
बकाया भुगतान नहीं होने पर यूनियन पर शिकंजा
जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय के निर्देश पर भोपाल मंडल रेल प्रशासन ने एक करोड़ रुपए का किराया और अन्य सुविधाओं का बकाया नहीं चुकाने पर भोपाल रेलवे एम्पलाइज यूनियन के कार्यालय को सील कर दिया है। दिसंबर 2024 में हुए मान्यता चुनाव में हार के बाद रेलवे ने यूनियन को कार्यालय खाली करने के निर्देश दिए थे लेकिन करीब डेढ़ साल तक भी आदेश का पालन नहीं किया गया। इसके बाद रेलवे ने यूनियन कार्यालय पर करीब 1 करोड़ रुपए की रिकवरी निकाली। पश्चिम-मध्य रेल कर्मचारी परिषद और वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ ने लगातार दबाव बनाते हुए रेलवे से यह राशि यूनियन पदाधिकारियों के वेतन से काटने और सेवानिवृत्ति के समय उनके अंतिम भुगतान से वसूली करने की मांग की थी। रेलवे ने 1 अगस्त को अंतिम नोटिस जारी कर इस कार्यालय को अपने अधिकार में ले लिया है। जबलपुर के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बकाया वसूली के लिए संबंधित पदाधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं और राशि जमा नहीं होने पर यूनियन आगामी मान्यता चुनाव लड़ने से भी वंचित हो सकती है। इस बीच ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन की भोपाल ब्रांच के सचिव और मुख्य टिकट निरीक्षक यशवंत सिंह परिहार के साथ-साथ भोपाल मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के महेश तिवारी ने कर्मचारी परिषद की सदस्यता ग्रहण कर ली है जिससे रेलवे यूनियन की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
दफ्तर सील, नेताओं की बढ़ी मुश्किलें
रेलवे प्रशासन द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई से भोपाल में हलचल मच गई है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्ती आगे भी जारी रहेगी। यदि तय समय सीमा के भीतर एक करोड़ रुपए की बकाया राशि जमा नहीं की जाती है तो पदाधिकारियों की मुश्किलें और अधिक बढ़ सकती हैं। यूनियन की गतिविधियों और आगामी चुनाव को लेकर भी संशय की स्थिति बनी हुई है। रेलवे के इस कड़े कदम से कर्मचारियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
