
जबलपुर में पुलिस की दबिश, अवैध शराब के साथ तस्कर फरार
ग्वारीघाट इलाके में दो बोरियों में भरी मिली 343 पाव देशी शराब, मामला दर्ज
जबलपुर। जिले में अवैध मादक पदार्थों और अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। इसी क्रम में जबलपुर पुलिस अधीक्षक संपत्ति उपाध्याय के निर्देश पर जिलेभर के थानों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है जहाँ भारी मात्रा में अवैध देशी शराब जप्त की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना ग्वारीघाट की पुलिस टीम को मुखबिर से विशेष सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अवैध शराब का भंडारण कर उसे बेचने का अवैध कारोबार किया जा रहा है। मुखबिर से प्राप्त इस पुख्ता सूचना के आधार पर ग्वारीघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भीमनगर इलाके में पानी की टंकी के नीचे एक संदिग्ध स्थान पर पुलिस ने त्वरित दबिश दी। पुलिस टीम जब मौके पर पहुँची तो वहाँ शिब्बू गोस्वामी नाम का व्यक्ति दो बोरियाँ लेकर बैठा हुआ नजर आया। पुलिस बल को अचानक अपने सामने देखकर वह घबरा गया और मौके से भागने की कोशिश करने लगा। पुलिसकर्मियों ने उसका तुरंत पीछा किया लेकिन वह पास की घनी झाड़ियों का अनुचित फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल हो गया। पुलिस ने मौके पर लावारिस हालत में छूटी दोनों बोरियों की विधिवत जाँच की। बोरियों की तलाशी लेने पर उनके अंदर से कुल 343 पाव देशी शराब बरामद की गई। जप्त की गई इस अवैध शराब की कुल अनुमानित कीमत लगभग 38,400 रुपये आंकी गई है। पुलिस ने सभी बोतलों और शराब को अपने कब्जे में लेते हुए जप्त कर लिया है। मौके से फरार होने वाले आरोपी शिब्बू गोस्वामी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत गंभीर मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उसे जल्द ही गिरफ्तार किए जाने की बात कही जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में ग्वारीघाट थाना प्रभारी कन्हैया बघेल एवं उनकी पूरी टीम की सक्रिय भूमिका रही है जिससे अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
जबलपुर में दर्दनाक वारदात, धारदार हथियार से युवक की हत्या
गोहलपुर थाना क्षेत्र के त्रिमूर्ति नगर इलाके में खून से लथपथ मिला शव, पुलिस ने शुरू की विशेष जाँच
जबलपुर। शहर के गोहलपुर थाना अंतर्गत एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहाँ त्रिमूर्ति नगर की कृष्णा कॉलोनी में एक युवक की निर्मम हत्या कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँच गए। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गोहलपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत कृष्णा कॉलोनी के पास एक व्यक्ति के घायल अवस्था में गंभीर रूप से पड़े होने की सूचना मिली थी। इस सूचना के मिलने पर गोहलपुर थाना प्रभारी रीतेश पांडे अपने हमराह स्टाफ के बल के साथ फौरन घटनास्थल पर पहुँचे। मौके पर पहुँचने पर उन्होंने देखा कि लगभग 30 से 32 वर्ष की उम्र का एक युवक खून से बुरी तरह लथपथ हालत में मृत अवस्था में पड़ा हुआ है और आसपास भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई है। मृतक के सीने, पेट और शरीर के अन्य हिस्सों पर धारदार हथियार से किए गए गहरे जख्मों के कई निशान साफ दिखाई दे रहे थे। मृतक के पिता संजय सिंह ठाकुर ने पुलिस को बताया कि वे प्रोफेसर कॉलोनी करमेता मढ़ईताल के रहने वाले हैं और मंडी विजय नगर में गाड़ी चलाने का काम करते हैं। घटना वाले दिन वे अपनी लोडिंग गाड़ी से मूंग खाली करने के लिए मधुकुल सेवा वेयर हाउस पाटन गए हुए थे। शाम को करीब 6 बजे उनके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया जिसमें उन्हें जानकारी दी गई कि उनका बेटा यशवन्त उर्फ शिवो गोहलपुर की कृष्णा कॉलोनी में अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है। इस दुखद सूचना को सुनते ही वे अपने दामाद अभिषेक सिंह राजपूत और अन्य परिजनों के साथ तुरंत गोहलपुर पहुँचे। वहाँ पहुँचने पर उन्होंने देखा कि उनका बेटा यशवन्त उर्फ शिवो सेन ठाकुर मृत पड़ा था जिसकी उम्र लगभग 30 वर्ष थी। उसके सीने, पेट और हाथ पर कई स्थानों पर गंभीर धारदार चोटें थीं। आसपास के स्थानीय लोगों ने बताया कि शाम को 5:15 बजे उसे घायल हालत में देखा गया था। किसी अज्ञात हमलावर द्वारा धारदार हथियार से अचानक हमला कर उसकी हत्या को अंजाम दिया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया। जबलपुर पुलिस अधीक्षक संपत्ति उपाध्याय के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक गोहलपुर उदयभान बागरी और एफएसएल अधिकारी डॉ अजय सिंह ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। अधिकारियों की उपस्थिति में पंचनामा की पूरी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया गया। