
जबलपुर। पुलिस की एक महिला आरक्षक ने मक्का नगर निवासी अधिवक्ता शोहरब शेख पर असली पहचान छिपाकर यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने वर्ष 2024 में कोर्ट ड्यूटी के दौरान खुद को सौरभ सिंह राजपूत बताकर दोस्ती की थी। शादी का झांसा देकर उसने शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं आरोपी ने पीड़िता को भ्रम में रखकर उसके एक बच्चे की कस्टडी पूर्व पति को दिलवा दी। अगस्त 2025 में इंस्टाग्राम के जरिए आरोपी का असली नाम और उसके पहले से शादीशुदा होने का सच उजागर हुआ। इसके बाद आरोपी ने धर्मांतरण का दबाव बनाया और मारपीट की। पीड़िता के गर्भवती होने पर आरोपी अब गर्भपात कराने का दबाव बना रहा है। फिलहाल सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
वकील की वर्दी में छिपती रही आरोपी की असली पहचान
आरोपी हमेशा वकील की वर्दी पहनकर पीड़िता से मिलने आता था, जिससे पीड़िता और उसके परिवार को उसकी सच्चाई पर कभी संदेह नहीं हुआ। उसने महिला को भरोसा दिलाया था कि वह तलाकशुदा होने और दो बच्चे होने के बावजूद उससे विवाह करने को तैयार है। उसने पीड़िता को झांसा दिया कि सरकारी सेवा में दो से अधिक बच्चे होने पर कानूनी अड़चन आ सकती है। इसके बाद आरोपी ने स्वयं न्यायालय में याचिका दायर करवाकर पीड़िता के एक बच्चे की कस्टडी पूर्व पति को दिलवा दी। आरोपी के घर जाने पर भी पीड़िता को उसके वास्तविक धर्म की जानकारी नहीं मिल सकी।
सच्चाई सामने आते ही धर्मांतरण का दबाव और हिंसा
अगस्त 2025 में इंस्टाग्राम के माध्यम से पीड़िता को पता चला कि आरोपी का नाम शोहरब शेख है और वह पहले से विवाहित है। सच सामने आने पर जब पीड़िता ने विरोध जताया तो उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद भी आरोपी लगातार विवाह का झूठा आश्वासन देता रहा। जब महिला ने विवाह का दबाव बनाया तो आरोपी उसे अपने घर ले गया, जहां उससे धार्मिक प्रक्रियाएं करवाई गईं और अनैतिक कार्य कराए गए। इसके बावजूद उसने विवाह नहीं किया। वर्तमान में पीड़िता के गर्भवती होने पर आरोपी बच्चे को स्वीकार करने से मना कर रहा है और गर्भपात का दबाव बना रहा है। पीड़िता ने आरोपी का डीएनए टेस्ट कराने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं धर्मसेना ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी न होने पर सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
