
जबलपुर। जबलपुर के हनुमानताल थाना क्षेत्र में 4 सितंबर की रात मूर्तिकार मनोज सोनकर उर्फ बाबा की गोली मारकर की गई नृशंस हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने एक और आरोपी निक्की चौधरी को दबोच लिया है। वारदात के वक्त पंजाब बैंक कॉलोनी निवासी निक्की मुख्य हमलावर शुभम मराठा के साथ घटना स्थल पर डटा हुआ था। इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस मुख्य सूत्रधार शुभम की बहन स्वाती राव उर्फ शीनू तथा बाबा टोला निवासी सुमित चौधरी को पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है। जांच में सामने आया कि यह पूरा खूनी खेल स्वाती के घर रची गई सोची-समझी साजिश का नतीजा था, जिसकी जड़ें वर्ष 2021 में मनोज के बेटों अनिकेत और छोटू द्वारा शुभम व स्वाती के भाई बिद्ध मराठा की चाकू मारकर की गई हत्या के प्रतिशोध से जुड़ी हैं।
पुराने कत्ल के बदले रची गई थी खूनी साजिश
वारदात वाली रात जब मनोज अपनी कार्यशाला में प्रतिमाएं गढ़ने में तल्लीन था, तभी शुभम मराठा और भरत यादव वहां आ धमके। दोनों ने बिना कोई मौका दिए उस पर दनादन गोलियां बरसाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। पारिवारिक रंजिश की आग में तीन साल से सुलग रहे हमलावरों ने इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बेहद सुनियोजित खाका खींचा था।
फरार हमलावरों की धरपकड़ के लिए दबिश जारी
थाना प्रभारी सुभाषचंद्र बघेल की अगुवाई में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर निक्की की संलिप्तता प्रमाणित होते ही उसे घेराबंदी कर पकड़ा। पूछताछ में मिले अहम सुरागों के बाद अब पुलिस रिकॉर्ड में वांछित भरत यादव सहित गिरोह के बाकी फरार साथियों की तलाश तेज कर दी गई है।