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है और विवेचना शुरू कर दी है। आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए शहर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष जाखड़ और नगर पुलिस अधीक्षक उदयभान बागरी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रीतेश पांडे के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया है जो लगातार हर पहलू पर गहनता से जाँच कर रही है।
जबलपुर में बिना अनुमति कॉलोनी बसाने वालों पर बड़ी कार्रवाई
ग्वारीघाट थाने में कालोनाइजरों के विरुद्ध धोखाधड़ी व नियमों के उल्लंघन का मामला दर्ज
जबलपुर। अवैध निर्माण और बिना अनुमति के कॉलोनियों का विकास करने वाले भू-माफियाओं और कालोनाइजरों पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। इसी कड़ी में ग्वारीघाट थाना क्षेत्र में एक बड़ा और गंभीर मामला दर्ज किया गया है। प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार नगर पालिका निगम के सहायक इंजीनियर एवं प्रभारी कॉलोनी सेल सुनील दुबे ने ग्वारीघाट थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि मौजा पालीपत्थर के अंतर्गत आने वाले खसरा नंबर 18/2 की कुल 0.451 हेक्टेयर भूमि पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से कॉलोनी का निर्माण किया गया है। इस अवैध निर्माण कार्य को अंजाम देने वाले प्रमुख लोगों में हिम्मत पटेल, रमेश कुमार जिनके पिता का नाम चोखेलाल पटेल है, श्रीमती रामेत्री पटेल जो कि सभी पटेल मोहल्ला रामपुर संत नगर के निवासी हैं, और उनके साथ डेविड स्वामी जो कि नर्मदा रोड जबलपुर के निवासी हैं, शामिल हैं। जांच के दौरान इस अवैध रूप से विकसित की गई कॉलोनी में कई प्रकार की गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। सबसे मुख्य बात यह है कि इस कॉलोनी के विकास के लिए संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग से किसी भी प्रकार का लेआउट अनुमोदित नहीं कराया गया है। इसके अलावा मध्य प्रदेश नगर पालिका नियम 2021 के तमाम प्रावधानों और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कॉलोनी विकसित करने की कोई वैधानिक अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी जिसके बाद भी वहाँ धड़ल्ले से निर्माण कार्य किया गया जो कि मौजूदा कानूनों का खुला और सीधा उल्लंघन है। इस अवैध गतिविधि को रोकने के लिए संबंधित कालोनाइजरों को कार्यालय की तरफ से 14-12-2023, 8-1-2024, 31-1-2024, 14-2-2024 तथा 5-4-2024 को कुल 5 बार विधिवत नोटिस जारी किए गए थे। परंतु इसके बावजूद उन लोगों द्वारा कोई भी संतोषजनक जवाब या वैध दस्तावेज सक्षम अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए। नगर निगम द्वारा लगातार नोटिस जारी किए जाने के बाद भी स्थल पर निर्माण और विकास कार्य बिना किसी रोक-टोक के लगातार जारी रखे गए। सुनील दुबे द्वारा दी गई इसी लिखित शिकायत के आधार पर ग्वारीघाट पुलिस ने आरोपी हिम्मत पटेल, रमेश पटेल, रामेत्री पटेल, चोखेलाल पटेल और डेविड स्वामी के खिलाफ मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम की धारा 292(सी) के अंतर्गत गंभीर अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस इस पूरे प्रकरण की विस्तृत विवेचना कर रही है और अवैध निर्माण से जुड़े सभी तथ्यों की गहराई से जाँच पड़ताल की जा रही है ताकि नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई पूरी की जा सके।
बेलबाग थाना क्षेत्र में रंगदारी और चाकू से हमला
शराब के लिए रुपये मांगने और विरोध करने पर धारदार हथियार से घायल करने का मामला दर्ज
