अवैध रेत खनन और हत्या के मामले में फंसे अमित खरे व आनंद सिंह लोधी पर शिकंजा और कसा

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Newzo - News Editor 31 Views
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जबलपुर। जिले के मेरेगांव इलाके में रेत के अवैध खनन से जुड़े विवाद में 5 लोगों की हत्या के मुख्य आरोपी और शाहपुरा जनपद पंचायत के वार्ड 16 से निर्वाचित सदस्य आनंद सिंह लोधी की सदस्यता पर बड़ा संकट आ गया है। जनपद पंचायत के प्रभारी सीईओ आकाश सूत्रकार ने इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जिला पंचायत को आधिकारिक प्रतिवेदन भेज दिया है। इसी आधार पर जिलाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने जेल में बंद आरोपी आनंद सिंह लोधी को औपचारिक नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस सनसनीखेज मामले में एसडीएम शाहपुरा मदन सिंह रघुवंशी और जिला खनिज अधिकारी सतीश मिश्रा ने भी अपनी प्रशासनिक स्थिति स्पष्ट की है जबकि साजिश के तहत राजेंद्र पटेल की हत्या कर दी गई थी।

​कानूनी प्रक्रिया के तहत सदस्यता पर खतरा मंडराया

मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 39 के अनुसार यदि किसी जनपद पंचायत सदस्य या अन्य पदाधिकारी के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले में आरोप तय किए जाते हैं या गंभीर अपराध का विचारण होता है तो निर्धारित सक्षम प्राधिकारी उसे पद से लम्बित कर सकता है। हत्या भ्रष्टाचार निवारण महिलाओं के खिलाफ अत्याचार या अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में यह कार्रवाई विशेष रूप से लागू होती है। इसी नियम के दायरे में अब आरोपी आनंद सिंह लोधी का गंभीर मामला आ चुका है क्योंकि वह संगीन आपराधिक आरोपों के चलते वर्तमान समय में भी जिला जेल में बंद हैं और उन पर कानूनी शिकंजा पूरी तरह से कसता जा रहा है।

​अवैध रेत स्टॉक और सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता

इधर मेरेगांव में रेत के अवैध स्टॉक के सम्बन्ध में अभी तक खननकर्ता की जानकारी नहीं जुटाई जा सकी है और फिलहाल रेत की सुरक्षा का कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं है। जितनी मात्रा में रेत मिली थी वह उतनी है या कम हो गई इस पर किसी भी प्रकार की निगरानी किसी भी जिम्मेदार विभाग द्वारा नहीं रखी जा रही है। बेलखेड़ा के पास जबलपुर भोपाल हाइवे के किनारे 300 हाइवा रेत जब्त होने के बाद ही प्रशासनिक हलचल तेज हुई थी। सूत्रों का कहना है कि इस हत्या के पीछे यह अवैध स्टॉक भी एक बड़ी वजह बना था। इस महत्वपूर्ण सम्बन्ध में शाहपुरा के एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि इस सम्बन्ध में माइनिंग विभाग ही कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह सक्षम है जबकि जिला खनिज अधिकारी सतीश मिश्रा का कहना है कि इस रेत के सम्बन्ध में निर्वतन की कार्रवाई माइनिंग कारपोरेशन को करना है।

​नरसिंहपुर के सुआतला थाना क्षेत्र की खौफनाक वारदात

नरसिंहपुर जिले के सुआतला थाना क्षेत्र में एक गहरी साजिश के तहत राजेंद्र पटेल सहित 5 लोगों की डम्पर से कुचलकर नृशंस हत्या कर दी गई थी। यह पूरी लड़ाई और खूनी संघर्ष प्रत्यक्ष रूप से रेत के अवैध खनन और उसके नियंत्रण से जुड़ी हुई है जिसमें आनंद सिंह लोधी को मुख्य आरोपियों में शामिल किया गया है। जनपद पंचायत शाहपुरा के प्रभारी सीईओ आकाश सूत्रकार ने प्रशासनिक बैठकों में आधिकारिक रूप से बताया कि वार्ड 16 से निर्वाचित विवादित जनपद सदस्य आनंद सिंह लोधी के इस अत्यंत बहुचर्चित प्रकरण में आगे की आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए पूरा विस्तृत प्रतिवेदन जिला पंचायत को भेज दिया गया है जिससे स्थानीय राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भारी हलचल मची हुई है।

अमित खरे के अस्पताल में आयुष्मान की जांच

इधर, जबलपुर शहर में डॉक्टर अमित खबरे के अस्पताल और उनकी कार्यप्रणाली की जांच का जिम्मा जिला प्रशासन ने एसडीएम गोरखपुर अनुराग सिंह को सौंप दिया है क्योंकि मदन महल इलाके में संचालित स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल का लाइसेंस हाल ही में निलंबित कर दिया गया है। डॉक्टर अमित खबरे के खिलाफ लगातार कई गंभीर शिकायतें मिल रही हैं और पीड़ित लोग खुद जिला प्रशासन के पास पहुंचकर अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। जांच में मुख्य रूप से यह बात सामने आई है कि आयुष्मान कार्ड के नाम पर सरकारी राशि का अवैध तरीके से आहरण किया जा रहा था और इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में मिलने वाले मुआवजे की प्रक्रिया में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की जा रही थीं। प्रशासन के इस कड़े कदम से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है क्योंकि कई और निजी अस्पतालों की फाइलें भी खंगाली जा रही हैं।अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही कानूनी शिकंजा और कसा जाएगा।

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