डिंडोरी में मौसम ने बदली करवट, कोहरे से घटी विजिबिलिटी

Newzo
Newzo - News Editor 56 Views
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डिंडोरी। जिले में लगातार हुई मानसूनी बारिश के बाद मौसम के मिजाज में अचानक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। मंगलवार की सुबह समूचा इलाका घने कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया, जिससे दृश्यता का स्तर घटकर 40 मीटर से भी नीचे पहुंच गया। इस बदली हुई मौसमी परिस्थिति के बीच जबलपुर मार्ग पर चलने वाली यात्री बस के चालक मनोज तिवारी ने बताया कि कोहरे के कारण सड़क पर दूर तक देख पाना मुश्किल हो रहा है, जिसके चलते हादसों से बचने के लिए वाहनों को लाइटें जलाकर धीमी गति से चलाना पड़ रहा है। उधर, ग्रामीण अंचल के किसान रवि शंकर के अनुसार यह धुंध बारिश की विदाई और हल्की ठंड के शुरुआती आगमन का संकेत है, जो फसलों की सेहत के लिए काफी गुणकारी साबित होगा। मौसम विज्ञान केंद्र ने आने वाले घंटों में गरज-चमक के साथ हल्की फुहारें पड़ने का अनुमान भी जारी किया है।

​धुंध के चलते सुबह के सफर में मुश्किलें

​सवेरे के समय विजिबिलिटी बेहद कम रहने से रोजाना आने-जाने वाले राहगीरों तथा लंबी दूरी के मुसाफिरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हाईवे तथा अंदरूनी संपर्क मार्गों पर छोटे-बड़े सभी वाहन दिन निकलने के बावजूद हेडलाइट जलाकर रेंगते हुए आगे बढ़ते दिखाई दिए। चालक वर्ग का कहना है कि भोर के वक्त सामने का रास्ता साफ दिखाई न देने से दुर्घटनाओं का अंदेशा बढ़ जाता है, हालांकि धूप निकलने के साथ दृश्यता सुधरने लगती है और आवागमन सामान्य ढर्रे पर लौट आता है। दूसरी ओर खेती-किसानी से जुड़े जानकारों का मानना है कि वातावरण में आया यह बदलाव अब वर्षा ऋतु के ठहराव की तरफ इशारा कर रहा है। आने वाले दिनों में आसमान के साफ होते ही रात के तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का दायरा बढ़ेगा, जिससे आगामी रबी सत्र की तैयारियों को भरपूर लाभ मिलेगा।

​मानसून आंकड़ों में अब भी गिरावट कायम

​भू-अभिलेख और मौसमी आंकड़ों के मुताबिक जिले में 1 जून से लेकर अब तक वर्षा की स्थिति अलग-अलग विकासखंडों में भिन्न दर्ज की गई है। इस समयावधि में डिंडोरी ब्लॉक में सर्वाधिक 64 इंच पानी बरसा है, जबकि बजाग में 48 इंच और करंजिया में 43 इंच वर्षा रिकॉर्ड हुई है। इसके अलावा अमरपुर क्षेत्र में 39 इंच, समनापुर में 31 इंच, शहपुरा में 29 इंच तथा मेंहदवानी में सबसे कम 26 इंच वर्षा दर्ज की गई। जिले का सामान्य औसत वर्षा स्तर 1404.8 मिलीमीटर निर्धारित है, परंतु पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में यह कुल आंकड़ा 14 प्रतिशत पीछे चल रहा है। पारे के उतार-चढ़ाव पर नजर डालें तो क्षेत्र का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम स्तर 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जिससे उमस में कमी आई है।

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