फार्मा कंपनी के एमडी का घूसकांड:नोएडा से जबलपुर तक सीबीआई का सर्च ऑपरेशन, कई बड़े नाम कटघरे में

Newzo
Newzo - News Editor 236 Views
3 Min Read

जबलपुर। कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अनुराग दनायक को सीबीआई ने नोएडा में 5 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। भोपाल की फार्मा केयर फर्म के संचालक हर्ष कौशिक ने 10 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी कि एमडी फरवरी 2026 से दवा बिक्री के 60 प्रतिशत कमीशन के लिए दबाव बना रहे थे। सरकारी अनुबंध नवीनीकरण और आपूर्ति के नाम पर अवैध वसूली की धमकियां दी जा रही थीं। सीबीआई ने जाल बिछाकर 15 जुलाई को दनायक को नोएडा में दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद नोएडा, बेंगलुरु और जबलपुर में उनके ठिकानों पर छापेमारी हुई। कार्रवाई में 75 लाख रुपये नकद, 4 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा, 697 ग्राम सोना और संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इस पूरे मामले ने सरकारी महकमे और फार्मा सेक्टर में हड़कंप मचा दिया है।

​जबलपुर संपत्तियों की जांच से खुलेंगे भ्रष्टाचार के राज

​सीबीआई की टीम ने अनुराग दनायक के जबलपुर स्थित आवास और अन्य संपत्तियों पर छापामारी की है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि जबलपुर से जुड़े मनी ट्रेल की गहराई से पड़ताल करने पर कंपनी के भीतर चल रहे अन्य वित्तीय घोटालों और भ्रष्टाचार की परतें खुलेंगी। बरामद संपत्ति के दस्तावेज इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि आरोपी अधिकारी ने अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करके बड़े पैमाने पर अवैध संपत्ति अर्जित की थी। फिलहाल सीबीआई टीम जब्त दस्तावेजों का मिलान कर रही है और जबलपुर से जुड़े संबंधों की छानबीन में जुटी है। इस मामले में जल्द ही अन्य लोगों की मिलीभगत सामने आ सकती है। जांच का दायरा अब तेजी से बढ़ रहा है और शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

​सरकारी पद का दुरुपयोग कर वसूली जा रही थी रकम

​आरोपी एमडी ने अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल करते हुए भोपाल की एक दवा कंपनी को डराया था। उसने स्पष्ट निर्देश दिया था कि यदि 60 प्रतिशत कमीशन नहीं दिया गया तो सर्विस एजेंट का अनुबंध नवीनीकृत नहीं किया जाएगा और भविष्य में किसी भी सरकारी संस्थान का काम नहीं मिलेगा। दनायक वाट्सएप कॉल के जरिए लगातार फर्म पर दबाव बना रहा था। उसने कुल 15 लाख रुपये की रिश्वत तय की थी, जिसकी पहली किश्त के रूप में 5 लाख रुपये लिए जा रहे थे। सीबीआई की इस प्रभावी कार्रवाई से पूरे फार्मा सेक्टर में खलबली मच गई है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर सीबीआई ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और आगे की गहन पूछताछ जारी है।

Share This Article
error: This Content is protected !!