और इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश तेजी से की जा रही है।

​सरकारी जमीन पर कब्जे की थी पूरी तैयारी

​स्थानीय लोगों ने बताया कि अमरजीत सिंह बंटी ठाकुर ने गौर चौकी के ठीक पीछे बने नगर निगम के सामुदायिक भवन के आसपास अवैध रूप से लाई गई लकड़ियों का बड़ा स्टॉक जमा कर रखा था। उसकी नजर इस आसपास की सरकारी खाली जमीन पर भी थी और वह लंबे समय से इस बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा करने की साजिश रच रहा था। इस खुलासे के बाद स्थानीय प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों की नींद भी उड़ गई है क्योंकि वन विभाग के साथ अब अन्य विभाग भी इस अतिक्रमण के एंगल पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।

​कार्रवाई से लकड़ी कारोबारियों में मच गया हड़कंप

​एसडीओ फॉरेस्ट आकाश साहू ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि विभाग को इस अवैध कारोबार के पीछे एक बड़े और संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। गुप्त सूचनाओं के आधार पर की गई इस कार्रवाई के बाद कागजी दस्तावेजों का पूर्ण सत्यापन किया जा रहा है जिससे आने वाले दिनों में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। वन विभाग की इस सख्त और ताबड़तोड़ कार्रवाई से इलाके के तमाम अवैध लकड़ी कारोबारियों में भारी डर और खौफ का माहौल बन गया है। इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले और अवैध धंधे चलाने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के तहत बख्शा नहीं जाएगा।

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