
बेलखेड़ा में कलयुगी पिता ने 04 साल के मासूम बेटे को हथौड़ी से मार डाला
दादा की आंखों के सामने पोते पर किया जानलेवा हमला, पुलिस ने चंद घंटे में आरोपी को दबोचा
जबलपुर। जिले के बेलखेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बसेड़ी में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक पिता ने अपने ही 04 वर्षीय दिव्यांग बेटे की हथौड़ी से मारकर नृशंस हत्या कर दी। मृतक बच्चा जन्म से ही मूकबधिर, अर्ध विक्षिप्त और शारीरिक रूप से असहाय था। पुलिस ने सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारे पिता को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल हथौड़ी भी बरामद कर ली है।
ग्राम बसेड़ी निवासी 61 वर्षीय तरवर सिंह लोधी अपने परिवार के साथ रहते हैं। मकान के निचले हिस्से में तरवर सिंह अपनी पत्नी और बड़े बेटे राजेश के साथ रहते हैं, जबकि ऊपर वाले कमरे में उनका छोटा बेटा तुलसीराम लोधी अपने परिवार के साथ रहता है। तुलसीराम का 04 वर्षीय बेटा प्रेम सिंह बचपन से बीमार, अर्ध विक्षिप्त और दिव्यांग था।
घटना 2-9-26 की दोपहर करीब 12:30 बजे की है। उस समय तुलसीराम की पत्नी मकान के नीचे बर्तन साफ कर रही थी और तरवर सिंह भी नीचे ही मौजूद थे। अचानक ऊपर वाले कमरे से जोर-जोर से हथौड़ी चलने की खट-खट आवाजें आने लगीं। अनहोनी की आशंका होने पर दादा तरवर सिंह तुरंत सीढ़ियों से ऊपर कमरे की ओर भागे।
कमरे के भीतर का नजारा देखकर तरवर सिंह के होश उड़ गए। उनका बेटा तुलसीराम हाथ में लोहे की हथौड़ी लिए अपने 04 वर्षीय बेटे प्रेम सिंह पर अंधाधुंध वार कर रहा था। बुजुर्ग पिता को देखते ही तुलसीराम नीचे भाग गया। दरवाजे की चौखट पर मासूम प्रेम सिंह खून से लथपथ हालत में पड़ा था। हथौड़ी के वार से उसकी दाईं आंख और सिर पर गहरे घाव हो चुके थे और अत्यधिक खून बहने की वजह से उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना की जानकारी तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। पुलिस अधीक्षक जबलपुर संपत उपाध्याय के निर्देश पर एसडीओपी पाटन लोकेश डाबर और थाना प्रभारी बेलखेड़ा अनिल पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और तुलसीराम के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस के तहत हत्या का अपराध दर्ज किया।
एसपी संपत उपाध्याय के आदेश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सूर्यकांत शर्मा और एसडीओपी लोकेश डाबर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अनिल पटेल ने विशेष टीम तैयार की। टीम ने घेराबंदी करते हुए 37 वर्षीय आरोपी तुलसीराम लोधी को गांव से ही धर दबोचा। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथौड़ी भी जब्त कर ली गई है। आरोपी को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस त्वरित कार्रवाई में उप निरीक्षक नेतराम ठाकुर, सोबरन सिंह, प्रधान आरक्षक कैलाश पटेल और आरक्षक योगेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्रेमसागर में आइसक्रीम संचालक पर चाकू से जानलेवा हमला
खर्चे के लिए 500 रुपये नहीं देने पर मोहल्ले के युवक ने दिया वारदात को अंजाम
जबलपुर। हनुमानताल थाना क्षेत्र स्थित प्रेमसागर इलाके में रंगदारी और अड़ीबाजी का मामला सामने आया है। आइसक्रीम फैक्ट्री चलाने वाले एक व्यापारी से मोहल्ले के ही युवक ने खुलेआम रुपयों की मांग की। व्यापारी द्वारा पैसे देने से साफ इनकार करने पर आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए उस पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया और फरार हो गया।
