
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में 4 अगस्त को मध्य प्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराज द्वारा नामांकन निरस्त किए जाने के खिलाफ उच्च न्यायालय में एक महत्वपूर्ण चुनाव याचिका दायर की गई, जिसमें न्यायमूर्ति बी पी शर्मा की पीठ द्वारा तरुण चुघ, रजनीश कुमार अग्रवाल, महेश केवट, मुख्य चुनाव आयुक्त, रिटर्निंग अधिकारी प्रमुख सचिव मध्य प्रदेश विधान सभा तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी राज्य चुनाव आयोग को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है तथा याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गुप्ता और आर्यन गुप्ता ने पैरवी की है और तेलंगाना की अदालत के एक मामले का हवाला दिया गया है तथा इस प्रकरण की अगली सुनवाई के लिए 11 सितम्बर की तिथि निर्धारित की गई है जो की न्याय हित में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
न्यायालय ने इस मामले में नोटिस जारी किया
कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराज द्वारा दायर की गई इस चुनाव याचिका में मुख्य रूप से यह बताया गया है कि तेलंगाना की एक अदालत में एक महिला द्वारा दायर किए गए निजी परिवाद में उन्हें प्रतिवादी बनाया गया था। प्रतिवादी बनाए जाने के कारण ही न्यायालय ने उनके पक्ष के लिए नोटिस जारी किया था और उनके खिलाफ किसी भी प्रकार का कोई आपराधिक मामला न तो दर्ज था और न ही विचाराधीन था। जब उनके नामांकन पर आपत्ति प्रस्तुत की गई थी तब रिटर्निंग ऑफिसर ने सभी स्थापित नियमों को पूरी तरह से दरकिनार करते हुए काफी जल्दबाजी में कार्य किया और न्यायालय में लंबित प्रकरण की जानकारी को छुपाए जाने का आधार बनाकर उनका नामांकन अवैध रूप से निरस्त कर दिया था। उन्होंने अपनी सुनवाई के दौरान रिटर्निंग अधिकारी को स्पष्ट रूप से बताया था कि उस परिवाद में उनके खिलाफ किसी भी प्रकार का कोई भी आपराधिक या अन्य आरोप नहीं है और उन्हें केवल एक औपचारिक तौर पर ही अनावेदक बनाया गया था, परंतु इसके बावजूद उनके नामांकन को रद्द करने का एकतरफा निर्णय ले लिया गया जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण था।
अगली सुनवाई के लिए तारीख तय की गई
इस पूरे कानूनी विवाद और चुनावी सरगर्मी के बीच याचिकाकर्ता की ओर से मध्य प्रदेश से निर्वाचित राज्यसभा सदस्य तरुण चुघ, रजनीश कुमार अग्रवाल, महेश केवट, केंद्रीय चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त, रिटर्निंग अधिकारी प्रमुख सचिव मध्य प्रदेश विधान सभा तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी राज्य चुनाव आयोग को मुख्य रूप से अनावेदक बनाया गया है। याचिकाकर्ता मीनाक्षी नटराज के द्वारा उठाए गए इन सभी कानूनी बिंदुओं पर उच्च न्यायालय ने अब संज्ञान लेते हुए सभी संबंधित अनावेदकों से जवाब तलब किया है। इस कानूनी लड़ाई में याचिकाकर्ता की तरफ से उच्च न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गुप्ता और आर्यन गुप्ता ने बहुत ही प्रभावी ढंग से पैरवी की है। अब देखना यह होगा कि आगामी 11 सितम्बर को होने वाली अगली सुनवाई के दौरान सभी अनावेदक पक्ष की तरफ से न्यायालय में क्या जवाब प्रस्तुत किया जाता है और इस उच्च स्तरीय चुनावी मामले में आगे अदालत का क्या रुख रहता है।
