
जबलपुर। जिले में विस्फोटक पदार्थों के निर्माण, संग्रहण और विक्रय केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी राघवेन्द्र सिंह ने 5 विशेष दलों का गठन किया है। गृह विभाग के निर्देशों पर शुरू हुए इस अभियान में संयुक्त कलेक्टर मानवेन्द्र सिंह, ज्योति परस्ते, सृष्टि प्रजापति, अनुराग सिंह एवं पंकज मिश्रा के साथ नगर पुलिस अधीक्षक रीतेश कुमार शिव, आशीष जैन, राजेश्वरी कौरव तथा अनुविभागीय पुलिस अधिकारी अंजुल अयंक एवं लोकेश डाबर को जांच की कमान सौंपी गई है। इन दलों में संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और नगर निगम के फायर अधिकारी भी शामिल हैं। यह टीम जिले भर के लाइसेंसधारियों के प्रतिष्ठानों का भौतिक सत्यापन करेगी और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच करेगी ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।
शहर के गोदामों में सुरक्षा मानकों का होगा परीक्षण
जांच दल लाइसेंस की वैधता, भंडारण क्षमता, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र और स्टॉक रजिस्टर का गहन मिलान करेंगे। आधारताल, रांझी, जबलपुर, कुंडम, पाटन एवं सिहोरा अनुविभागों में फैले विस्फोटक भंडारण केंद्रों पर यह अभियान केंद्रित रहेगा। तीनों दलों को 9-9 लाइसेंसधारियों के केंद्रों की जिम्मेदारी दी गई है। किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर जांच दल सीधे जिला प्रशासन को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे।
सुरक्षा और नियमों के पालन की होगी समीक्षा
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कवायद बारहमासी फटाका व्यवसाय और विस्फोटक सामग्री के सुरक्षित प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। जिला प्रशासन ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी जांच रिपोर्ट जमा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इस अभियान से जिले में सुरक्षा का कड़ा घेरा तैयार होगा और नियमों की अनदेखी करने वाले व्यापारियों पर सख्त कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।
