खाना मांगने पर बड़े भाई ने छोटे भाई पर हंसिया से किया जानलेवा हमला
भेड़ाघाट क्षेत्र के हीरापुर बंधा गांव में वारदात के बाद आरोपी फरार पुलिस ने दर्ज किया केस

जबलपुर। भेड़ाघाट थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद के दौरान छोटे भाई पर धारदार हथियार से हमला करने का मामला सामने आया है। खाना परोसने को लेकर हुए मामूली विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई पर हंसिया चला दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
ग्राम हीरापुर बंधा निवासी 60 वर्षीय हक्कू भूमिया ने पुलिस को बताया कि 1 सितंबर 2026 की रात लगभग 9 बजे वह अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान उनका छोटा बेटा कृष्णा मोहल्ले से शराब के नशे में घर पहुंचा। घर में खाना बन रहा था, तभी कृष्णा ने अपने बड़े भाई प्रकाश भूमिया से तुरंत खाना परोसने को कहा। प्रकाश ने उससे कहा कि खाना अभी तैयार हो रहा है, थोड़ा इंतजार कर लो, बनते ही खाना मिल जाएगा। इतनी सी बात पर कृष्णा उत्तेजित हो गया और बड़े भाई के साथ गाली-गलौज करते हुए झूमाझपटी करने लगा।
विवाद बढ़ने पर प्रकाश भी अपना आपा खो बैठा। गाली-गलौज के बीच प्रकाश घर में रखा धारदार हंसिया उठा लाया और छोटे भाई कृष्णा पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में हंसिया लगने से कृष्णा के गाल और दोनों हाथों की उंगलियों में गहरे घाव हो गए। लहूलुहान हालत में चीख-पुकार मचने पर आरोपी प्रकाश जान से मारने की धमकी देता हुआ अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला।
घटना के बाद परिजनों और पड़ोसियों ने तुरंत डायल 112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घायल युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार जारी है। बुजुर्ग पिता की शिकायत पर भेड़ाघाट थाना पुलिस ने आरोपी प्रकाश भूमिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 118(1) और 351(2) के तहत जानलेवा हमला और धमकी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी की संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है।
पनागर के निपनिया गांव में सूने मकान का ताला तोड़कर जेवरात और नकदी चोरी
रिश्तेदारी में गया था परिवार सुबह पड़ोसी भतीजे ने दी दरवाजे का ताला टूटने की सूचना
जबलपुर। पनागर थाना क्षेत्र के ग्राम निपनिया में सूने मकान को निशाना बनाकर अज्ञात चोरों ने लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। परिवार के सदस्य एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने दूसरे गांव गए हुए थे। जब वे वापस लौटे तो घर का ताला टूटा मिला और कीमती सामान गायब था।
ग्राम निपनिया निवासी 46 वर्षीय रामजी काछी ने बताया कि 31 अगस्त 2026 की दोपहर वह अपने पूरे परिवार के साथ रिश्तेदारी में गौर बरेला गए हुए थे। मकान पूरी तरह सूना था और मुख्य दरवाजे पर ताला जड़ा हुआ था। 1 सितंबर 2026 की सुबह लगभग 5 बजे उनके भतीजे अमित काछी ने फोन पर सूचना दी कि मकान का ताला टूटा हुआ है। अमित ने बताया कि रात लगभग 12 बजे तक मकान पर ताला लगा हुआ था, लेकिन सुबह जब वह उठा तो दरवाजा खुला हुआ दिखाई दिया।
भतीजे ने जब अंदर जाकर देखा तो घर की अलमारियां खुली पड़ी थीं और सारा सामान कमरे में बिखरा था। खबर मिलते ही परिवार आनन-फानन में गांव वापस पहुंचा। पीड़ित ने घर के भीतर जाकर देखा तो कमरों का सामान अस्त-व्यस्त था। चोरों ने अलमारी और लोहे की पेटी के लॉक तोड़कर वहां रखे जेवरात निकाल लिए थे। चोरी गए सामान में पत्नी का सोने का मंगलसूत्र, 1 जोड़ी टॉप्स, 1 लॉकेट, 1 बच्चे का हाय चंद्रमा, चांदी की पायल, 1 चेन, 7 चूड़ियां और 10 हजार रुपये नकद शामिल थे।
