
डिंडौरी। जिले में पुलिस ने मोबाइल गुमशुदगी के मामलों में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एसपी आशीष खरे के मार्गदर्शन में पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 271 लोगों को उनके खोए हुए फोन वापस सौंपे गए। ये मोबाइल पिछले 7 महीनों के दौरान जिले के विभिन्न इलाकों से बरामद किए गए थे। बरामद किए गए फोन्स की कुल अनुमानित कीमत 48.78 लाख रुपए है। अपने खोए हुए कीमती डिवाइस वापस पाकर मोबाइल मालिकों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की। इस मौके पर एएसपी रेखा धर्मेंद्र सिंह और एसडीओपी सतीश द्विवेदी सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। इस उपलब्धि ने पुलिस की तकनीकी कुशलता और जनता के प्रति उनकी तत्परता को एक बार फिर से सिद्ध कर दिया है।
साइबर सेल की मदद से ट्रेस हुए फोन
खोए हुए फोन्स को ढूंढना पुलिस के लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसके लिए साइबर सेल और स्थानीय थानों की टीमों ने संयुक्त रूप से प्रयास किए। पुलिस ने इन मोबाइल फोन्स को खोजने के लिए आधुनिक तकनीक जैसे आईएमईआई ट्रैकिंग और डिजिटल निगरानी का भरपूर इस्तेमाल किया। तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से उनकी लोकेशन ट्रेस की गई और उन्हें सुरक्षित बरामद किया गया। एसपी आशीष खरे ने आम जनता से आग्रह किया है कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में बिना किसी देरी के नजदीकी थाने में सूचित करें और सरकार के सीईआईआर पोर्टल पर अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। इससे पुलिस को कार्रवाई करने में बहुत आसानी होती है और बरामदगी की संभावना बढ़ जाती है।
जिले के विभिन्न थानों से हुई बरामदगी
जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से बरामद किए गए फोन्स की संख्या इस प्रकार रही: शहपुरा से 73, समनापुर से 61, सिटी कोतवाली से 45, बजाग से 30, मेहंदवानी से 19, गाड़ासरई से 18, करंजिया से 14 और शाहपुर से 11 मोबाइल बरामद किए गए। इसी अभियान के तहत बूढ़न ग्राम पंचायत के सचिव प्रकाश चंद्र पिटानिया को भी उनका खोया हुआ फोन वापस मिला। सात महीने पहले बाइक से यात्रा के दौरान उनका फोन गिर गया था। उसमें सरकारी कामकाज से जुड़े कई जरूरी दस्तावेज और नंबर थे, जिनके कारण उनका काम बाधित हो रहा था। फोन वापस पाकर उन्होंने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार व्यक्त किया।
