
जबलपुर। स्वास्थ्य विभाग ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए गंभीर अनियमितताएं मिलने पर एक पैथोलॉजी लैब को सील कर दिया है और एक अस्पताल को नोटिस जारी किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी के निर्देश पर गठित जांच टीम ने औचक निरीक्षण किया। इस टीम में ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अमिता जैन, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जया श्रीवास्तव, जिला मीडिया अधिकारी अजय कुरील और सदस्य विकास श्रीवास्तव शामिल रहे। जांच के दौरान काँचघर स्थित डॉ लाल पैथलैब्स सैंपल कलेक्शन सेंटर तथा स्नेह नगर लेबर चौक स्थित जनता पाइल्स आयुर्वेदिक हॉस्पिटल की पोल खुल गई। अधिकारियों की इस ताबड़तोड़ और सख्त कार्रवाई से चिकित्सा जगत में हड़कंप मच गया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों में खलबली है।
दस्तावेजों में मिली भारी धांधली
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में गठित दल ने सबसे पहले काँचघर क्षेत्र में संचालित होने वाले डॉ लाल पैथलैब्स सैंपल कलेक्शन सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां कई प्रकार की गंभीर लापरवाही और अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के वक्त सेंटर पर इलाइट इंजीनियरिंग बायोमेडिकल वेस्ट का आवश्यक रजिस्टर बिल्कुल भी प्राप्त नहीं हुआ। इसके अलावा वहां सेवा दे रहे संबंधित टेक्नीशियन के पास न तो नई दिल्ली पैरामेडिकल काउंसिल और न ही मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल का वैध रजिस्ट्रेशन पाया गया। नियमों की इस बड़ी अनदेखी को देखते हुए जांच दल ने तत्काल प्रभाव से सैंपल कलेक्शन सेंटर को सील कर दिया। सेंटर संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे 3 दिवस के भीतर अपने संस्थान से जुड़े सभी कर्मचारियों के दस्तावेजों और पंजीयन से संबंधित कागजातों के साथ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में उपस्थित हों।
अचानक जांच में आयुर्वेदिक अस्पताल की पोल खुली
निरीक्षण अभियान के अगले चरण में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लेबर चौक और स्नेह नगर क्षेत्र स्थित जनता पाइल्स हॉस्पिटल का औचक रुख किया। इस अस्पताल के संचालन में भारी गड़बड़ियों की आशंका के चलते मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ नवीन कोठारी ने मौखिक निर्देश देकर जिला मीडिया अधिकारी श्री अजय कुरील और सदस्य विकास श्रीवास्तव को मौके पर भेजा था। टीम की गहन जांच में पता चला कि अस्पताल का पंजीयन तो सिर्फ आयुर्वेदिक उपचार के लिए कराया गया था, लेकिन अंदर भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयां रखी हुई मिलीं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अस्पताल के पास इलाइट इंजीनियरिंग बायोमेडिकल वेस्ट का पंजीयन तो है, लेकिन उसका जरूरी मेंटेनेंस रजिस्टर मौके पर उपलब्ध नहीं था। इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल प्रबंधन को तुरंत नोटिस थमाया गया है। प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने सभी कार्यरत स्टॉफ की शैक्षणिक योग्यता के सर्टिफिकेट और अस्पताल के पंजीयन से जुड़े तमाम दस्तावेज लेकर 3 दिन के अंदर विक्टोरिया स्थित सीएमएचओ कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित हों।