अज्ञात चोरों ने सूनेपन का फायदा उठाकर रात के सन्नाटे में वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद पीड़ित ने पनागर थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना कर फिंगरप्रिंट और आसपास के रास्तों की जानकारी जुटाई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) और 305(ए) के तहत नकबजनी का प्रकरण दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है।
ग्वारीघाट में महिला के मायके जाते ही सूने घर में घुसे चोर एलईडी टीवी और नकदी पार
पड़ोसी की सूचना पर बेटे के साथ घर लौटी पीड़िता अलमारी से चांदी की चेन भी गायब
जबलपुर। ग्वारीघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत सूने मकान का ताला चटकाकर चोर कमरे में लगी एलईडी टीवी, चांदी के आभूषण और नकदी चुरा ले गए। महिला अपने मायके गई हुई थी, इसी दौरान सूने घर की रेकी कर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। सुबह पड़ोसियों की सूचना पर पीड़िता को चोरी की जानकारी मिली।
बादशाह हलवाई मंदिर के पास रहने वाली 43 वर्षीय वर्षा चौधरी ने बताया कि 31 अगस्त 2026 की रात लगभग 8 बजे वह अपने घर में ताला लगाकर मायके चली गई थीं। मकान पूरी तरह सूना था। 1 सितंबर 2026 की सुबह लगभग 7 बजे पड़ोस में रहने वाली प्रिया गुप्ता ने उन्हें फोन पर बताया कि उनके घर के दरवाजे का कुंडा और ताला टूटा पड़ा है। सूचना पाते ही वह अपने बेटे समीर के साथ तुरंत मायके से घर लौटीं।
घर पहुंचने पर देखा कि मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ था और भीतर का सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। कमरे की दीवार पर लगी इंटेक्स कंपनी की टीवी गायब थी। इसके अलावा अलमारी के पास रखे बैग की तलाशी ली गई तो उसमें रखी चांदी की चेन और रखे हुए 12 हजार रुपये नकद भी नदारद थे। अज्ञात चोर रात के अंधेरे में ताला तोड़कर भीतर घुसे और कीमती सामान समेटकर रफूचक्कर हो गए।
वारदात की सूचना तुरंत ग्वारीघाट पुलिस को दी गई। पुलिस दल ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और आसपास के लोगों से संदिग्धों की आवाजाही के बारे में पूछताछ की। पीड़िता की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) और 305(ए) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। क्षेत्र में लगे निगरानी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
उज्जैन महाकाल दर्शन करने गया था परिवार संजीवनी नगर में सूने मकान से भारी नकबजनी
दीवान और अलमारी से सोने-चांदी के दर्जनों जेवर सहित 1 लाख रुपये नकद ले उड़े चोर
जबलपुर। संजीवनी नगर थाना क्षेत्र स्थित नवनिवेश कॉलोनी में चोरों ने एक सूने मकान से लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी पार कर दी। परिवार उज्जैन महाकाल दर्शन करने गया हुआ था। पीछे से चोरों ने अंदरूनी दरवाजे का ताला तोड़कर कमरे में रखी तिजोरी, अलमारी और दीवान के बॉक्स खंगाल डाले।
गणेश मैदान के सामने नवनिवेश कॉलोनी गंगानगर निवासी 34 वर्षीय अजितेश तिवारी तिलवारा स्थित यूपीवीसी विंडो कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 28 अगस्त 2026 की शाम लगभग 5 बजे वह अपने पूरे परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर उज्जैन गए थे। 1 सितंबर 2026 की दोपहर लगभग 3 बजकर 45 मिनट पर जब परिवार घर लौटा तो मुख्य गेट का ताला तो लगा मिला, लेकिन अंदर के मुख्य कमरे का दरवाजा टूटा हुआ था।
