कैंपस से सोशल मीडिया तक संवाद की जुगलबंदी, जेन-जी के साथ भाजपा करेगी सीधे कनेक्ट

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Newzo - News Editor 51 Views
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जबलपुर। मध्य प्रदेश में आगामी नगरीय निकाय, पंचायत और विधानसभा चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी, राज्य सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 18 से 29 आयु वर्ग के 1.40 करोड़ से अधिक युवा मतदाताओं तक पहुंचने की रणनीति बनाई है। इस कार्ययोजना के तहत जेन-जी और जेन-अल्फा पीढ़ी को साधने के लिए सोशल मीडिया, स्कूल, कॉलेज और छात्रावासों में सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल विभिन्न जिलों में सक्रिय डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स के साथ बैठकें करेंगे। वहीं संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के नेतृत्व में पदाधिकारी सितंबर माह से भोपाल में युवाओं से प्रत्यक्ष बातचीत शुरू करेंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं की वास्तविक अपेक्षाओं को समझना है।

​शैक्षणिक परिसरों में पहुंचेंगे जनप्रतिनिधि

​युवा मोर्चे को जमीनी स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाने का विशेष दायित्व सौंपा गया है। तय योजना के अनुसार मंत्री, सांसद और विधायक स्वयं विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों तथा छात्रावासों में उपस्थित होकर छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद करेंगे। जनप्रतिनिधियों का मुख्य ध्यान युवाओं के दैनिक जीवन से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहेगा। वे केवल प्रशासनिक कार्यों का उल्लेख करने के स्थान पर छात्रों से सीधे करियर मार्गदर्शन, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण की जरूरतों पर विचार साझा करेंगे।

​डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स से साधा जाएगा संपर्क

​बदलते दौर में इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स नई उम्र के नागरिकों के विचार तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसी प्रभाव को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक जिले में ऐसे स्थानीय युवाओं की सूची तैयार की जा रही है, जिनकी विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों पर मजबूत पकड़ है। पार्टी संगठन इन प्रभावशाली कंटेंट क्रिएटर्स से सीधा समन्वय स्थापित करेगा ताकि आधुनिक माध्यमों के जरिए संवाद का दायरा बढ़ाया जा सके। अलग-अलग जिलों में आयोजित होने वाले इन विशेष सत्रों का प्रारूप तैयार किया जा रहा है।

​रोजगार और कौशल पर होगी खुली चर्चा

​संवाद के दौरान औपचारिक राजनीतिक भाषणों से पूरी तरह परहेज करने की तैयारी की गई है। आयोजनों में आजीविका के नए साधन, स्वरोजगार की संभावनाएं और उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल विकास को मुख्य विषय बनाया गया है। नई पीढ़ी के बदलते रुझान और उनकी प्राथमिकताओं को समझने के लिए खुले सत्र आयोजित होंगे। इन संवादों से मिलने वाले महत्वपूर्ण सुझावों के आधार पर आगामी समय के लिए सांगठनिक रणनीति को अधिक व्यावहारिक रूप दिया जाएगा।

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