
जबलपुर पुलिस ने जुए के दो अड्डों पर मारा छापा, 11 जुआरी गिरफ्तार
रांझी क्षेत्र में गणेश पंडाल और स्कूल के पास चल रहे फड़ से 6500 रुपये और ताश के पत्ते बरामद
जबलपुर। शहर में अवैध रूप से जुआ और सट्टा खिलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने बड़े स्तर पर जांच अभियान छेड़ दिया है। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर सभी थाना क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-4 अंजना तिवारी और नगर पुलिस अधीक्षक सतीश कुमार साहू के नेतृत्व में रांझी थाना पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। 16 सितंबर 2026 की देर रात पुलिस को सटीक सूचना मिली कि क्षेत्र में दो अलग-अलग जगहों पर ताश के पत्तों के जरिए बड़े पैमाने पर हार-जीत का दांव लगाया जा रहा है। थाना प्रभारी उमेश कुमार गोल्हानी ने तत्काल दो टीमें गठित कर बताए गए ठिकानों की घेराबंदी करने की योजना बनाई।
गणेश पंडाल और खंभे के पास चल रहे फड़ पर कार्रवाई
मुखबिर से मिली पहली सूचना के आधार पर पुलिस दल ने बड़ा पत्थर स्थित जेपी मेमोरियल स्कूल के समीप गणेश पंडाल के पीछे दबिश दी। पुलिस वाहन की आहट पाते ही वहां घेरा बनाकर बैठे जुआरी उठकर भागने लगे। सतर्क जवानों ने मैदान और गलियों की घेराबंदी कर मौके से छह आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए व्यक्तियों ने अपने नाम अमर ठाकुर उर्फ जग्गड़ ठाकुर उम्र 42 वर्ष निवासी बड़ा पत्थर, सूरज प्रसाद चौधरी उम्र 37 वर्ष निवासी वंशकार मोहल्ला नई बस्ती, विनय श्रीवास उम्र 31 वर्ष निवासी गौशाला के पास रांझी, सुभाष वंशकार उर्फ गोलू वंशकार उम्र 34 वर्ष निवासी नई बस्ती, प्रभू चक्रवर्ती उम्र 36 वर्ष निवासी मेजर किराना स्टोर्स के पीछे और प्रमोद गुप्ता उर्फ मुनई उम्र 38 वर्ष निवासी बड़ा पत्थर बताए। तलाशी के दौरान इनके पास और फड़ से 3800 रुपये नकद और ताश के पत्ते बरामद किए गए।
इसके तुरंत बाद पुलिस की दूसरी टीम ने जेपी मेमोरियल स्कूल के पास बिजली खंभे के नीचे चल रहे दूसरे जुआ फड़ पर छापा मारा। यहां रोशनी की आड़ में रुपये दांव पर लगाए जा रहे थे। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें शुभम सेन उम्र 24 वर्ष निवासी मानेगांव, शुभम दाहिया उम्र 23 वर्ष निवासी बड़ा पत्थर, आदित्य बर्मन उम्र 29 वर्ष निवासी संस्कार मीडिया के पीछे, योगेश द्विवेदी उर्फ सोनू उम्र 36 वर्ष निवासी बड़ा पत्थर और अमित कुमार सोनी उम्र 45 वर्ष निवासी बड़ा पत्थर शामिल हैं। इनके कब्जे से 2700 रुपये नकद और ताश की गड्डियां जब्त की गईं। दोनों कार्रवाइयों में कुल 11 जुआरियों को पकड़कर 6500 रुपये जब्त किए गए। सभी के खिलाफ धारा 13 जुआ एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक अंबिका प्रसाद पांडे, योगेंद्र सिंह, आरक्षक रवि पंचेश्वर, सत्येंद्र, दिनेश भावरे, लखन चौधरी, आलोक और चेतेंद्र की अहम भूमिका रही।
सड़क किनारे सट्टा पट्टी लिखते दो आरोपी गिरफ्तार, दो वाहन जब्त
ग्वारीघाट पुलिस ने साकेत धाम और सब्जी मंडी में की घेराबंदी, 8200 रुपये नकदी भी मिली
जबलपुर। सार्वजनिक स्थानों पर सट्टा पट्टी लिखकर आम जनता को ठगने वाले असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने निगरानी तेज कर दी है। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय द्वारा जारी आदेशों के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-2 पल्लवी शुक्ला और नगर पुलिस अधीक्षक गोरखपुर एमडी नागोतिया के मार्गदर्शन में ग्वारीघाट पुलिस ने अवैध सट्टे के नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई की। थाना प्रभारी कन्हैया बघेल की अगुवाई में पुलिस बल 16 सितंबर 2026 की देर रात इलाके में गश्त कर रहा था। उसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दो अलग-अलग प्रमुख स्थानों पर दो युवक खड़े होकर ग्राहकों से रुपये लेकर सट्टा पर्चियां काट रहे हैं।
