
सौतेले पिता के जुल्म से तंग आकर 10 साल की मासूम ने दी जान, पुलिस ने आरोपी को दबोचा
शराब के नशे में रोज करता था बच्चों से बेरहमी से मारपीट, पड़ोसियों के बयान पर दर्ज हुआ खुदकुशी के लिए उकसाने का केस
जबलपुर। गढ़ा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां शराब के नशे में धुत रहने वाले सौतेले पिता की लगातार प्रताड़ना और मारपीट से तंग आकर 10 वर्ष की एक मासूम बच्ची ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने मामले की बारीकी से मर्ग जांच की और मासूम को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले आरोपी सौतेले पिता के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
गढ़ा पुलिस को मंडला जिले के नैनपुर स्थित ग्राम मक्के मोहगांव निवासी 28 वर्षीय रामप्रसाद मरकाम ने सूचना दी थी। वर्तमान में वह सैनिक सोसायटी दानवबाबा के पास रितेश कोरी के मकान में किराए से रहता है और पेशे से राजमिस्त्री है। उसने पुलिस को बताया कि वह पिछले 6 वर्षों से बालाघाट जिले के ग्राम चांगोटोला मोहगांव निवासी सुनीता मर्सकोले को दास्ता पत्नी के तौर पर अपने साथ रखे हुए है। सुनीता के पहले पति से 15 साल का बेटा अनुज मर्सकोले और 10 साल की बेटी मोनिका मर्सकोले भी उसी के साथ किराए के मकान में रहते हैं। 16-10-26 को सुबह करीब 6 बजे रामप्रसाद काम की तलाश में कृपाल चौक गया हुआ था। दोपहर में जब वह लौटा तो अनुज ने बताया कि मोनिका ने कमरे में ऊपर डले पाइप से गमछा बांधकर फांसी लगा ली है और अंदर से कुंडी बंद है। आसपास के मोहल्ले वालों को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया, तो बच्ची फंदे पर मृत अवस्था में लटकी मिली। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और मर्ग कायम किया।
डर के कारण पड़ोसियों के घर खाना खाकर सोते थे बच्चे
जांच के दौरान पुलिस ने मृतिका की मां और पड़ोस में रहने वाली श्रीमती पुष्पा सैयाम के बयान दर्ज किए। बयानों में यह दर्दनाक हकीकत सामने आई कि रामप्रसाद शराब पीने का भयंकर आदी है। वह रोज रात को शराब के नशे में घर पहुंचता था और अपनी पत्नी सुनीता, 15 वर्षीय अनुज और 10 वर्षीय मोनिका के साथ गाली-गलौज करते हुए बुरी तरह मारपीट करता था। इस घरेलू हिंसा और खौफ के कारण दोनों मासूम बच्चे इतने दहशत में रहते थे कि वे अक्सर पड़ोस में रहने वाली सावित्री ठाकुर और पुष्पा ठाकुर के घर जाकर खाना खाते थे और वहीं छिपकर सो जाते थे।
लगातार हो रही इस शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना से दुखी होकर 16-10-26 को दोपहर करीब 12:30 बजे मोनिका ने कमरे के भीतर बल्ली से गमछे का फंदा बनाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पूरी जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी रामप्रसाद मरकाम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 107 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया और उसे तत्काल अपनी कस्टडी में लेकर अग्रिम कानूनी विवेचना शुरू कर दी है।
बेलबाग में भंडारे के दौरान शराब के लिए रुपए न देने पर युवक पर लोहे के कड़े से हमला
काली प्रतिमा के पास प्रसाद वितरण में हाथ बंटा रहे युवक को भाई ने घेरा, गाली-गलौज कर फोड़ा सिर
जबलपुर। बेलबाग थाना इलाके में शराबखोरी के लिए पैसे न देने पर सगे रिश्ते तार-तार हो गए। एक भाई ने अपने ही सगे भाई पर शराब के पैसे मांगने को लेकर जानलेवा हमला कर दिया और माथे पर कड़े से वार कर उसे लहुलूहान कर दिया। पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर नामजद आरोपी के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
