रेलवे दफ्तर के उपस्थिति रजिस्टर में खुली धांधली,बिना ड्यूटी आए लग रही अटेंडेंस

Newzo
Newzo - News Editor 64 Views
3 Min Read

जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे जोन के कोटा मंडल के अधीन तुगलकाबाद स्थित रेलवे अभियंता डिपो कार्यालय में कर्मचारियों द्वारा हाजिरी रजिस्टर में भारी गड़बड़ी करने की सनसनीखेज बात सामने आई है। ड्यूटी से गायब रहकर कई दिनों की उपस्थिति एक साथ दर्ज करने की मनमानी का खुलासा जुलाई और अगस्त माह के वायरल उपस्थिति पन्नों से हुआ। यहां लंबे समय से चल रहे इस खेल का विरोध करने वाले कर्मियों को चार्जशीट और ट्रांसफर की खुली धमकियां दी जा रही हैं। खुद को 15 साल से एक ही जगह जमा बताते हुए सीटीई और पीसीई के प्रोटोकॉल की धौंस जमाई जाती है। बीते 4 अगस्त को कोटा के ब्रिज ऑफिस में उजागर हुई धांधली के बाद यह 20 दिन में सामने आने वाला दूसरा बड़ा मामला बन चुका है।

​सोशल मीडिया पर खुली फर्जीवाड़े की पोल

​सरकारी दफ्तर में नियम कायदों को ताक पर रखकर उपस्थिति पंजिका को खिलौना बना दिया गया है। संबंधित अनुभाग में तैनात स्टाफ बिना किसी रोकटोक के हफ्तों तक कार्यस्थल से नदारद रहता है। बाद में एक ही समय में पूरे महीने के कॉलम में दस्तखत बना दिए जाते हैं। इस मनमानी के चलते यह तय कर पाना पूरी तरह असंभव हो जाता है कि कौन सा कर्मचारी वास्तव में फील्ड में उपस्थित था और कौन अनधिकृत अवकाश पर रहा। ऑनलाइन सार्वजनिक हुए दस्तावेजों के अनुसार कई तारीखों के खाने जानबूझकर खाली छोड़े गए हैं ताकि सुविधानुसार पिछली तारीखों में हाजिरी भरी जा सके।

​कार्रवाई नहीं होने से बढ़े कर्मचारियों के हौसले

​शिकायत दर्ज कराने की कोशिश करने वाले कर्मचारियों पर लगातार विभागीय दबाव बनाया जाता है। प्रभाव और पहुंच के नाम पर ईमानदार कर्मियों की आवाज दबाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। पूर्ववर्ती घटनाओं पर सख्त प्रशासनिक कदम न उठाए जाने के कारण नियमों की अनदेखी करने वालों की हिम्मत लगातार बढ़ रही है। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में पूरा घटनाक्रम आने के बावजूद अब तक किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लगातार घटते ऐसे मामले रेलवे प्रशासन की कार्यशैली और आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर गहरा अविश्वास पैदा कर रहे हैं।

Share This Article
error: This Content is protected !!