जबलपुर: डूबते बेटे को बचाने गए पिता का शव मिला, बच्चे का सुराग नहीं

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Newzo - News Editor 57 Views
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जबलपुर। जिले के चरगवां थाना क्षेत्र स्थित भड़पुरा घाट पर नर्मदा नदी में हुए दर्दनाक हादसे में महाराष्ट्र के जलगांव निवासी किसान गणेश पाटिल का शव 2 दिन बाद घटनास्थल से 2 किलोमीटर दूर बरामद हुआ है। गणेश अपनी पत्नी रागिनी, बेटों विराट और 10 वर्षीय लकी सहित अन्य रिश्तेदारों के साथ भड़पुरा में सुनील महाराज के आश्रम आए थे। बुधवार शाम नदी किनारे नहाते समय लकी का पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के लिए पिता गणेश ने भी पानी में छलांग लगाई लेकिन दोनों तेज बहाव में बह गए। अब प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम लापता 10 साल के लकी की सरगर्मी से तलाश कर रही है और नरसिंहपुर पुलिस को भी अलर्ट किया गया है।

​रस्सी से बचाने का प्रयास पूरी तरह विफल

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब पिता और पुत्र नर्मदा नदी के तेज बहाव में बह रहे थे तब वहां मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। किनारे पर खड़े लोगों ने तत्काल पानी में एक लंबी रस्सी फेंकी ताकि पिता और पुत्र उसे पकड़ कर बाहर आ सकें। पानी का बहाव इतना अधिक था कि यह कोशिश काम नहीं आई और देखते ही देखते दोनों लोगों की आंखों के सामने ओझल हो गए। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें साफ तौर पर पिता और पुत्र पानी के बीच जिंदगी के लिए संघर्ष करते दिख रहे हैं। बरगी बांध के गेट खुले होने के कारण नदी का जलस्तर और बहाव बहुत ज्यादा था जिससे स्थानीय गोताखोरों को भी शुरुआत में बचाव कार्य करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। चरगवां थाना प्रभारी सरोजनी चौकसे को जैसे ही इस हादसे की सूचना मिली वह तुरंत अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गईं और आगे का मोर्चा संभाला।

​पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन महाराष्ट्र रवाना

​स्थानीय पुलिस के प्रयासों के बाद गुरुवार को एसडीआरएफ की विशेष टीम को रेस्क्यू अभियान के लिए बुलाया गया। टीम ने नाव और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से नदी के एक बड़े हिस्से में सघन छानबीन शुरू की। लगातार तलाश के बाद शुक्रवार को बचाव दल को घटनास्थल से कुछ दूरी पर पानी में उतराता हुआ एक शव दिखाई दिया। पास जाकर शिनाख्त करने पर वह गणेश का निकला। इसके बाद पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज भेजा। वहां पोस्टमार्टम की आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनके शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। हादसे से दुखी परिवार के सदस्य शव लेकर अपने गृह ग्राम लौट गए हैं।

​लापता लकी की तलाश में रेस्क्यू अभियान जारी

​पिता का शव मिलने के बाद अब गोताखोरों, स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम का पूरा ध्यान सिर्फ लापता बच्चे को खोजने पर केंद्रित है। शनिवार को भी सुबह से ही नदी में कई नावों के जरिए सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। नदी के बहाव की दिशा में आगे पड़ने वाले सभी संभावित घाटों और स्थानों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। एहतियात के तौर पर आगे के जिलों की सीमाओं पर भी वायरलेस सेट के माध्यम से सूचना दे दी गई है ताकि नदी किनारे कोई भी सुराग मिलने पर तुरंत रेस्क्यू दल वहां पहुंच सके। प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द बच्चे को भी ढूंढकर इस अभियान को पूरा किया जाए।

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