इंदौर में ड्रग्स केस को लेकर पुलिस ने एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को हिरासत में लिया था।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी (Nana Patwari) को पुलिस ने ड्रग्स के एक केस में हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। इस मामले में शुक्रवार सुबह जीतू पटवारी अपने भाई नाना पटवारी के साथ मीडिया के सामने आए। नाना ने कहा कि ड्रग्स केस में जो लोग पकड़े गए है वो हमारी विधानसभा के हैं। मैं उन्हें नहीं पहचानता हूं। यह केस पूरी तरह से बनाया गया है क्योंकि मैं जीतू पटवारी का भाई हूं। मीडिया के सवालों पर नाना ने यह बात भी स्वीकारी कि वो तीन-चार साल पहले ड्रग्स लेते थे और यह उनकी गलती थी। रिहैब सेंटर में इलाज के बाद अब वे किसी तरह का नशा नहीं करते हैं।क्या है पूरा मामला?
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में नार्कोटिक्स और स्थानीय पुलिस की संयुक्त सतर्कता के चलते कुछ संदिग्ध नशा तस्करों को दबोचा गया था। इनके पास से व्यावसायिक मात्रा में घातक एमडी ड्रग्स बरामद हुई थी। हिरासत में लिए गए ड्रग पैडलर्स और तस्करों से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपने इस अवैध कारोबार के स्थानीय संपर्कों और मददगारों के नामों का खुलासा किया।
तस्करों के बयानों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई ‘नाना पटवारी’ का नाम सामने आया। तस्करों ने दावा किया कि ड्रग्स की सप्लाई चेन और नेटवर्क में नाना पटवारी की भी संलिप्तता या संपर्क रहे हैं। ड्रग नेटवर्क जैसे गंभीर मामले में राजनीतिक रूप से रसूखदार परिवार का नाम आते ही पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया।
फिलहाल नाना पटवारी को गिरफ्तार नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें सिर्फ हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। तस्करों द्वारा लगाए गए आरोपों और सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स) की जांच की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि इस ड्रग सिंडिकेट में उनकी भूमिका कितनी गहरी है। यदि पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों (जैसे बैंक ट्रांजेक्शन या कॉल रिकॉर्ड) में नाना पटवारी के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो पुलिस उन्हें कोर्ट में पेश कर औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर सकती है।
क्या है कांग्रेस का आरोप?
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भ्रष्टाचार और उज्जैन जमीन मामले को लेकर आंदोलन की घोषणा की थी। यही कारण है कि सरकार ने बदले की भावना से उनके भाई को हिरासत में लिया है। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तनखा ने भी अपनी सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा है कि इंदौर पुलिस ने बिना सूचना दिए नाना पटवारी को हिरासत में लिया है।
