इटारसी रेलवे स्टेशन नकदी गबन कांड में रेल अफसर को जमानत नहीं

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Newzo - News Editor 57 Views
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जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने पश्चिम मध्य रेलवे के इटारसी स्टेशन पर 4,47,706 रुपये के सरकारी कैश गबन मामले में चीफ बुकिंग सुपरवाइजर भावना राय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इस प्रकरण में 5 दिसंबर 2024 से 6 दिसंबर 2024 के दौरान टिकट बिक्री से जमा नकदी गायब हुई थी, जिसकी एफआईआर 1 वर्ष बाद 15 जनवरी 2026 को दर्ज कराई गई थी। मामले में भावना राय के साथ असिस्टेंट चीफ बुकिंग सुपरवाइजर कुमारी रिंकी पटेल तथा स्टेशन मैनेजर अनिल कुमार राय को भी आरोपी बनाया गया है। अदालत ने साफ किया कि सामूहिक साजिश और सार्वजनिक धन के गबन के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए राहत नहीं दी जा सकती।

​आरोपी महिला अधिकारी ने खुद को बेकसूर बताया

​याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि कथित घटना की अवधि में वह कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं थीं बल्कि विधिवत अवकाश पर थीं। उनका मासिक वेतन 1,00,000 रुपये से अधिक है, इसलिए इतने कम रुपयों के लिए कोई भी व्यक्ति अपनी नौकरी, भविष्य की पेंशन तथा सामाजिक मान-सम्मान को खतरे में नहीं डालेगा। विभागीय स्तर पर हुई प्रारंभिक जांच में भी किसी अन्य कर्मचारी को जिम्मेदार पाया गया था। लिहाजा इस आधार पर उन्हें गिरफ्तारी से पूर्व सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए।

​मामले की विस्तृत जांच अभी बाकी

​सरकारी वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि पूरा अपराध विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से योजनाबद्ध तरीके से किया गया है। केवल छुट्टी पर होने से किसी भी जिम्मेदार अधिकारी को षड्यंत्र के दायरे से बाहर नहीं माना जा सकता। प्रकरण में अभी वित्तीय हेराफेरी की कड़ियों को पूरी तरह सुलझाया जाना शेष है।

​एकलपीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद टिप्पणी की कि सार्वजनिक खजाने के गबन से जुड़े मामलों में अग्रिम जमानत देने से पहले जांच की प्राथमिक जरूरतों को अनदेखा नहीं किया जा सकता। षड्यंत्र में प्रत्येक आरोपी की वास्तविक भागीदारी अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। जांच को निष्पक्ष बनाए रखने और साक्ष्यों की सुरक्षा के लिए याचिकाकर्ता को अग्रिम राहत देने से इनकार कर दिया गया।

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