हनुमानताल पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रेमसागर पुलिस चौकी के पास रहने वाले 50 वर्षीय संजीव केशरवानी स्थानीय स्तर पर आइसक्रीम फैक्ट्री का संचालन करते हैं। संजीव के पिता लखनलाल की इलाके में ही रिक्शा दुकान है।
घटना 2-9-26 की शाम लगभग 7:15 बजे की है। संजीव केशरवानी अपने पिता की दुकान के पास खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। उसी दौरान पड़ोस में रहने वाला समीर वंशकार वहां पहुंचा। समीर ने संजीव से सीधे 500 रुपये की मांग की और कहा कि उसे अपने निजी खर्चे के लिए रुपयों की सख्त जरूरत है।
संजीव ने बिना किसी कारण के रुपये देने से साफ मना कर दिया। इस बात पर समीर भड़क गया और सार्वजनिक स्थान पर ही संजीव के साथ जोर-जोर से अभद्र गालियां बकने लगा। संजीव ने जब उसे गाली देने से मना किया और शांत रहने को कहा, तो समीर ने कमर से धारदार चाकू निकाल लिया। आरोपी ने संजीव पर अचानक हमला कर दिया, जिससे चाकू उनके पीछे हिस्से में लगा और वे लहुलुहान हो गए।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी समीर वंशकार मौके पर मौजूद लोगों के सामने संजीव को जान से मारने की खुली धमकी देते हुए वहां से भाग निकला। पीड़ित व्यापारी को परिजनों की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया।
घटना के बाद संजीव केशरवानी ने हनुमानताल थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई और आरोपी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने संजीव की रिपोर्ट पर आरोपी समीर वंशकार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(b), 115(2) और 351(3) के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस की एक टीम आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
रांझी में शराब के लिए 1000 रुपये नहीं मिले तो तीन युवकों पर चाकू और मुक्कों से हमला
लक्ष्मी रिसॉर्ट के सफाई कर्मचारी और उसके साथियों को पीटा, दोनों आरोपी भाई फरार
जबलपुर। रांझी थानांतर्गत मानेगांव में शराब पीने के लिए पैसे न देने पर दो सगे भाइयों ने मिलकर रिसॉर्ट कर्मचारी और उसके दो दोस्तों पर हमला कर दिया। आरोपियों ने युवकों को लात-घूंसों से पीटा और चाकू मारकर एक युवक को जख्मी कर दिया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर दोनों भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
इंद्रा आवास कालोनी मानेगांव निवासी 19 वर्षीय रवि नाहर कैलाशधाम के पास स्थित लक्ष्मी रिसॉर्ट में साफ-सफाई का कार्य करता है। रोजाना की तरह काम खत्म करने के बाद रवि अपने घर के पास दोस्तों के साथ मौजूद था।
घटना 2-9-26 की रात लगभग 10 बजे की है। रवि नाहर अपने साथी रोहित रैकवार और अभिषेक स्वामी के साथ मानेगांव तालाब के समीप बने सामुदायिक भवन के सामने खड़ा होकर बातचीत कर रहा था। उसी वक्त इलाके का रहने वाला शनि राने और उसका सगा भाई पवन राने वहां आ धमके। दोनों भाइयों ने रवि को रोक लिया और शराब पार्टी करने के बहाने उससे 1000 रुपये की मांग करने लगे।
रवि ने मेहनत की कमाई फिजूलखर्ची और शराब के लिए देने से मना कर दिया। इससे दोनों आरोपी आक्रोशित हो गए और रवि के साथ गाली-गलौज करने लगे। जब रवि ने अपशब्दों का विरोध किया, तो शनि और पवन ने मिलकर उस पर ताबड़तोड़ घूंसे बरसाने शुरू कर दिए।
अपने दोस्त को पिटता देख पास खड़े रोहित रैकवार और अभिषेक स्वामी तुरंत बीच-बचाव करने पहुंचे। दोनों भाइयों ने उन दोनों पर भी हमला कर दिया और उन्हें भी मुक्कों से पीटा। इसी बीच विवाद बढ़ाते हुए शनि राने ने अपनी जेब से चाकू निकाल लिया और रवि पर वार कर दिया। हमले में रवि के दाहिने हाथ की उंगली कट गई और खून बहने लगा।