व्हाट्सएप चैट और पर्चियों के जरिए संचालित था नेटवर्क
सूचना पुख्ता होते ही पुलिस टीम ने सबसे पहले ब्रह्मऋषि गेट के पास साकेत धाम रोड पर औचक छापा मारा। वहां एक युवक पैशन मोटरसाइकिल क्रमांक MP 20 KN 5644 पर बैठकर पर्ची पर अंक लिख रहा था। पुलिस को देखते ही उसने गाड़ी चालू कर भागने का प्रयास किया, लेकिन जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम गौरव अग्रवाल पिता गन्नू अग्रवाल उम्र 25 वर्ष निवासी पुरानी बस्ती ग्वारीघाट बताया। तलाशी में उसके पास से 3 सट्टा पट्टियां, 5460 रुपये नकद और एक रेडमी कंपनी का मोबाइल बरामद हुआ। मोबाइल की जांच करने पर उसके व्हाट्सएप चैट में सट्टे के अंकों का लंबा हिसाब-किताब मिला। आरोपी ने खुलासा किया कि वह पिछले 2 महीने से उमेश पटेल के कहने पर यह काम कर रहा था, जिसके बदले उसे 500 रुपये रोज की मजदूरी मिलती थी। पुलिस ने उसकी मोटरसाइकिल जब्त कर ली।
इसके बाद पुलिस ने दूसरी टीम को ग्वारीघाट सब्जी मंडी की ओर भेजा, जहां बिना नंबर की जुपिटर स्कूटी पर बैठकर एक व्यक्ति सट्टे की पर्चियां काट रहा था और उसके पास लोगों का जमावड़ा लगा हुआ था। पुलिस के पहुंचते ही भीड़ तितर-बितर हो गई और घेराबंदी कर स्कूटी सवार को पकड़ लिया गया। उसने अपना नाम उमेश पटेल पिता मुन्ना पटेल उम्र 38 वर्ष निवासी पुरानी बस्ती ग्वारीघाट बताया। उसके पास से 3 नग सट्टा पट्टी, 2740 रुपये नकद और बिना नंबर की जुपिटर स्कूटी जब्त की गई। दोनों आरोपियों से कुल 8200 रुपये, दो वाहन, 6 पर्चियां और मोबाइल जब्त कर धारा 4(क) सट्टा एक्ट और धारा 112(2), 49 बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया। कार्रवाई में प्रधान आरक्षक हरक बहादुर सिंह, उमेश शुक्ला और संजय की सक्रिय भूमिका रही।
ऑटो में सफर के दौरान महिला के लाखों के सोने-हीरे के जेवर पार
त्योहार पर मायके आई कटनी की महिला का बैग काटकर अज्ञात चोर ने की वारदात
जबलपुर। रक्षाबंधन के पर्व पर मायके आकर खुशियां बांटने की तैयारी कर रही एक महिला के साथ ऑटो में सफर के दौरान जेवरात चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। कटनी निवासी पीड़ित महिला जब जबलपुर स्टेशन से अपने गंतव्य की ओर जा रही थी, तभी उसके बैग से सोने और हीरे के कीमती गहने पार कर दिए गए। घटना के कई दिनों बाद जब महिला ने सामान संभाला, तब चोरी का खुलासा हुआ। पीड़िता की शिकायत पर हनुमानताल थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध चोरी का मामला दर्ज कर रेलवे स्टेशन से लेकर सिंधी कैंप तक के रास्तों पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
स्टेशन से ऑटो में बैठते ही साजिश का शिकार बनी पीड़िता
कटनी के अमीरगंज मोहल्ला माधवनगर निवासी हेमलता सतनामी उम्र 34 वर्ष ने थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 26 अगस्त 2026 को वह अपने पिता और बच्चों के साथ कटनी साउथ स्टेशन से अंबिकापुर ट्रेन पकड़कर दोपहर लगभग 3:30 बजे जबलपुर रेलवे स्टेशन पहुंची थीं। उनके पास दो बड़े बैग और एक छोटा बैग था, जिसमें उनके निजी सामान के साथ सारे गहने रखे हुए थे। स्टेशन से बाहर निकलकर उन्होंने सिंधी कैंप बाबा टोला जाने के लिए एक नीले रंग का ऑटो किराए पर लिया। उस ऑटो में पहले से ही सफेद कपड़े और सिर पर टोपी पहने एक अनजान युवक बैठा हुआ था।
