ईडी की दबिश: फर्जी रसीदों से अरबों की चपत,पूर्व विधायक के दर्जनों ठिकानों पर तलाशी

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Newzo - News Editor 36 Views
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जबलपुर। ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के टोल प्लाजा पर अवैध वसूली और धन की हेराफेरी के सिलसिले में मध्य प्रदेश समेत देश के 14 राज्यों में व्यापक तलाशी अभियान छेड़ा है। मध्य प्रदेश में नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल संग्रहण से जुड़े परिसरों पर यह कार्रवाई की गई, जिसका संबंध पूर्व कांग्रेस विधायक संजय शर्मा की कंपनी से सामने आया है। जांच एजेंसी की टीमों ने पूर्व विधायक के तेंदूखेड़ा और देवरी स्थित दफ्तरों सहित राजमार्ग के तीन अहम ठिकानों पर दबिश देकर महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जब्त किए। लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 17 के तहत दर्ज मामलों के आधार पर यह कदम उठाया गया है, जिसमें अधिकारी डिजिटल साक्ष्य, बहीखाते और वित्तीय लेन-देन से जुड़े प्रमाण जुटा रहे हैं।

​नकली सॉफ्टवेयर से लूटी गई भारी टोल राशि

​जांच में खुलासा हुआ कि टोल नाकों पर बिना अनुमति वाले फर्जी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस तकनीकी हेरफेर के जरिए वाहन चालकों को अनधिकृत रसीदें थमाई गईं और सरकारी खजाने को सीधा चूना लगाया गया। टोल टैक्स के जरिए जुटाई गई भारी रकम को एनएचएआई के आधिकारिक वित्तीय सिस्टम में दर्ज ही नहीं किया गया, बल्कि समानांतर रूप से अन्य खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा किए गए फॉरेंसिक ऑडिट और राजमार्ग प्राधिकरण के डेटा मिलान में इस अवैध सॉफ्टवेयर के उपयोग के पुख्ता प्रमाण हाथ लगे हैं। एजेंसी अब इस अवैध कमाई के वास्तविक लाभार्थियों, बैंक खातों और सिंडीकेट के तार खंगाल रही है ताकि गबन किए गए धन के अंतिम गंतव्य का पता लगाया जा सके।

​14 राज्यों में फैली जांच की कड़ी कार्रवाई

​इस संगठित आर्थिक अपराध के तार देश के कई हिस्सों से जुड़े होने के कारण जांच का दायरा तेजी से बढ़ाया गया है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, एनसीआर और कोलकाता में एक साथ अभियान संचालित किया जा रहा है। यह पूरी पड़ताल 22 जनवरी 2025 की प्राथमिकी संख्या 17 तथा 19 मई 2025 को दर्ज ईसीआईआर संख्या ECIR/ASZO/04/2025 के कानूनी प्रावधानों के तहत आगे बढ़ रही है। विभिन्न शहरों में मौजूद टोल कंपनियों के परिसरों से कंप्यूटर हार्ड डिस्क, सर्वर डेटा और निवेश से जुड़े दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं। जांच दल इस सिंडीकेट द्वारा अर्जित काली कमाई से खरीदी गई चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने तय माने जा रहे हैं।

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