
जबलपुर। मध्य प्रदेश के कटनी में पदस्थ नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया पर पद के दुरुपयोग और वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले का संज्ञान लेते हुए दोषी अधिकारी के निलंबन के स्पष्ट आदेश जारी किए। कटनी एसपी ने शुरुआत में सीएसपी के सरकारी ड्राइवर को निलंबित कर उनसे थानों का प्रशासनिक प्रभार छीन लिया था। इसके बाद जबलपुर जोन आईजी के निर्देश पर एएसपी अनु बेनीवाल ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की। जांच प्रतिवेदन के आधार पर कटनी में सीएसपी समेत 3 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की गई। हाईकोर्ट से भी सीएसपी को फौरी राहत नहीं मिल सकी। सरकार ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था में किसी भी स्तर पर पुलिसिया धौंस अथवा गैरकानूनी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं होंगी।
सस्ते दाम पर जमीन हड़पने का आरोप
सीएसपी के कार्यकाल के दौरान स्थानीय स्तर पर गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंची थीं। हत्या के एक मामले में फंसे आरोपी पर पद का अनुचित दबाव बनाया गया। इसके बाद एक दलाल के जरिए 80 लाख रुपये मूल्य की विवादित जमीन को महज 18 लाख रुपये में अपने पक्ष में करा लिया गया। इसी दौरान एक स्थानीय ट्रांसपोर्टर से भी अवैध धन उगाही की लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। इन मामलों के सामने आने से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।
जांच रिपोर्ट के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
शिकायतों की पुष्टि के लिए वरिष्ठ स्तर पर विशेष जांच दल गठित किया गया था। जांच अधिकारी ने स्थानीय स्तर पर साक्ष्य जुटाए और पीड़ितों के बयान दर्ज किए। विस्तृत रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आरोपों को सही पाया गया, जिसके आधार पर संबंधित थाने में आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध हुआ। कानूनी शिकंजे से बचने के लिए अधिकारी ने उच्च न्यायालय की शरण ली, लेकिन अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कोई तात्कालिक स्थगन आदेश या राहत देने से इनकार कर दिया।
शासन स्तर से कड़ी कार्रवाई के निर्देश
गृह विभाग के स्तर पर प्रशासनिक शुचिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक नेतृत्व ने निर्देश दिए कि वर्दी की आड़ में जनता को प्रताड़ित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कटनी मामले में विभागीय जांच तेजी से पूरी करने और सभी संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस घटनाक्रम के बाद पूरे जिले के पुलिस महकमे में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी की जा रही है।