बेलबाग थाना पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पुत्री शाला के पास रहने वाले 35 वर्षीय हेमंत राठौर ने थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित हेमंत समदड़िया मॉल में काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। 18-10-26 की रात करीब 11:30 बजे वह राहुल होटल के सामने स्थापित काली प्रतिमा के पास चल रहे धार्मिक भंडारे में सेवा कार्य कर रहा था और लोगों को प्रसाद वितरण में सहयोग कर रहा था। उसी दौरान उसका भाई लखन राठौर वहां पहुंच गया। लखन ने हेमंत को भंडारे से अलग ले जाकर पुत्रीशाला स्कूल की बाउंड्री के पास बुलाया और शराब पीने के लिए तुरंत 500 रुपये की मांग करने लगा।
इंकार करने पर दी जान से मारने की धमकी, कड़े से किया वार
हेमंत ने अपनी मेहनत की कमाई शराबखोरी के लिए देने से साफ मना कर दिया। इस बात पर लखन बुरी तरह भड़क गया और सार्वजनिक स्थान पर खड़े होकर गंदी-गंदी गालियां बकने लगा। जब हेमंत ने उसे गाली देने से रोका और शांत रहने को कहा, तो लखन ने अपने हाथ में पहने स्टीलनुमा लोहे के भारी कड़े से हेमंत के सिर, माथे और कंधे पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
अचानक हुए इस जोरदार हमले से हेमंत गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके माथे से खून बहने लगा। आसपास के लोगों को अपनी तरफ आते देख आरोपी लखन उसे जान से खत्म करने की धमकी देते हुए अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला। थाने पहुंचे पीड़ित का पुलिस ने मुलाहिजा कराया और शिकायत के आधार पर आरोपी लखन राठौर के खिलाफ धारा 119(1), 296(b), 118(1) और 351(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
रांझी में काम से लौट रहे मजदूर को तीन बदमाशों ने रोका, शराब के पैसे न मिलने पर पीटा
शांतिनगर पुलिया के पास राह रोककर मांगे 100 रुपये, बचाव करने आई पत्नी के सामने दी जान से मारने की धमकी
जबलपुर। शहर के उपनगरीय क्षेत्र रांझी में राह चलते लोगों से अड़ीबाजी कर शराब के लिए पैसे वसूलने वाले असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। शांतिनगर पुलिया के पास बाइक से घर लौट रहे एक मजदूर को तीन युवकों ने घेर लिया और शराब पीने के लिए रुपए मांगे। इंकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई और बीच-बचाव करने आई पत्नी को भी धमकाया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
रांझी थाना क्षेत्र के शांतिनगर जंगली मोहल्ला निवासी 30 वर्षीय विशाल पंडित मजदूरी करके अपने घर का गुजारा चलाता है। उसने थाने में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि 18-10-26 की शाम करीब 6:30 बजे वह अपना काम खत्म करके मोटरसाइकिल से वापस अपने घर लौट रहा था। जैसे ही वह शांतिनगर पुलिया के पास पहुंचा, वहां पहले से खड़े तीन युवकों अनिकेत चौधरी उर्फ बच्चू, दीपू पंडित और राजा उर्फ सुभाष भारती ने उसकी मोटरसाइकिल को जबरन रुकवा लिया। गाड़ी रुकते ही तीनों ने विशाल पर धौंस जमाते हुए शराब पार्टी करने के लिए 100 रुपये तुरंत देने की मांग रख दी।
पत्नी के शोर मचाने पर भागे तीनों बदमाश, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