अंदर जाकर देखने पर पता चला कि घर के सारे कमरे अस्त-व्यस्त थे। अलमारी खुली पड़ी थी, कपड़े जमीन पर बिखरे थे और दीवान का स्टोरेज बॉक्स खुला था। जेवर के खाली डिब्बे और टूटी हुई गुल्लक फर्श पर पड़ी मिली। जांच करने पर दीवान में रखे सोने का 1 हार, 3 जोड़ी झुमके, 1 मंगलसूत्र, 4 कंगन, 5 अंगूठी, 1 नथ, 2 लौंग, 1 बेंदी, 1 चेन तथा चांदी की 5 चूड़ियां, 1 गुच्छा, 3 जोड़ी पायल, 1 जोड़ी बच्चे की पायल, 10 जोड़ी बिछिया, 1 बच्चे की करधन, 2 हाय चंद्रमा, 8 जोड़ी बच्चों के चूड़े और 1 लाख रुपये नकद गायब थे।
चोरों ने परिवार की गैरमौजूदगी का पूरा फायदा उठाया और घर से लाखों की संपत्ति समेट ली। सूचना मिलने पर संजीवनी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) और 305(ए) के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू कर दी है। आसपास की कॉलोनियों के सुरक्षा कैमरों की जांच की जा रही है।
भेड़ाघाट में जहरीली वस्तु खाने से बीमार ऑटो चालक की इलाज के दौरान मेडिकल में मौत
शराब के नशे में बेटी को फोन कर दी थी जानकारी पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच
जबलपुर। भेड़ाघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत जहरीली वस्तु का सेवन करने से एक 45 वर्षीय ऑटो चालक की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। अत्यधिक शराब पीने के आदी व्यक्ति ने पारिवारिक तनाव या अन्य कारणों से सल्फास खा लिया था। हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया।
ग्राम राजा बरखेड़ा निवासी 43 वर्षीय नोकेलाल चौधरी ने भेड़ाघाट थाने में जानकारी दी कि उनका मंझला भाई जुगराज चौधरी ऑटो चलाकर अपना गुजारा करता था। वह लंबे समय से शराब पीने का आदी था और अक्सर नशे में रहता था। 1 सितंबर 2026 की शाम लगभग 4 बजे जुगराज ने अपनी बेटी आंचल चौधरी को फोन किया। उसने बेटी से कहा कि वह ग्राम छेड़ी में मौजूद है, उसने शराब पी रखी है और अपनी मर्जी से सल्फास की गोली खा ली है।
बेटी ने यह बात तुरंत अपने चाचा नोकेलाल और परिवार के अन्य लोगों को बताई। खबर मिलते ही परिजन घबरा गए और तलाश करते हुए ग्राम छेड़ी स्थित नहर के समीप पहुंचे। वहां जुगराज बेसुध हालत में पड़ा था और उसे लगातार उल्टियां हो रही थीं। परिजनों ने बिना समय गंवाए उसे संभाला और निजी वाहन से तत्काल नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया।
अस्पताल के आईसीयू वार्ड में डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन जहर पूरे शरीर में फैल चुका था। तमाम कोशिशों के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और 2 सितंबर 2026 की सुबह लगभग 6 बजकर 30 मिनट पर उपचार के दौरान उसने अंतिम सांस ली। अस्पताल चौकी से मिली तहरीर के आधार पर भेड़ाघाट पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस खुदकुशी के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है।
रांझी में मानसिक तनाव से जूझ रहे 14 वर्षीय छात्र ने फांसी लगाकर की खुदकुशी
अस्पताल में डॉक्टर को दिखाकर लौटा था घर परिजनों से नजर बचाकर खंडहर में उठाया कदम
जबलपुर। रांझी थाना क्षेत्र में एक 14 वर्षीय किशोर ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मानसिक अस्वस्थता से जूझ रहा छात्र डॉक्टर से परामर्श लेकर घर लौटा था और परिजनों की नजर से बचकर पास के मैदान में बने जर्जर शेड में जाकर फंदे पर झूल गया। घटना से क्षेत्र में शोक का माहौल है।
