

जबलपुर में उमंग कार्यक्रम के जरिए शिक्षकों को मिला नया मंत्र
जबलपुर। जिले में स्कूल शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से संचालित उमंग स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम का तीन दिवसीय प्रशिक्षण आज 8 जुलाई 2026 को संपन्न हुआ। 29 जून से शुरू हुए इस विशेष प्रशिक्षण सत्र में जिले के 101 शिक्षकों ने हेल्थ एंड वेलनेस एम्बेसडर के रूप में अपनी भागीदारी निभाई। इस समापन समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी गौतम बर्वे और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत कोठारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए स्कूलों में एक सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना है। प्रशिक्षित शिक्षक अब अपने विद्यालयों में नियमित रूप से स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और जीवन कौशल से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को जागरूक करने का महत्वपूर्ण कार्य करेंगे।
शिक्षकों ने सीखा विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को दूर करना
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने किशोर स्वास्थ्य, नशामुक्ति, योग और तनाव प्रबंधन जैसे अहम विषयों पर शिक्षकों को गहन जानकारी प्रदान की। श्रीमती प्रतिभा दुबे सहित अन्य विशेषज्ञों ने शिक्षकों को बच्चों में आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने के गुर सिखाए। जिला शिक्षा अधिकारी गौतम बर्वे ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षक खुद तनावमुक्त रहकर ही विद्यार्थियों को संतुलित जीवनशैली के लिए प्रेरित कर सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे स्कूल को ऐसा केंद्र बनाएं जहाँ बच्चे सुरक्षित और खुश महसूस करें।
स्वस्थ आदतों के साथ बेहतर भविष्य का होगा निर्माण
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत कोठारी ने कहा कि आज के दौर में बच्चों के समग्र विकास के लिए मानसिक मजबूती अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों को समारोह के दौरान सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर विधि प्रभारी कृष्णकांत शर्मा, एआईएसईसीटी के स्टेट हेड निशांत श्रीवास्तव, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर बृजेश त्रिवेदी, माया सिंह, मनीषा सोनी, सुनील सोनी और विशाल विश्वकर्मा सहित शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और प्रशिक्षक भी उपस्थित थे। यह कार्यक्रम अब विद्यालयों में बच्चों को एक स्वस्थ और सफल नागरिक के रूप में विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
