


जबलपुर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को जबलपुर प्रवास के दौरान व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में टी-72 और टी-90 टैंकों की आधुनिक ओवरहालिंग सुविधा का विधिवत भूमि पूजन किया। 472 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाला यह रक्षा प्रोजेक्ट सेना की युद्धक तैयारियों को सुदृढ़ करेगा। कार्यक्रम में सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड सीएमडी सत्यव्रत मुखर्जी, मेजर जनरल संजय गौतम, संभागायुक्त धनंजय सिंह, पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा, पुलिस उप महानिरीक्षक अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय और नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार उपस्थित रहे। रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह कदम देश की औद्योगिक आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाई देने के साथ ऐतिहासिक शहर जबलपुर को रक्षा निर्माण के नक्शे पर और अधिक गौरवशाली पहचान दिलाएगा।
सेना को हर साल 230 टैंक मिलेंगे
इस रणनीतिक परियोजना के पूर्ण होने के बाद जबलपुर स्थित वीएफजे इकाई में प्रति वर्ष 80 टैंकों के जीर्णोद्धार और तकनीकी सुधार की अतिरिक्त क्षमता तैयार होगी। वर्तमान समय में तमिलनाडु के आवडी स्थित भारी वाहन निर्माणी में प्रति वर्ष 150 टैंकों की मरम्मत और ओवरहालिंग की जाती है। जबलपुर की नई इकाई जुड़ने से दोनों केंद्रों की कुल क्षमता बढ़कर 230 टैंक प्रति वर्ष पहुंच जाएगी। इस विस्तार से भारतीय थलसेना को अपनी सामरिक आवश्यकताओं के अनुसार युद्धक टैंक बिना किसी देरी के उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे अग्रिम मोर्चों पर सेना की तैनाती और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेंगे बड़े तकनीकी अवसर
472 करोड़ रुपए के इस बड़े निवेश से महाकौशल क्षेत्र के कुशल युवाओं और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। हमारे युवाओं में योग्यता और कौशल की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें आधुनिक अवसर, अत्याधुनिक तकनीक और उपयुक्त औद्योगिक परिवेश उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। जब यह अनुकूल माहौल मिलता है तो युवा शक्ति राष्ट्र निर्माण में सबसे अहम भूमिका निभाती है। जबलपुर का यह नया रक्षा केंद्र स्थानीय वर्कफोर्स को उन्नत सैन्य इंजीनियरिंग सीखने और उसमें सीधे योगदान देने का उत्कृष्ट मंच प्रदान करेगा।
रक्षा निर्माण में एवीएनएल का मजबूत आधार
आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड देश के सैन्य विनिर्माण तंत्र का एक मजबूत आधार स्तंभ बन चुका है। संस्थान के पास टी-72 और टी-90 श्रेणी के टैंकों की ओवरहालिंग का 25 वर्षों से अधिक का लंबा और सफल अनुभव मौजूद है। आने वाले समय में यह उपक्रम गुणवत्ता, बेहतर उत्पादकता, अनुसंधान और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के नए मानक स्थापित करेगा। यह परियोजना न केवल भारतीय सेना को आधुनिक बख्तरबंद सुरक्षा देगी बल्कि जबलपुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर के रक्षा निर्माण केंद्र के रूप में भी स्थापित करेगी।