जबलपुर। शहर के बेलबाग थाना अंतर्गत एक युवक पर शराब पीने के लिए पैसों की मांग करने और पैसे न देने पर जानलेवा हमला करने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पूरी वारदात बेलबाग थाना क्षेत्र की है जहाँ एक युवक ने स्थानीय थाने में पहुँचकर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रार्थी समीर सोनकर जिनकी उम्र 36 वर्ष है और जो बड़ी ओमती के रहने वाले हैं, उन्होंने पुलिस को बताया कि वे पेशे से पेंट ब्रश बनाने का काम करते हैं। घटना से दो दिन पहले यानी 3 अगस्त 2026 को वे लकड़गंज स्थित प्रसिद्ध बीजवासन माता मंदिर में दर्शन करने के लिए गए हुए थे। दोपहर के करीब 1:45 बजे जब वे मंदिर के मुख्य दर्शन करके वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में मंदिर के मेन गेट के पास अतुल ठाकुर नामक व्यक्ति उनके पास आया। उस व्यक्ति ने आते ही समीर सोनकर से शराब पीने के लिए 500 रुपये की नगद मांग की। जब समीर ने उसे शराब पीने के लिए पैसे देने से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपी आग बबूला हो गया और उन्हें जातिसूचक गालियां देने लगा। जब प्रार्थी ने उसकी गालियों का विरोध किया तो आरोपी ने गुस्से में आकर उनका कॉलर पकड़ लिया और अपनी जेब से चाकू निकालकर उन पर अचानक हमला कर दिया। समीर ने अपनी जान बचाने के लिए जब बचाव का प्रयास किया तो उनके बाएं हाथ की छोटी अंगुली में गंभीर चोट लग गई। आरोपी ने हमला करने के बाद उन्हें जान से खत्म करने की धमकी भी दी और मौके से फरार हो गया। इस पूरी घटना की रिपोर्ट मिलने के बाद बेलबाग पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 119(1), 351(2) एवं एससी एसटी एक्ट की धारा 3(2)(वी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तलाश तेज कर दी है और घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जाँच की जा रही है ताकि आरोपी को जल्द से जल्द पकड़कर कानून के शिकंजे में लाया जा सके। इस तरह की घटनाओं से आम नागरिकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है जिस पर पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार नजर रखी जा रही है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
रांझी इलाके में दो छात्रों पर जानलेवा हमला
व्हीकल मोड़ के पास शराब के लिए 1,000 रुपये की मांग ठुकराने पर तलवारनुमा हथियार से वार
जबलपुर। जिले के रांझी थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं इसका एक ताजा उदाहरण सामने आया है जहाँ दो छात्रों पर शराब के पैसे न देने पर घातक हथियारों से हमला कर दिया गया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रांझी थाना क्षेत्र के अंतर्गत यह गंभीर वारदात 6 अगस्त 2026 की रात को घटित हुई है। प्रार्थी हिमांशु कुचबंदिया जिनकी उम्र 17 वर्ष है और जो कुचबंदिया मोहल्ला तेल मिल घमापुर के रहने वाले हैं, उन्होंने पुलिस थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि वे मॉडल हाई स्कूल में कक्षा 12वीं के नियमित छात्र हैं। घटना की रात लगभग 10:30 बजे वे अपने साथी दोस्त सौर्यजीत कुचबंदिया के साथ व्हीकल मोड़ की तरफ चाय पीने के लिए जा रहे थे। जब वे दोनों पनेहरा पेट्रोल पंप के ठीक सामने स्थित एक पान की टपरी पर रुककर पानी की बोतल खरीद रहे थे, तभी अचानक एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो लड़के वहाँ आए। उन दोनों लड़कों ने आते ही रौब झाड़ते हुए कहा कि तुम लोग यहाँ क्यों खड़े हो, हम इस इलाके के गुंडे हैं। इसके बाद उन्होंने दोनों छात्रों से शराब पीने के लिए 1,000 रुपये की अवैध मांग करनी शुरू कर दी। जब छात्रों ने उन्हें पैसे देने से मना कर दिया तो दोनों आरोपी भड़क गए और गंदी-गंदी गालियां बकने लगे। जब हिमांशु और उसके साथी ने इसका विरोध जताया तो एक आरोपी ने अपने पास रखे बकुनुमा यानी तलवारनुमा धारदार हथियार से हिमांशु के सिर के पीछे जोरदार वार कर दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं दूसरे आरोपी ने उनके साथी सौर्यजीत के सिर पर एक भारी पत्थर उठाकर प्रहार कर दिया जिससे वह भी बुरी तरह लहूलुहान हो गया। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों हमलावर यह धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए कि अगर वे दोबारा इस इलाके में दिखाई दिए तो उन्हें जान से खत्म कर दिया जाएगा। प्रार्थी के अनुसार दोनों आरोपियों की उम्र लगभग 20 से 21 वर्ष के आसपास थी। इस रिपोर्ट के आधार पर रांझी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 119(1), 351(2), 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है और पूरे मामले की गहनता से विवेचना की जा रही है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
