
जबलपुर। जबलपुर संभाग के सरकारी महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के सुनहरे भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी पहल की गई है। उच्च शिक्षा विभाग के जबलपुर संभाग स्थित स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना के संभागीय कार्यालय और जबलपुर गारमेंट एंड फैशन डिजाइन क्लस्टर एसोसिएशन के बीच आज एक अत्यंत महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन यानी एमओयू संपन्न हुआ है। इस विशेष समझौते के माध्यम से संभाग के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के सरकारी कॉलेज के छात्र-छात्राओं को गारमेंट एवं फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में पूरी तरह से निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर योजना के संभागीय समन्वयक प्रो. अरुण शुक्ल, एसोसिएशन के महाप्रबंधक दीपक जैन, जिला नोडल अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार कुशवाहा, प्रो. राजीव मिश्रा, डॉ. अजय ठाकुर, डॉ. साक्षी मरावी, डॉ. उमा भारती तथा डॉ. बुशरा खान मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
युवाओं को अब मिलेगा सीधा रोजगार का अवसर
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य युवा वर्ग को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुसार पूरी तरह से तैयार करना है। प्रशिक्षण के तहत छात्रों को कपड़ों की कटिंग, नए डिजाइन का विकास करना, मार्केटिंग और सेलिंग के जरूरी गुर सिखाए जाएंगे। इसके साथ ही उन्हें स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए उद्यमिता का विस्तृत व्यावहारिक ज्ञान भी प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाएगा कि युवा वर्तमान बाजार की मांग को बारीकी से समझें और उसी के अनुरूप अपने आकर्षक उत्पाद तैयार करें। इस पूरी प्रक्रिया से उन युवाओं को सबसे अधिक लाभ होगा जो कपड़ा निर्माण और डिजाइन के क्षेत्र में गहरी रुचि रखते हैं। उन्हें अब बाजार की कठिन चुनौतियों का सामना करने के लिए पहले से ही पूर्ण रूप से तैयार कर लिया जाएगा जिससे वे अपनी पढ़ाई पूरी करते ही तुरंत अपना काम शुरू कर सकें।
फैशन उद्योग की बारीकियां सिखाएंगे विषय विशेषज्ञ
इस समझौते का एक और बड़ा फायदा यह है कि विद्यार्थियों को सीधे उन अनुभवी विशेषज्ञों से सीखने का सुनहरा मौका मिलेगा जो लंबे समय से इस उद्योग में सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। छात्रों को विस्तार से सिखाया जाएगा कि कैसे एक छोटे विचार को एक सफल और बड़े व्यवसाय में बदला जा सकता है। उन्हें स्वरोजगार के नए अवसरों की सटीक जानकारी दी जाएगी और यह भी बताया जाएगा कि अपना खुद का ब्रांड बाजार में कैसे स्थापित करें। यह महत्वपूर्ण कदम छात्रों में व्यावसायिक कौशल विकसित करने के साथ-साथ उन्हें पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा प्रयास माना जा रहा है। यह योजना संभाग के उन सभी युवाओं के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी जो फैशन की आधुनिक दुनिया में अपना नाम कमाना चाहते हैं लेकिन आर्थिक तंगी या अन्य कारणों से महंगे निजी संस्थानों में प्रशिक्षण नहीं ले पाते हैं। अब उन्हें सरकारी स्तर पर ही उच्च गुणवत्ता का मार्गदर्शन और व्यावहारिक कौशल आसानी से प्राप्त हो सकेगा।
