स्टेट बार चुनाव में जबलपुर के आरके सिंह सैनी का जलवा, पार किया जादुई आंकड़ा

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Newzo - News Editor 54 Views
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जबलपुर। मध्य प्रदेश स्टेट बार कौंसिल चुनाव 2026 में जबलपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता आरके सिंह सैनी ने जीत के लिए जरूरी 2484 मतों का पैमाना लांघकर शानदार सफलता हासिल की है। जबलपुर सहित समूचे प्रदेश के विधि समुदाय ने उनके पक्ष में भारी मतदान किया, जिसके चलते उन्होंने आवश्यक कोटा पार करके कौंसिल में अपनी सदस्यता सुरक्षित कर ली। पिछले कार्यकाल में लगातार 5 वर्षों तक स्टेट बार के वाइस चेयरमैन और अनुशासन समिति के अध्यक्ष रहे सैनी की पारदर्शी कार्यशैली को देखते हुए मतदाताओं ने उन पर पुनः अटूट विश्वास प्रकट किया। इस प्रचंड जनादेश के बाद विधि जगत में उल्लास का माहौल बन गया। विजयी प्रत्याशी ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेशभर के अधिवक्ताओं को देते हुए पिछले कार्यकाल के अधूरे पड़े विकास कार्यों को पूरा करने का पक्का भरोसा दिया है।

​पुराने प्रशासनिक तजुर्बे से व्यवस्था बनेगी बेहद मजबूत

​संगठन के संचालन का गहरा ज्ञान रखने के कारण निर्वाचित सदस्य से व्यवस्था में व्यापक सुधार की आशाएं बंधी हैं। बीते दौर में दो अत्यंत गरिमामय पदों पर रहते हुए उन्होंने संस्थान के भीतर आंतरिक मर्यादा, अनुशासन और पारदर्शिता के नए प्रतिमान स्थापित किए थे। इस पृष्ठभूमि ने निर्वाचन के दौरान मतों के समीकरण को पूरी तरह उनके पक्ष में मोड़ने में सबसे मुख्य भूमिका अदा की। स्थानीय स्तर पर जबलपुर जिला बार संघ से जुड़े सहयोगियों ने एकजुट होकर मतों की ऐसी सशक्त नींव तैयार की जिसने प्रतिद्वंद्वियों की उम्मीदों को पीछे धकेल दिया। कौंसिल के नीतिगत निर्णयों में उनकी सीधी भागीदारी से अब संस्थागत कार्यप्रणाली में तेजी आएगी।

​अधिवक्ताओं के समग्र कल्याण पर रहेगा विशेष ध्यान

​भविष्य की कार्ययोजनाओं को लेकर उन्होंने कानूनी पेशे से जुड़ी बुनियादी दिक्कतों के स्थायी समाधान की दिशा तय कर दी है। युवा और अनुभवी वकीलों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर सामाजिक सुरक्षा, आकस्मिक आर्थिक मदद तथा पेशेवर सहूलियतों का नया ढांचा खड़ा किया जाएगा। अदालती परिसरों में काम करने वाले साथियों को रोजमर्रा के कानूनी दायित्वों के निर्वहन अथवा निजी जिंदगी में अड़चनों का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रभावी नीतियां जमीन पर उतारी जाएंगी। लंबित मामलों का निपटारा और कल्याणकारी योजनाओं का दायरा बढ़ाना ही उनकी मुख्य प्राथमिकता रहेगी।

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