
जबलपुर। अधारताल थाना क्षेत्र अंतर्गत मछली मार्केट के पास कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीती रात पुलिस की सरकारी गाड़ी में महिला सीएसपी के मौजूद होने के बावजूद नशे में धुत कुछ युवकों ने जमकर हंगामा और उपद्रव किया। इन शराबियों ने सीएसपी की गाड़ी के सामने ही न केवल रास्ता रोका बल्कि वहां मौजूद ड्राइवर के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार भी किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उन पर एफआईआर दर्ज कर ली है। हालांकि सीएसपी का कहना है कि उन्होंने विवाद को सुलझाने के लिए अपनी गाड़ी रुकवाई थी। इस घटना ने आम जनता के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भारी बहस छेड़ दी है।
पुलिस की साख को किया धूमिल
मछली मार्केट के पास हुए इस हंगामे के दौरान शराबियों का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया था कि उन्हें पुलिस की मौजूदगी का भी खौफ नहीं रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी काफी देर तक बीच सड़क पर शोर-शराबा करते रहे और वहां तैनात पुलिस बल की साख को धूमिल करने का प्रयास किया। वर्दी के रसूख को दरकिनार करते हुए इन युवकों ने न केवल सड़क जाम की बल्कि सरकारी वाहन को निशाना बनाकर अपनी दादागिरी प्रदर्शित की। इस पूरी घटना ने पुलिस की गश्त और निगरानी के दावों की कलई खोलकर रख दी है। सीएसपी द्वारा हस्तक्षेप करने के बाद ही मामला शांत हो सका। पुलिस अब वीडियो फुटेज के आधार पर उन सभी पहलुओं की जांच कर रही है जिससे यह पता चल सके कि उपद्रवियों के पीछे किसका संरक्षण था।
आरोपी पुलिस गिरफ्त में, जांच जारी
घटना के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और मौके से ही तीनों उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया गया। पकड़े गए युवकों पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि शहर में किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी, चाहे वह कोई भी हो। इस मामले ने यह साबित कर दिया है कि शराब के नशे में असामाजिक तत्व किस हद तक गिर सकते हैं। फिलहाल स्थानीय लोग इस घटना को लेकर काफी आक्रोशित हैं और पुलिस प्रशासन से ऐसी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं जिससे भविष्य में अपराधियों के मन में वर्दी का खौफ फिर से कायम हो सके। पुलिस विभाग अब इस घटना के बाद संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी बढ़ाने की तैयारी में है।