शोरगुल सुनकर आसपास के लोग जुटने लगे, तो शनि और पवन दोनों को भविष्य में देख लेने और जान से खत्म करने की धमकी देते हुए भाग निकले। घायल रवि ने 3-9-26 की रात अपने दोस्तों के साथ रांझी थाने पहुंचकर पूरी घटना दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी शनि राने और पवन राने के खिलाफ धारा 296(b), 115(2), 351(2) और 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
जयन्ती कॉम्पलेक्स में मोबाइल सुधरवाना डॉक्टर को पड़ा भारी, खाते से 98 हजार 888 रुपये पार
विक्टोरिया अस्पताल के नेत्र सहायक चिकित्सक बने साइबर ठगी का शिकार, गोरखपुर थाने में केस दर्ज
जबलपुर। शहर के गोरखपुर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां विक्टोरिया जिला चिकित्सालय में पदस्थ नेत्र सहायक चिकित्सक का मोबाइल रिपेयरिंग के बाद हैक हो गया और उनके बैंक खाते से करीब 99 हजार रुपये उड़ा लिए गए। पुलिस ने अज्ञात जालसाज के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच साइबर सेल को सौंपी है।
शंकरशाह नगर रामपुर निवासी 47 वर्षीय सनी एडम पेरिका शासकीय विक्टोरिया हॉस्पिटल में नेत्र सहायक चिकित्सक के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका निजी बैंक खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में संचालित है।
पीड़ित चिकित्सक के अनुसार 31-8-26 को उनका मोबाइल फोन तकनीकी खराबी की वजह से काम नहीं कर रहा था। मोबाइल ठीक कराने के लिए वे शहर के जयन्ती कॉम्पलेक्स स्थित एक दुकान पर गए थे। वहां से फोन सुधरवाकर जब वे घर लौटे, तो उसी दिन शाम करीब 6:53 बजे उनका फोन अचानक अपने आप अपडेट होने लगा। स्क्रीन पर लगातार प्रोसेस चलने लगी और चिकित्सक फोन का सामान्य इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे।
मोबाइल अपडेट होने की आड़ में अज्ञात जालसाज ने उनके फोन का पूरा एक्सेस हासिल कर लिया। इसके चंद मिनटों के भीतर ही उनके एसबीआई बैंक खाते से लगातार 3 बार में कुल 98 हजार 888 रुपये की ऑनलाइन निकासी कर ली गई। जब मोबाइल पर राशि कटने के संदेश आए, तब चिकित्सक के होश उड़ गए।
अचानक हुई इस ठगी से परेशान होकर चिकित्सक ने तुरंत बैंक से संपर्क कर अपने खाते को सुरक्षित कराया और इंटरनेट बैंकिंग बंद करवाई। इसके बाद उन्होंने गोरखपुर थाने जाकर पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी।
गोरखपुर थाना पुलिस ने 2-9-26 को डॉक्टर सनी एडम पेरिका की रिपोर्ट पर अज्ञात ठग के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस अब जयन्ती कॉम्पलेक्स की उस दुकान के कर्मचारियों और मोबाइल अपडेट के दौरान उपयोग किए गए इंटरनेट प्रोटोकॉल की जांच कर रही है ताकि शातिर ठगों तक पहुंचा जा सके।
ग्वारीघाट एसबीआई बैंक के खाते से 39 हजार रुपये गायब, स्टील दुकान कर्मचारी से धोखाधड़ी
पहले खाते से कटा केवल 1 रुपया, फिर कुछ ही मिनटों में उड़ गई महीने भर की गाढ़ी कमाई
जबलपुर। गोरखपुर थाना क्षेत्र में ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी की एक और गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें एक निजी दुकान कर्मचारी का बैंक खाता हैक कर अज्ञात साइबर अपराधी ने 39 हजार रुपये पार कर दिए। जालसाज ने पहले खाते की सक्रियता जांचने के लिए महज 1 रुपया काटा और उसके बाद पूरी रकम निकाल ली।
रामनगर रामपुर निवासी 39 वर्षीय रविकुमार यादव सामान्य परिवार से आते हैं और स्थानीय नर्मदा स्टील दुकान में काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनका बचत खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ग्वारीघाट शाखा में है।