विशाल ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए शराब के लिए पैसे देने से स्पष्ट रूप से मना कर दिया। रुपए न मिलने से नाराज तीनों आरोपी आक्रोशित हो गए और सड़क पर ही उसके साथ जमकर गाली-गलौज करने लगे। विशाल ने जब अभद्र भाषा का विरोध किया, तो अनिकेत उर्फ बच्चू ने उसके गाल पर जोरदार चांटा जड़ दिया और उसके साथ हाथापाई शुरू कर दी। इसी दौरान वहां से गुजर रही विशाल की पत्नी मौके पर पहुंची और उसने अपने पति को बचाने के लिए बीच-बचाव किया और शोर मचाया।
मोहल्ले के लोगों को अपनी ओर आता देख तीनों आरोपी विशाल और उसकी पत्नी को जान से मारने की खुली धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर रांझी पुलिस ने अनिकेत चौधरी उर्फ बच्चू, दीपू पंडित और राजा उर्फ सुभाष भारती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 119(1), 296(b), 351(2) और 3(5) के तहत प्रकरण कायम कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दिया है।
ड्यूटी खत्म कर स्टेशन जा रहे होमगार्ड सैनिक से हाईकोर्ट गेट के पास मोबाइल लूटा
सफेद चेक शर्ट पहने एक्सेस सवार 18-20 साल के युवक ने गाड़ी चढ़ाने की धमकी देकर की वारदात
जबलपुर। शहर के सबसे सुरक्षित और वीआईपी माने जाने वाले सिविल लाइन इलाके में एक बेखौफ स्कूटी सवार लुटेरे ने तड़के ड्यूटी से लौट रहे होमगार्ड सैनिक को अपना निशाना बना लिया। बदमाश ने सैनिक के ऊपर स्कूटी चढ़ाने का खौफ दिखाकर उससे 13 हजार रुपये कीमती मोबाइल फोन लूट लिया और फरार हो गया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर इलाके के सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल शुरू कर दी है।
सिहोरा की अंबा बिहार कालोनी निवासी 51 वर्षीय नरेंद्र चौबे होमगार्ड में पदस्थ हैं। उन्होंने सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 18-10-26 को उनकी ड्यूटी दरीखाना कैम्प में लगी थी, जो रात 10 बजे से लेकर सुबह तक निर्धारित थी। अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद वह अपने पैतृक घर सिहोरा लौटने के लिए पैदल ही रेलवे स्टेशन की तरफ जा रहे थे। सुबह करीब 6:30 बजे जैसे ही वह हाईकोर्ट के गेट नंबर 1 के नजदीक पहुंचे, तभी पीछे से एक सफेद रंग की एक्सेस स्कूटी पर सवार होकर एक अज्ञात युवक तेजी से आया और उनके ठीक आगे गाड़ी अड़ाकर उनका रास्ता रोक लिया।
कलेक्ट्रेट चौराहे की ओर तेजी से भागा लुटेरा, तलाश में जुटी पुलिस
स्कूटी चालक ने नरेंद्र चौबे को धमकाते हुए कहा कि अगर उन्होंने शोर मचाया या विरोध किया तो वह उन पर सीधे स्कूटी चढ़ा देगा। बदमाश ने उन्हें डराया-धमकाया और नरेंद्र के हाथ में पकड़ा हुआ मोबाइल फोन झपट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी स्कूटी को पूरी रफ्तार से दौड़ाते हुए कलेक्ट्रेट चौराहे की दिशा में भाग निकला। नरेंद्र चौबे के अनुसार स्कूटी चलाने वाले लड़के की उम्र लगभग 18 से 20 वर्ष के आसपास थी, जिसने सफेद चेक शर्ट और काले रंग की पैंट पहन रखी थी।
लूटा गया मोबाइल फोन उनके बेटे वीरेंद्र चौबे के नाम से सिहोरा से लगभग 13 हजार रुपये में खरीदा गया था। सैनिक की तहरीर पर सिविल लाइन पुलिस ने अज्ञात स्कूटी चालक के खिलाफ बीएनएस की धारा 126(2) और 309(4) के तहत लूट का गंभीर मामला दर्ज कर लिया है और कलेक्ट्रेट व हाईकोर्ट मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल कर आरोपी की पहचान करने में जुटी है।
सदर के दुर्गा पंडाल में कटी-फटी तारों से की जा रही थी लाइटिंग, डेकोरेटर पर केस दर्ज
संकरे रास्ते में 600 श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच करंट का खतरा, जागरूक नागरिक की शिकायत पर कार्रवाई
