
जबलपुर। रेल टिकट बुकिंग व्यवस्था के आधुनिकीकरण के फलस्वरूप आईआरसीटीसी ने त्योहारी सीजन की एआरपी बुकिंग में 7 सितंबर को 20,06,353 टिकट जारी कर सर्वकालिक कीर्तिमान स्थापित किया। इस ऐतिहासिक दिन कुल आरक्षित टिकटों का 89 प्रतिशत ऑनलाइन माध्यम से बुक हुआ। अगले दिन 8 सितंबर को भी 19,50,699 सफल टिकट दर्ज हुए, जो पिछले साल 19 अगस्त 2025 के 18,40,203 टिकटों के रिकॉर्ड से काफी अधिक है। आंकड़ों के विश्लेषण से यह तथ्य सामने आया कि कुल दैनिक मांग का 8.43 से 14.14 प्रतिशत भाग पहले घंटे सुबह 8:00 से 9:00 बजे के दौरान आता है, जिसमें सुबह 8:00 से 8:15 बजे तक सर्वाधिक दबाव रहता है, जबकि बाकी 85 प्रतिशत मांग दिन में सामान्य रूप से पूरी होती है।
आधुनिक सर्वर और मजबूत तकनीक से बढ़ी क्षमता
इस अभूतपूर्व सफलता का मुख्य आधार एनजीईटी बुनियादी ढांचे को नए अत्याधुनिक सर्वरों से लैस करना रहा, जिससे कुल क्षमता दोगुनी हो गई। इसके समानांतर सॉफ्टवेयर सुधार और आर्किटेक्चरल बदलावों के जरिए प्रोसेसिंग गति बढ़ाई गई। 15 जुलाई 2026 को शुरू हुए नए यूआई बीटा संस्करण ने ग्लासमोर्फिज्म डिजाइन के जरिए स्लीपर, 3 एसी और 2 एसी जैसी श्रेणियों की सीट स्थिति एक साथ दिखाकर उपयोगकर्ताओं का अनुभव सहज बना दिया। कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क और एंटी-बॉट तकनीक ने दुर्भावनापूर्ण ट्रैफिक को 55 से 65 प्रतिशत घटाया। साइबर सुरक्षा दल ने आईआरसीटीसी के नाम से संचालित फर्जी वेबसाइटों और अनुप्रयोगों को इंटरनेट से हटाया, जिससे सामान्य मुसाफिरों को निर्बाध सुविधा मिली।
सख्त सुरक्षा नियमों से दलालों पर बड़ा लगाम
प्रणाली की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वाईटीएसके, आरटीएसए जैसे अधिकृत एजेंटों पर सुबह 08:00 से 08:10 बजे तक बुकिंग प्रतिबंध लागू रखा गया। 12.10.2025 से लागू आधार-प्रमाणित व्यवस्था के अंतर्गत ही एआरपी के शुरुआती दौर में लॉगिन की अनुमति दी गई, जिससे प्रणाली ने प्रतिदिन 1.33 से 1.74 करोड़ लॉगिन को बिना रुकावट संभाला। दुरुपयोग रोकने के लिए विभाग ने 3.04 करोड़ निष्प्रभावी यूजर आईडी बंद कीं, 6.33 करोड़ खातों को फिर से जांच के दायरे में डाला, 16,041 संदिग्ध ईमेल डोमेन पूरी तरह बंद किए और 4.21 लाख संदिग्ध पीएनआर मामलों से जुड़ी 592 शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध मंच पर पंजीकृत कराईं।
