
जबलपुर। मुंबई से गोरखपुर जा रही 15017 एलटीटी गोरखपुर एक्सप्रेस में सफर कर रही अनीता पाठक के साथ हुई लाखों की चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोल दी है। मुंबई की रहने वाली अनीता अपने परिवार के साथ कोच ए2 की सीट नंबर 3 पर यात्रा कर रही थीं। सुबह 07:50 बजे ट्रेन को प्रयागराज पहुंचना था लेकिन 5 बजे नींद खुलने पर उनका पर्स गायब मिला। कोच में मचे शोर के बाद तलाशी लेने पर पर्स ट्रेन के बाथरूम में तो मिला लेकिन उसमें रखे 15 तोले सोने के जेवरात और 50 हजार रुपये नकद गायब थे। चोर ने महिला का मोबाइल भी फ्लाइट मोड पर डाल दिया था ताकि कोई संपर्क न हो सके। प्रयागराज जीआरपी ने केस दर्ज कर लिया है लेकिन घटना जबलपुर क्षेत्र में होने के कारण जांच अब वहां स्थानांतरित की जा रही है।
एसी कोच की सुरक्षा पर उठे सवाल
एसी कोच को हमेशा सबसे सुरक्षित माना जाता है लेकिन इस वारदात ने यात्रियों का भरोसा तोड़ दिया है। ट्रेन के भीतर यात्री की सीट के पास से कीमती सामान का चोरी हो जाना सुरक्षा में बड़ी चूक को उजागर करता है। अपराधी ने जिस तरह से सावधानी से काम को अंजाम दिया और मोबाइल को फ्लाइट मोड पर डाला, उससे साफ है कि वह पहले से ही ट्रेन की रेकी कर रहा था। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह एक डरावना अनुभव है। चोर ने इतनी सफाई से काम किया कि किसी को भनक तक नहीं लगी। यह घटना दर्शाती है कि चलती ट्रेन में कोई भी यात्री सुरक्षित नहीं है और अपराधी किसी भी समय सक्रिय होकर कीमती सामान उड़ा सकते हैं।
जबलपुर पुलिस अब करेगी मामले की गहन जांच
प्रयागराज पुलिस ने पीड़िता की शिकायत दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दी है। चूंकि घटना का स्थान जबलपुर रेलवे पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए जांच की फाइल को वहां स्थानांतरित कर दिया गया है। जबलपुर जीआरपी अब इस पूरे मामले की कमान संभालेगी। पुलिस की टीम अब सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण करेगी और संदिग्ध यात्रियों की पहचान करने का प्रयास करेगी। इस दौरान जबलपुर से गुजरते समय तैनात सुरक्षाकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। पुलिस इस मामले में किसी परिचित या अन्य यात्रियों की मिलीभगत की आशंका को भी खारिज नहीं कर रही है। यात्रियों को अब अपने सामान की सुरक्षा के लिए स्वयं ही अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
रेलवे सुरक्षा की पोल खोलने वाली बड़ी घटना
घटना के बाद रेलवे ने यात्रियों को कीमती सामान के प्रति सावधान रहने की सलाह दी है। यह मामला सिर्फ चोरी का नहीं है बल्कि यह रेलवे की सुरक्षा खामियों को भी दर्शाता है। पुलिस प्रशासन अब मामले को गंभीरता से लेकर संदिग्धों की तलाश में जुट गया है। सीसीटीवी फुटेज से काफी हद तक जानकारी मिलने की उम्मीद है। यात्रियों के बीच व्याप्त डर को दूर करने के लिए जीआरपी को ठोस कदम उठाने होंगे। ऐसी घटनाएं न केवल यात्रियों की यात्रा खराब करती हैं बल्कि रेलवे की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और जल्द ही इस बड़ी वारदात के पीछे के चेहरों को बेनकाब करने का दावा किया जा रहा है।
