
जबलपुर। गोरखपुर थाना क्षेत्र स्थित सेठीनगर में बुधवार को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारकर बड़कू सोनकर को घर से नशीले इंजेक्शन बेचते पकड़ा। नगर पुलिस अधीक्षक गोरखपुर एमडी नागोतिया और गोरखपुर थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल ने मौके पर घेराबंदी की। तलाशी के दौरान परिसर में मौजूद एक बंद फ्रिज के अंदर छिपाकर रखे गए बुप्रेनोरफिन के 11 और फेनिरामाईन मैलेट के 13 इंजेक्शन बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि वह लत के शिकार लोगों को महंगे दामों में यह माल बेचता था। पुलिस ने आरोपी के पास से कुल 24 प्रतिबंधित वायल और बिक्री की 3950 रुपये नकद राशि जब्त करते हुए उसे गिरफ्तार किया।
घर के गुप्त कोने में चल रहा था कारोबार
पुलिस टीम जब मुखबिर के बताए पते पर पहुंची तो बड़कू सोनकर वहीं मौजूद था। टीम ने पूरे परिसर की सघन जांच शुरू की। मकान की बनावट काफी उलझी हुई थी, जिसमें प्रवेश द्वार पर सीमेंट की चादर वाला कमरा, उसके आगे खुला आंगन, सामने दूसरा कमरा और बाईं दिशा में गैलरी से जुड़ा एक अन्य कक्ष बना था। इसी आंगन के दाहिनी ओर एक निर्माणाधीन हिस्सा भी था। इस अर्धनिर्मित हिस्से के एक कमरे में भारी मात्रा में रेत और कबाड़ भरा था, जबकि दूसरे हिस्से में एक पुराना बंद फ्रिज रखा दिखाई दिया। शक होने पर जब उस फ्रिज को खोला गया तो उसके भीतर रखे एक झोले में यह सारा नशीला सामान सुरक्षित छुपा मिला।
दर्जनों संगीन मामलों से जुड़ा पुराना आपराधिक इतिहास
थाना गोरखपुर पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि पकड़ा गया तस्कर लंबे समय से गैरकानूनी धंधों में सक्रिय रहा है। वह शहर के युवाओं और नशेड़ियों को ऊंचे दामों पर इंजेक्शन की आपूर्ति कर मोटी रकम बना रहा था। पुलिस रिकॉर्ड की जांच करने पर पता चला कि बड़कू आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में आर्म्स एक्ट, सट्टा एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत आधा दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित दवाओं का यह जखीरा वह किस सप्लायर से खरीदकर लाता था।
