स्कूलों में औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप
लापरवाह शिक्षकों पर गाज गिरने की तैयारी


जबलपुर। जबलपुर संभाग के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए संयुक्त संचालक लोक शिक्षण घनश्याम सोनी ने मोर्चा संभाल लिया है। श्री सोनी के निर्देश पर संभाग के सभी जिलों में एक साथ सघन और औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था, बच्चों की उपस्थिति और परिसर की स्वच्छता का वास्तविक आकलन करना था। श्री सोनी ने स्वयं कटनी जिले के सांदीपनि विद्यालय स्लीमनाबाद और शासकीय हाई स्कूल छपरा के साथ जबलपुर जिले के सांदीपनि विद्यालय पनागर, पीएम श्री कन्या विद्यालय पनागर और शासकीय वरिष्ठ बुनियादी हाई स्कूल पनागर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान व्यवस्थाओं में भारी खामियां मिलीं, जिसके चलते अनियमितता बरतने वाले विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। संयुक्त संचालक ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बच्चों के भविष्य के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी शिक्षकों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
अनियमितता मिलने पर विद्यालयों को जारी किए नोटिस
निरीक्षण के दौरान अधिकांश विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बहुत कम मिली और परिसर में गंदगी का आलम था। सांदीपनि विद्यालय स्लीमनाबाद में प्राचार्य छुट्टी पर थे और कई कक्षाएं बिना शिक्षक के खाली पड़ी थीं। वहां शिक्षकों की दैनिक डायरी नहीं मिली। शासकीय हाई स्कूल छपरा में भी स्थिति खराब थी, जहां स्वच्छता का अभाव था और डेटा रजिस्टर अपूर्ण पाए गए। जबलपुर के पनागर स्थित सांदीपनि विद्यालय और पीएम श्री कन्या विद्यालय में विद्यार्थियों का गृहकार्य अधूरा था और शिक्षकों ने जरूरी रिकॉर्ड अपडेट नहीं किए थे। मझौली के मोहला स्थित माध्यमिक शाला में शिक्षक कक्षा में पढ़ाने के बजाय कार्यालय में बैठे मिले। इसके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी गौतम बर्वे ने पीएम श्री विद्यालय बेलखाडू का दौरा किया, जहां बच्चों को साइकिलें नहीं मिली थीं और समय-सारिणी भी गायब थी।
निरंतर निगरानी के लिए होगा ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम
संभाग के छिंदवाड़ा में 55, डिंडोरी में 5, बालाघाट में 3, कटनी में 2 और सिवनी में 2 विद्यालयों में औचक जांच की गई। इन सभी स्थानों पर पाई गई कमियों को लेकर सख्त रिपोर्ट तैयार की गई है। श्री घनश्याम सोनी ने बताया कि अब हर दिन विद्यालयों की सघन जांच होगी। प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के लिए संभाग स्तरीय ऑनलाइन मॉनिटरिंग दल गठित कर दिए गए हैं, जो नियमित रूप से स्कूलों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। शिक्षा विभाग का स्पष्ट मानना है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को बेहतरीन शिक्षा देना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। अब सभी जिलों में शैक्षणिक माहौल को दुरुस्त करने के लिए नई कार्ययोजना के तहत काम किया जाएगा ताकि सरकारी स्कूलों की दशा और दिशा दोनों में सकारात्मक बदलाव आ सके।