जबलपुर। त्योहारी सीजन के दौरान भीड़भाड़ वाले दुर्गा पंडालों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही करने वालों पर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। सदर क्षेत्र की एक बेहद संकरी गली में स्थापित दुर्गा पंडाल में कटी-फटी वायरिंग कर सैकड़ों श्रद्धालुओं की जिंदगी दांव पर लगाने वाले एक डेकोरेटर के खिलाफ कैंट पुलिस ने गैर-जिम्मेदाराना हरकत के तहत कानूनी प्रकरण दर्ज किया है।
कैंट थाने में गौतमनगर कालोनी गढ़ा निवासी 40 वर्षीय गौरव पाठक ने 19-10-26 की रात एक लिखित शिकायत प्रस्तुत की। शिकायत में उन्होंने उल्लेख किया कि सदर स्थित गली नंबर 7 में बाजार काली दुर्गा उत्सव समिति द्वारा भव्य दुर्गा पंडाल की स्थापना की गई है। इस पंडाल में रोशनी और सजावट का जिम्मा डेकोरेटर संजू सोनकर को दिया गया था। संजू सोनकर द्वारा विद्युत सज्जा के लिए जिन बिजली के तारों का इस्तेमाल किया गया, वे जगह-जगह से कटे-फटे, नंगे और पूरी तरह असुरक्षित हालत में फैले हुए थे।
भीड़ भरे रास्ते में करंट फैलने की थी गंभीर आशंका, पुलिस ने हटवाए तार
शिकायतकर्ता ने पुलिस को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि सदर की गली नंबर 7 बहुत ही संकरी है। पर्व के दौरान माता के दर्शन और आरती के समय इस पंडाल में एक समय में लगभग 500 से 600 श्रद्धालु, महिलाएं और छोटे बच्चे एकत्र होते हैं। ऐसे में नंगे और कटे तारों से कभी भी करंट जमीन या टेंट के लोहे के स्ट्रक्चर में उतर सकता था, जिससे कोई बड़ा अग्निकांड या जानलेवा हादसा घटित हो सकता था। इस लापरवाही से सार्वजनिक सुरक्षा के सामने गहरा संकट पैदा हो गया था।
जागरूक नागरिक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कैंट थाना पुलिस ने मामले की मौके पर तस्दीक की और तत्काल प्रभाव से उन खतरनाक तारों को व्यवस्थित कराने के निर्देश दिए। साथ ही डेकोरेटर संजू सोनकर की पहचान सुनिश्चित करते हुए उसके खिलाफ जनसुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक विवेचना प्रारंभ कर दी है।
रांझी में दुर्गा दर्शन कर रहे परिवार पर बेकाबू स्कूटी सवार ने मारी टक्कर, मां-बेटा घायल
सीओडी मोड़ के पास सड़क किनारे खड़ी थी बाइक, टक्कर मारकर वाहन छोड़कर भागा आरोपी
जबलपुर। शहर में त्योहार के दौरान लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों का कहर जारी है। रांझी थाना क्षेत्र में देर रात अपनी मां और परिजनों के साथ दुर्गा प्रतिमा के दर्शन करने निकले दो भाइयों में से एक की मोटरसाइकिल में अनियंत्रित एक्सेस सवार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बुजुर्ग महिला घायल हो गई, जबकि आरोपी अपनी स्कूटी मौके पर छोड़कर अंधेरे में भाग निकला।
चुंगीनाका आईटीआई माढ़ोताल निवासी 37 वर्षीय मनीष अग्रवाल ने 19-10-26 की रात करीब 3:15 बजे रांझी थाने पहुंचकर दुर्घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई। मनीष ने बताया कि वह पूरे परिवार के साथ रांझी क्षेत्र में स्थापित विभिन्न दुर्गा प्रतिमाओं के दर्शन करने आया हुआ था। मनीष अपनी मोटरसाइकिल पर अपनी मां सविता अग्रवाल को बैठाए हुए था, जबकि उसके पीछे दूसरी मोटरसाइकिल पर उसका छोटा भाई दुर्गेश अग्रवाल अपनी पत्नी और बच्चे के साथ चल रहा था। रात लगभग 1:30 बजे दर्शन तिराहा से आगे सीओडी मोड़ के पहले दोनों भाइयों ने सड़क किनारे अपनी गाड़ियां विधिवत खड़ी कीं और प्रतिमा के दर्शन करने लगे।
