
जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल में मंडल रेल प्रबंधक कमल कुमार तलरेजा के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शशांक गुप्ता के नेतृत्व में 18 से 20 अगस्त 2026 तक 3 दिवसीय सघन टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। इस विशेष अभियान में वाणिज्य विभाग के सचल टिकट निरीक्षकों और जांच दल ने ट्रेनों व स्टेशनों पर औचक निरीक्षण करके कुल 1325 मामलों में 714120 रुपए का राजस्व वसूला। रेलवे प्रशासन द्वारा अनाधिकृत यात्रा पर रोक लगाने, यात्रियों को वैध टिकट के साथ सफर करने हेतु प्रेरित करने तथा राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह सख्त कदम उठाया गया। इस कार्रवाई से बिना टिकट यात्रा करने वालों तथा नियम तोड़ने वाले मुसाफिरों में हड़कंप मच गया और व्यवस्था सुदृढ़ हुई।
बिना टिकट और अनबुक्ड सामान पर जुर्माना
जांच अभियान के दौरान अलग-अलग श्रेणियों में नियम विरुद्ध सफर करने वालों को पकड़ा गया। इसमें पूरी तरह बिना टिकट मिले 588 लोग शामिल रहे, जबकि गलत श्रेणी अथवा अधूरी छूट वाले अनियमित टिकट के 309 मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा तय सीमा से अधिक व बिना बुक कराए सामान ले जाने वाले 428 मुसाफिरों पर नियमानुसार अतिरिक्त प्रभार लगाया गया। जांच टीमों ने स्पष्ट किया कि आरक्षित कोच में सफर के लिए यात्रियों के पास वैध कन्फर्म टिकट और मूल पहचान पत्र होना अनिवार्य है। ई-टिकट पर वेटिंग लिस्ट रहने की दशा में यात्री आरक्षित डिब्बों में सफर के हकदार नहीं होते, इसलिए यात्रा पूर्व अपनी स्थिति जांचना जरूरी है।
अधिकृत काउंटर व मशीनों से टिकट लें
रेल प्रबंधन ने आमजन को हिदायत दी है कि स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर केवल प्लेटफॉर्म टिकट या यात्रा टिकट लेकर ही प्रवेश करें। प्लेटफॉर्म टिकट का उपयोग ट्रेन में यात्रा के लिए पूरी तरह अमान्य है। जरूरत से ज्यादा सामान होने पर उसे पार्सल या लगेज कार्यालय में वजन करवाकर बुक कराना चाहिए। दलालों व असत्यापित स्रोतों के झांसे में आने के बजाय स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन अथवा रेलवे के आधिकारिक ऑनलाइन माध्यमों से ही खरीददारी करें। मंडल में अनुशासन कायम रखने और उचित व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसी सघन जांच आगे भी लगातार जारी रखी जाएगी।
