
ज़बलपुर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा राज्य बंटवारे की धारा 49 को समाप्त करने की घोषणा का मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी पी पाठक सहित यूके पाठक, दिनेश दुबे और सीताराम कुरचानिया ने स्वागत किया है। फेडरेशन के पदाधिकारियों अनूप वर्मा, उमाशंकर दुबे, के एन अग्निहोत्री, निर्मल शुक्ला, विमल महापात्र, अवनीश तिवारी, मोहन श्रीवास, एम पी तिवारी, राजेश मिश्रा, दीपक मेमने, बसंत मिश्रा, रंजीत दास, अजय चौबे, विनय पाठक, रवि चौबे, मोहित पटेल, योगेश पटेल, अक्षय श्रीवास्तव, मनोज पाठक, संजय सिंह, दिलीप पाठक और दयाशंकर द्विवेदी ने बताया कि पिछले 26 वर्षों से करीब 9 लाख पेंशनर्स इस कानूनी विसंगति के कारण समय पर महंगाई राहत और परिवार पेंशन राहत से वंचित थे।
बंटवारे के कानून की गलत व्याख्या से उपजा संकट
मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 (6) मूल रूप से वर्ष 2000 के पहले सेवानिवृत्त हुए अधिकारी-कर्मचारियों पर प्रभावी होती है। लेकिन कुछ तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इस नियम की त्रुटिपूर्ण व्याख्या की गई जिसके कारण इसे वर्ष 2000 के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों और पेंशनर्स पर भी जबरन थोप दिया गया। इसी वजह से पिछले 26 सालों से लाखों कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और नियमित मिलने वाले लाभों में गंभीर भेदभाव झेलना पड़ा।
नियमित कर्मचारियों के समान वित्तीय लाभ देने की मांग
फेडरेशन ने लंबे समय से राज्य सरकार और ऊर्जा विभाग से निरंतर पत्राचार कर यह मांग उठाई है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को महंगाई राहत हमेशा कार्यरत नियमित कर्मचारियों की देय तिथि से ही समान रूप से मिलनी चाहिए। वर्तमान में नियमित कर्मियों के महंगाई भत्ते और वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन राहत में काफी बड़ा अंतर चल रहा है जिसे समाप्त करना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही बिजली कंपनियों में पूर्व में मिल रही बिजली बिल रियासत योजना को दोबारा बहाल किया जाए।
बिजली विभाग के सेवानिवृत्त कर्मियों को सुरक्षा की गारंटी
फेडरेशन के महामंत्री ने मुख्यमंत्री से विशेष आग्रह किया है कि ऊर्जा विभाग के तहत आने वाली सभी विद्युत कंपनियों के पेंशनभोगियों की मासिक पेंशन की पूरी सुरक्षा और जिम्मेदारी राज्य सरकार को अपने हाथ में लेनी चाहिए। इसके अतिरिक्त बढ़ती उम्र के साथ पेंशनरों को क्रमशः 70, 75, 80, 85, 90, 95 और 100 वर्ष की आयु पूरी करने पर 5 प्रतिशत, 10 प्रतिशत, 15 प्रतिशत, 20 प्रतिशत, 30 प्रतिशत, 40 प्रतिशत, 50 प्रतिशत और 100 प्रतिशत का अतिरिक्त लाभांश दिया जाना चाहिए।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए देशव्यापी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना
संगठन ने केंद्र और राज्य स्तर पर यह मांग रखी है कि देश के सभी 65 वर्ष की आयु पार कर चुके सेवानिवृत्त वृद्धजनों और पेंशनभोगियों को आवश्यक रूप से आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना के दायरे में शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री की इस ऐतिहासिक घोषणा के बाद अब प्रदेश के लाखों परिवारों को विश्वास है कि सालों से अटका हुआ धारा 49 की समाप्ति का शासकीय आदेश जल्द से जल्द जारी होगा जिससे सभी को राहत मिलेगी।