रविकुमार के अनुसार यह घटना 14-8-26 की शाम की है। शाम करीब 5:42 बजे उनके मोबाइल फोन पर बैंक की तरफ से एक मैसेज आया, जिसमें खाते से केवल 1 रुपया डेबिट होने की जानकारी थी। वे समझ ही नहीं पाए कि यह रुपया क्यों कटा है। अभी वे इस मैसेज को ठीक से देख ही रहे थे कि उसके तुरंत बाद उनके मोबाइल पर दूसरा संदेश आ गया।
दूसरे मैसेज में उनके खाते से 39 हजार रुपये कटने की पुष्टि की गई थी। देखते ही देखते खाते में जमा पूरी पूंजी साफ हो गई। रविकुमार ने न तो किसी को ओटीपी शेयर किया था और न ही कोई ऑनलाइन लेनदेन किया था। अज्ञात जालसाज ने छलपूर्वक उनके बैंक खाते में सेंध लगाकर यह रकम किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर ली थी।
अचानक पूरी जमा पूंजी चले जाने के बाद पीड़ित ने पहले बैंक शाखा जाकर अपना खाता फ्रीज कराया और पूरे लेन-देन की बैंक स्टेटमेंट हासिल की। इसके बाद उन्होंने गोरखपुर थाने में साइबर अपराध से जुड़ी पूरी जानकारी दी।
गोरखपुर पुलिस ने 2-9-26 को रविकुमार यादव की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 318(4) बीएनएस के तहत धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस द्वारा उस बैंक खाते की जानकारी निकाली जा रही है, जिसमें यह 39 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की गई है।
फ्री टीवी चैनल देखने का लालच पड़ा भारी, जोमैटो डिलीवरी ब्वॉय से 30 हजार की ठगी
फेसबुक पर बीजीएमआई टीवी ऐप का विज्ञापन देखकर किया था डाउनलोड, गढ़ा थाने में दर्ज हुआ केस
जबलपुर। मोबाइल पर रील्स देखते हुए मुफ्त में टीवी चैनल देखने के चक्कर में एक डिलीवरी ब्वॉय साइबर जालसाजी का शिकार हो गया। गढ़ा थाना क्षेत्र में रहने वाले युवक ने फेसबुक विज्ञापन देखकर एक संदिग्ध ऐप डाउनलोड किया, जिसके जरिए शातिर ठग ने उसके बैंक खाते में सेंध लगाकर 30 हजार रुपये उड़ा दिए।
शारदा चौक गढ़ा निवासी 37 वर्षीय सचिन कुमार नामदेव ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो में डिलीवरी ब्वॉय के रूप में काम करते हैं। वे दिनभर मेहनत करके अपने परिवार का खर्च चलाते हैं।
घटनाक्रम 29-8-26 की रात लगभग 11 बजे शुरू हुआ। सचिन अपने घर पर आराम करते हुए मोबाइल पर रील्स देख रहे थे। उसी दौरान उनके फेसबुक फीड पर एक विज्ञापन दिखाई दिया। उस विज्ञापन में दावा किया गया था कि ‘बीजीएमआई टीवी ऐप’ डाउनलोड करने पर सभी प्रकार के टीवी चैनल हमेशा के लिए बिल्कुल फ्री में देखे जा सकते हैं।
फ्री चैनल के लालच में आकर सचिन ने विज्ञापन के लिंक पर क्लिक कर दिया, जिससे उनके फोन में ‘बीजीएमआई टीवी ऐप’ इंस्टॉल हो गया। ऐप चालू होते ही उसने मोबाइल की सभी फाइल्स, मीडिया और मैसेज की परमिशन मांगी, जिसे सचिन ने बिना सोचे-समझे ऑन कर दिया।
अगले दिन जब सचिन गूगल पे पर बैलेंस चेक करने लगे, तो यूपीआई पिन डालने पर स्क्रीन पर एक अलर्ट आया कि उनका बैंक अकाउंट भारी रिस्क पर है। खतरे को भांपते हुए उन्होंने 30-8-26 को तुरंत वह ऐप अपने फोन से अनइंस्टॉल कर दिया। दोपहर करीब 12 बजे उनका मोबाइल अचानक अपने आप बंद हो गया। कुछ देर बाद जब मोबाइल ऑन हुआ और उन्होंने दोस्त को पैसे भेजने के लिए गूगल पे खोला, तो उसमें बैलेंस काफी कम दिखा।
संदेह होने पर सचिन तुरंत नजदीकी एटीएम पहुंचे और मिनी स्टेटमेंट निकाला। मिनी स्टेटमेंट देखते ही उनके होश उड़ गए, क्योंकि उनके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 30 हजार रुपये ट्रांसफर हो चुके थे। ठगों ने मैलवेयर ऐप के जरिए उनके फोन का क्लोन तैयार कर यह रकम उड़ाई थी। पीड़ित की शिकायत पर गढ़ा थाना पुलिस ने 2-9-26 को धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