हादसे में मां के हाथ में आई गंभीर चोट, पुलिस ने जब्त की एक्सेस
उसी समय दर्शन तिराहा की तरफ से तेज रफ्तार में आ रही सफेद रंग की एक्सेस क्रमांक MP 20 SZ 8515 के चालक ने लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाते हुए किनारे खड़ी मनीष की बाइक पर जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मनीष और उसकी मां सविता अग्रवाल बाइक समेत सड़क पर दूर जा गिरे। इस दुर्घटना में सविता अग्रवाल के हाथ में गंभीर चोट आई और बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद घबराया चालक अपनी गाड़ी, जिस पर क्रमांक MP 20 SZ 8518 भी दर्ज मिला, को वहीं छोड़कर भाग निकला।
सड़क पर मौजूद लोगों की मदद से मनीष ने अपनी घायल मां को संभाला और प्राथमिक उपचार दिलाया। इसके बाद थाने पहुंचकर रिपोर्ट लिखाई। रांझी पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी वाहन चालक के खिलाफ बीएनएस की धारा 281 और 125(a) के तहत सड़क दुर्घटना का मामला दर्ज कर लावारिस हालत में छोड़ी गई स्कूटी को जब्त कर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
पाटन-मनकेड़ी रोड पर मूढ़ा पुल के पास आमने-सामने दो बाइकों में भिड़ंत, दो युवक गंभीर
दुर्गा प्रतिमा देखकर लौट रहे थे ग्रामीण, पाटन से तेज रफ्तार आ रही बाइक ने मारी टक्कर
जबलपुर। पाटन थाना क्षेत्र अंतर्गत पाटन-मनकेड़ी मार्ग पर मूढ़ा पुल के समीप देर रात दो बाइकों के बीच हुई जबरदस्त भिड़ंत में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को नाजुक हालत में निजी वाहन की मदद से इलाज के लिए तत्काल जबलपुर भेजा गया है। टक्कर मारने वाला बाइक सवार अंधेरे का फायदा उठाकर अपने वाहन सहित फरार हो गया, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
ग्राम मनकेड़ी निवासी 34 वर्षीय संदीप जैन ने 18-10-26 की रात पाटन थाने में घटना की सूचना दी। संदीप खेती-किसानी का कार्य करता है। उसने बताया कि 18-10-26 को वह अपने चाचा के लड़के अभिनव मलैया और गांव के ही दो अन्य साथियों हरेराम और प्रकाश सिंह के साथ दो अलग-अलग बाइकों पर सवार होकर पाटन में दुर्गा प्रतिमाओं के दर्शन करने आया था। दर्शन पूजन के बाद रात को सभी घर लौट रहे थे। एक बाइक पर संदीप और प्रकाश सिंह सवार थे, जबकि उनके ठीक आगे दूसरी बाइक पर अभिनव और हरेराम बैठे हुए थे।
घायलों को रात में ही भेजा जबलपुर अस्पताल, आरोपी चालक पर मुकदमा
रात करीब 9:30 बजे दोनों मोटरसाइकिलें जैसे ही मूढ़ा पुल के पास पाटन-मनकेड़ी रोड पर पहुंचीं, तभी सामने पाटन की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल क्रमांक MP 15 ZR 3246 के चालक ने अंधाधुंध गति से वाहन चलाते हुए आगे चल रही अभिनव की बाइक में सामने से सीधी टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही अभिनव और हरेराम बाइक समेत सड़क पर घिसटते हुए दूर जा गिरे, जिससे दोनों के हाथ, पैर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर अंदरूनी व बाहरी चोटें आईं।
हादसा होते ही आरोपी चालक अपनी बाइक लेकर मनकेड़ी की दिशा में तेजी से भाग खड़ा हुआ। संदीप और प्रकाश सिंह ने राहगीरों की मदद से दोनों लहूलुहान साथियों को उठाया और समय न गंवाते हुए एक निजी वाहन की व्यवस्था कर उन्हें बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रवाना किया। पीड़ित की रिपोर्ट पर पाटन थाना पुलिस ने आरोपी मोटरसाइकिल चालक के खिलाफ धारा 281 और 125(a) बीएनएस के तहत मामला कायम कर जांच शुरू कर दी है।
