
जबलपुर। पनागर स्थित चंदन कॉलोनी में रहने वाले एपीएआर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के असिस्टेंट मैनेजर शेष नारायण सोनी के साथ बड़ा साइबर फ्रॉड सामने आया है। पनागर पुलिस थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार 29 जुलाई को शुरू हुई इस ऑनलाइन ठगी की जानकारी इस परिवार को 3 दिनों के भीतर नहीं मिल पाई और बैंक खातों से लगातार पैसे निकलते रहे। अज्ञात साइबर ठगों ने शेष नारायण सोनी की पत्नी नेहा सोनी के गूगल पे मोबाइल नंबर के जरिए उनकी मां सकुन सोनी के बैंक आफ इंडिया खाते से 30 हजार रुपये दो बार में कुल 60 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए। इसके अलावा शेष नारायण के आईसीआईसीआई बैंक खाते से भी 96 हजार 123 रुपये ऑनलाइन निकाल लिए गए, जिससे कुल 1 लाख 56 हजार 123 रुपये की चपत लगी। शेष नारायण सोनी पनागर की चंदन कॉलोनी में रहते हैं और क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी एपीएआर इंडस्ट्रीज लिमिटेड में असिस्टेंट मैनेजर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके परिवार के साथ हुई इस बड़ी ऑनलाइन धोखाधड़ी ने हर किसी को हैरान कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक 29 जुलाई की दोपहर को ठगी की शुरुआत हुई जब उनकी पत्नी नेहा सोनी के मोबाइल पर चल रहे गूगल पे नंबर से लिंक करते हुए प्रक्रिया शुरू की गई। सकुन सोनी जो कि शेष नारायण की मां हैं, उनके बैंक आफ इंडिया के खाते से 30 हजार रुपये का पहला ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर लिया गया। इसके अलावा एक बार फिर इसी तरह 30 हजार रुपये और निकाल लिए गए, जिससे उनकी मां के बैंक खाते से कुल 60 हजार रुपये गायब हो गए। परिवार को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि उनके बैंक खातों से धीरे-धीरे पैसे निकाले जा रहे हैं।
गूगल पे से बैंक खाते हुए खाली
ठगों का जाल यही नहीं रुका। इसके बाद शेष नारायण सोनी के खुद के आईसीआईसीआई बैंक के खाते को निशाना बनाया गया। उनके इस पर्सनल बैंक खाते से अज्ञात आरोपियों ने ऑनलाइन माध्यम से 96 हजार 123 रुपये और निकाल लिए। इस तरह से मात्र 3 दिनों के अंतराल में पूरे परिवार के अलग-अलग बैंकों के खातों से कुल 1 लाख 56 हजार 123 रुपये की बड़ी रकम पर ऑनलाइन ठगों ने हाथ साफ कर दिया। परिवार को जब इस अवैध निकासी का पता चला तब तक काफी देर हो चुकी थी और उनके बैंक खाते पूरी तरह खाली हो चुके थे।
तीन दिनों में साइबर ठगों ने निकाले पैसे
घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित शेष नारायण सोनी ने तुरंत पनागर थाने में इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उनकी शिकायत के आधार पर अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। पनागर पुलिस अब इस मामले की तकनीकी जांच में जुट गई है। साइबर सेल की मदद से उन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है जिनका उपयोग इस अवैध ट्रांसफर के लिए किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल ट्रांजैक्शन के दौरान किसी भी अनजान लिंक या व्यक्ति से सतर्क रहना बेहद जरूरी है ताकि लोग इस प्रकार के फ्रॉड का शिकार होने से बच सकें।
