जबलपुर में अवैध एविल इंजेक्शन जब्त, मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस निरस्त

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Newzo - News Editor 61 Views
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जबलपुर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन मध्यप्रदेश के नियंत्रक मनोज पुष्प के निर्देश तथा भोपाल मुख्यालय व इंदौर औषधि प्रशासन से मिली गुप्त सूचना पर जबलपुर में औषधि निरीक्षक राधेश्याम वट्टी और प्रवीण पटेल ने संयुक्त कार्रवाई की। टीम ने एम्पायर रोड स्थित शीला टॉकीज के पास रहने वाले निशांत राजपूत पिता करमचंद्र राजपूत के घर पर छापा मारा। जांच में बिना लाइसेंस के विक्रय के उद्देश्य से घर में रखी 2400 वायल एविल 10 एम.एल. दवा बरामद हुई, जिसे बुधवार को जब्त कर आज गुरुवार को अदालत से अभिरक्षा आदेश लिया गया। इस मामले में सीजेएम कोर्ट में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत परिवाद पेश किया जाएगा। साथ ही, नार्कोटिक्स दवाओं का हिसाब न देने पर पनागर स्थित साई एजेंसी संचालक सुनील कुमार केवट पिता बिंदु प्रसाद केवट का थोक विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।

​बिना अनुमति दवा भंडारण पर कानूनी शिकंजा कसा

​पटना से मंगाई गई दवाओं की इस बड़ी खेप को स्थानीय स्तर पर खपाने की तैयारी थी। विभागीय अधिकारियों को सूचना मिली थी कि रिहायशी इलाके में नियमों को दरकिनार कर जीवनरक्षक व एलर्जी रोधी दवाओं का गैरकानूनी भंडारण किया जा रहा है। मौके पर पहुंची जांच टीम ने दवा के सुरक्षित रख-रखाव और खरीद-बिक्री से जुड़े अधिकृत दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके। औषधि नियमों की अवहेलना पर कड़ी सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान है। अब अभियोजन प्रक्रिया पूरी कर मामला सीधे अदालत में चलाया जाएगा।

​अभिलेख नहीं देने पर एजेंसी का लाइसेंस रद्द

​प्रशासनिक सख्ती के तहत देवरी खुर्द राम वार्ड स्थित प्रतिष्ठान पर भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की गई। संबंधित फर्म को पूर्व में नोटिस देकर नशीली दवाओं के क्रय-विक्रय का संपूर्ण लेखा-जोखा मांगा गया था। समयावधि बीत जाने पर भी रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। निरीक्षक की विस्तृत जांच रिपोर्ट में गंभीर प्रक्रियात्मक गड़बड़ियां पाई गईं। प्राधिकारी ने नियमों के उल्लंघन को देखते हुए थोक दवा विक्रय की स्वीकृति को पूरी तरह समाप्त कर दिया। इस दोहरी कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

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