
जबलपुर। खमरिया थाना अंतर्गत ग्राम सुंदरपुर में परियट नदी के तट पर स्थित मां नर्मदा की प्रतिमा खंडित पाए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। शनिवार सुबह 10 बजे जब ग्रामीण मंदिर पहुंचे तो प्रतिमा खंडित देख स्तब्ध रह गए। 2016 में ग्रामीणों के आपसी सहयोग से स्थापित यह प्रतिमा पूरे गांव के लिए गहरी आस्था का केंद्र थी। घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और नारेबाजी करते हुए कड़ी नाराजगी जताई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और दोषियों पर सख्त कार्यवाही का भरोसा दिया। पुलिस के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने शांतिपूर्वक विधि-विधान से पूजा की और प्रतिमा को विसर्जन के लिए ग्वारीघाट ले गए।
खंडित प्रतिमा देख ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
ग्रामीणों का कहना है कि यह मंदिर सुबह से लेकर शाम तक लोगों की आवाजाही से गुलजार रहता था। त्यौहारों के समय यहां विशेष धार्मिक आयोजनों में पूरा गांव परिवार सहित शामिल होता था। प्रतिमा के खंडित होने की खबर फैलते ही मौके पर भीड़ जुट गई और गांव के लोग इसे किसी असामाजिक तत्व की सोची-समझी साजिश बता रहे हैं। इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को स्पष्ट किया कि इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया गया है और हर हाल में दोषियों को पहचानकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दुख और आक्रोश का वातावरण पैदा कर दिया है।
प्रशासन के भरोसे के बाद हुआ शांतिपूर्ण विसर्जन
पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता को देखते हुए ग्रामीणों ने कानून हाथ में लेने के बजाय संयम बरता। घटना के बाद गांव के लोगों ने आपस में विचार-विमर्श कर यह निर्णय लिया कि प्रतिमा को खंडित अवस्था में नहीं रखा जाएगा। इसके बाद पूरी आस्था के साथ प्रतिमा का पूजन-अर्चन किया गया और एक सम्मानजनक विसर्जन प्रक्रिया शुरू की गई। ग्रामीण प्रतिमा को विसर्जित करने के लिए ग्वारीघाट ले गए। हालांकि पुलिस ने अभी अज्ञात आरोपियों के खिलाफ जांच तेज कर दी है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि दोबारा ऐसी कोई घटना न हो सके। लोग अभी भी इस कृत्य की कड़ी निंदा कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग पर कायम हैं।
