मालगाड़ी स्टाफ सीधे नहीं चलाएगा सुपरफास्ट ट्रेनें

Newzo
Newzo - News Editor 40 Views
3 Min Read

वरिष्ठता और तकनीकी ज्ञान से होगा चालक चयन

जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे जोन सहित पूरे देश में वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी प्रीमियम गाड़ियों के अलावा मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन को लेकर कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। रेलवे बोर्ड के निदेशक विद्युत अभियांत्रिकी (चल स्टाक) विकास आनंद द्वारा जारी नए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के निर्देश पमरे मुख्यालय पहुंच गए हैं। इसके तहत अब मालगाड़ी के लोको पायलट (गुड्स एलपी) सीधे यात्री ट्रेनें नहीं चला सकेंगे। पमरे महाप्रबंधक कार्यालय ने जबलपुर, भोपाल और कोटा तीनों मंडलों को आदेश जारी कर दिए हैं। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य संरक्षा मानकों को सुदृढ़ बनाना और तकनीकी रूप से दक्ष क्रू के हाथों में ही तेज गति की यात्री गाड़ियां सौंपना है।

​प्रीमियम ट्रेनों हेतु सीनियरिटी व स्क्रीनिंग अनिवार्य

​जोन स्तर पर जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार मेल और एक्सप्रेस गाड़ियों के संचालन के लिए अब चालकों की वरिष्ठता, सुरक्षा रिकॉर्ड तथा संबंधित ट्रैक्शन के ज्ञान का गहन परीक्षण होगा। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए ए-ग्रेड गुड्स लोको पायलट का एक पृथक पैनल गठित किया जाएगा। इस पैनल में चयनित कर्मियों को भी अनिवार्य संरक्षा स्क्रीनिंग पास करनी होगी। बिना तकनीकी दक्षता प्रमाणन के किसी भी मालगाड़ी चालक को यात्री लिंक पर तैनात करने की अनुमति नहीं मिलेगी।

​क्रू मैनेजमेंट सिस्टम से विश्राम की निगरानी

​तीनों रेल मंडलों की सभी क्रू लॉबी में क्रू मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) के जरिए लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर के ड्यूटी व विश्राम घंटों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। तय समय सीमा से कम आराम पाने वाले रनिंग स्टाफ को ड्यूटी पर बुक करने वाले प्रभारियों पर सीधी विभागीय गाज गिरेगी। लगातार ड्यूटी करने अथवा अपर्याप्त विश्राम की दशा में चालक की यात्रा लिंक तत्काल निरस्त करने की स्वचालित व्यवस्था की गई है।

​यात्री सुरक्षा शिकायतों के उपरांत नई व्यवस्था

​विगत समय में बिना पर्याप्त अनुभव वाले चालकों को मेल ट्रेनों में भेजे जाने संबंधी गंभीर आपत्तियां सामने आई थीं। इसके बाद बोर्ड ने यह ठोस कदम उठाया है। पमरे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक ट्रेन वर्ग के लिए तय योग्यता मानक पूरे होने पर ही ड्यूटी चार्ट तैयार किया जाएगा। लॉबी स्तर पर किसी भी प्रकार की शिथिलता मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

Share This Article
error: This Content is protected !!