ऑटो चालक ने वाहन आगे बढ़ाया और ईद का बहाना बनाकर कहा कि घमापुर का मुख्य मार्ग बंद है। इसके बाद वह शीतलामाई और प्रेमसागर चौकी के रास्ते से होते हुए लगभग 4:15 बजे उन्हें सिंधी कैंप चौक पर उतार दिया, जबकि साथ बैठे युवक को रद्दी चौकी की तरफ ले गया। उतरते समय महिला को बैग का वजन काफी हल्का लगा, लेकिन बच्चों को संभालने और सामान उतारने की जल्दबाजी में वह ध्यान नहीं दे पाईं। घर पहुंचने पर मां की तबीयत खराब होने और उनके ऑपरेशन के चलते दो दिनों तक बैग नहीं खोला जा सका। 28 अगस्त 2026 की शाम जब उन्होंने तैयार होने के लिए बैग खोला तो भीतर रखा पर्स खाली था। पर्स से सोने का एक हार, 2 मंगलसूत्र, 1 जोड़ी झुमके, 1 सोने की अंगूठी, 1 हीरे की अंगूठी, 1 जोड़ी सोने के टॉप्स, चांदी की अंगूठी और 1 जोड़ी पायल गायब थे। पुलिस ने धारा 303(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर ऑटो चालक और सहयात्री की तलाश शुरू कर दी है।
आठ जिलों की सीमाओं से निष्कासित निगरानी बदमाश शहर में पकड़ाया
कैंट पुलिस ने आरसी मैदान के पास से दबोचा, जिला बदर नियम तोड़ने पर केस दर्ज
जबलपुर। संगीन अपराधों में लिप्त अपराधियों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन द्वारा जारी जिला बदर आदेशों की अवहेलना करने वालों पर पुलिस लगातार नजर रख रही है। इसी के तहत कैंट थाना पुलिस ने एक कुख्यात निगरानी बदमाश को जिले की सीमा में अवैध रूप से घूमते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी प्रशासन द्वारा तय की गई समय सीमा से पहले ही गुपचुप तरीके से शहर लौट आया था और अपनी बस्ती में गतिविधियां संचालित करने की फिराक में था। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने समय रहते उसे दबोचकर सलाखों के पीछे भेज दिया।
चार माह के लिए सीमावर्ती जिलों से बाहर रहने का था आदेश
कैंट पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार बड़ी वाजपेयी कंपाउंड सदर निवासी रोशन ठाकुर पिता सुरेश सिंह ठाकुर उम्र 35 वर्ष आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वे न्यायालय में विचाराधीन हैं। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने और उसकी आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस ने उसके विरुद्ध जिला बदर का प्रतिवेदन तैयार कर जिला दंडाधिकारी जबलपुर को भेजा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला दंडाधिकारी ने 22 मई 2026 को आदेश जारी करते हुए आरोपी को 4 माह के लिए जबलपुर सहित आसपास के 7 अन्य सीमावर्ती जिलों मंडला, डिंडौरी, सिवनी, नरसिंहपुर, कटनी, दमोह और उमरिया की राजस्व सीमाओं से निष्कासित कर दिया था। इस आदेश की औपचारिक तामीली 4 जून 2026 को आरोपी को करवा दी गई थी।
नियम के मुताबिक आरोपी को निर्धारित अवधि पूरी होने तक इन सभी जिलों की सीमाओं से बाहर रहना अनिवार्य था। 17 सितंबर 2026 को कैंट थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि रोशन ठाकुर अपने निवास स्थान के पास स्थित आरसी मैदान के इर्द-गिर्द देखा गया है और वह कहीं भागने की योजना बना रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए बताए गए स्थान पर घेराबंदी की और उसे मौके पर ही पकड़ लिया। पहचान पुख्ता होने के बाद जब उससे वैध अनुमति मांगी गई तो वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका। वैधानिक आदेश का उल्लंघन करने पर पुलिस ने आरोपी रोशन ठाकुर के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 और मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 14 के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