गंगामैया विश्वकर्मा मंदिर के पास रहने वाले 48 वर्षीय मनीष बाजपेई ने पुलिस को बताया कि वह किराना दुकान चलाते हैं। उनके छोटे भाई आशीष बाजपेई इंदौर में निजी नौकरी करते हैं। कई वर्ष पूर्व आशीष की पत्नी का निधन हो गया था, जिसके बाद से उनके 14 वर्षीय बेटे शुभ आशीष की देखरेख और पालन-पोषण मनीष ही कर रहे थे। लगभग एक महीने से शुभ आशीष की तबीयत खराब चल रही थी और उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था। वह पूर्व में भी 4 से 5 बार आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास कर चुका था।
1 सितंबर 2026 को परिजन शुभ आशीष को उपचार और काउंसलिंग के लिए मेडिकल कॉलेज स्थित मनोरोग विशेषज्ञ के पास ले गए थे। डॉक्टर ने परीक्षण के बाद बताया कि उसकी मानसिक स्थिति गंभीर है, इलाज से सुधार हो सकता है अथवा वह कोमा में जा सकता है। शाम करीब 4 बजे परिजन उसे लेकर घर लौटे। मनीष ने उसे अपनी दुकान पर ही पास बिठाए रखा ताकि उसका मन लगा रहे और वह अकेले बाहर न जा सके।
इसी बीच ध्यान भटकते ही शुभ आशीष चुपचाप स्कूटी पेप लेकर घर से निकल गया। करीब 10 मिनट बाद परिजनों को उसके गायब होने का पता चला तो तलाश शुरू की गई। लगभग पौने घंटे की मशक्कत के बाद मोहल्ले के लड़कों ने रामलीला मैदान स्थित वीएफजे स्कूल के जर्जर खंडहर के पंडाल में स्कूटी खड़ी देखी। परिजन जब अंदर पहुंचे तो शुभ आशीष फंदे पर लटका मिला। आनन-फानन में उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। रांझी पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पंचनामा तैयार किया और जांच शुरू कर दी है।
पाटन मार्ग पर दर्दनाक सड़क हादसा बाइक सवार 26 वर्षीय युवक की मौके पर मौत
पिता को लेने घर से निकला था मजदूर युवक सुबह पेट्रोल पंप के पास मिला शव
जबलपुर। पाटन थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में 26 वर्षीय एक बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत हो गई। पिता को लेने घर से निकला युवक रात भर वापस नहीं लौटा। सुबह सड़क किनारे झाड़ियों में उसका शव और क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल पड़ी मिली।
ग्राम भोरदा निवासी 33 वर्षीय सुरेन्द्र सिंह गोंड ने पाटन थाने में सूचना दी कि वह मजदूरी का काम करता है। 1 सितंबर 2026 की रात लगभग 8 बजे उसका छोटा भाई नरेन्द्र सिंह गोंड अपनी मोटरसाइकिल लेकर पिता को लेने के लिए उड़ना सड़क की ओर निकला था। देर रात तक जब वह घर वापस नहीं आया तो परिजनों को चिंता हुई। परिजनों ने उसके मोबाइल फोन पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन मोबाइल लगातार बंद आ रहा था। परिजनों को लगा कि देर होने के कारण वह शायद किसी परिचित या दोस्त के यहां रुक गया होगा।
2 सितंबर 2026 की सुबह लगभग 8 बजे राहगीरों और ग्रामीणों से सूचना मिली कि ग्राम मन्नी महगवां स्थित पेट्रोल पंप के पास मुख्य मार्ग पर एक दुर्घटना हुई है। सुरेन्द्र तुरंत मौके पर पहुंचा। वहां उसने देखा कि उसका छोटा भाई नरेन्द्र सिंह सड़क किनारे खून से लथपथ पड़ा हुआ था और पास ही उसकी मोटरसाइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में पड़ी थी।
दुर्घटना इतनी भीषण थी कि नरेन्द्र के माथे और नाक पर गंभीर चोटें आई थीं और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। आशंका जताई जा रही है कि रात के अंधेरे में किसी अज्ञात वाहन ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी या अनियंत्रित होकर बाइक फिसल गई। पाटन थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और मर्ग कायम कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
