
रक्षा मंत्रालय के नए आदेश से लाखों कर्मचारियों के परिवारों की चिंता हुई दूर
एम्पावर्ड ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक में लिया गया कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला
जबलपुर। रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग द्वारा 15 जून को जारी किए गए एक महत्वपूर्ण सरकारी आदेश के बाद पूर्व ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड के लाखों कर्मचारियों के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। एम्पावर्ड ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स द्वारा 11 जून को लिए गए निर्णय के अनुसार, जो कर्मचारी नए रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में शामिल होने के इच्छुक नहीं हैं, उन्हें उनकी सेवानिवृत्ति तक केंद्रीय सरकारी कर्मचारी के रूप में पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा। ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉईज फेडरेशन, भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ और आईएनडीडब्ल्यूएफ जैसे बड़े संगठनों के लगातार संघर्ष के बाद केंद्र सरकार ने यह आदेश जारी किया है। इसके तहत कर्मचारियों को पुरानी सभी सरकारी सुविधाएं, भत्ते और पेंशन के लाभ पहले की तरह मिलते रहेंगे, जिससे उनके परिवारों की बड़ी चिंता दूर हो गई है। इस नए आदेश के बाद कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, चिकित्सा सुविधाएं और तरक्की से जुड़े तमाम नियम केंद्र सरकार के अनुसार तय होंगे।
यूनियनों की लंबी लड़ाई के बाद मिली ऐतिहासिक सफलता
भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के रूपेश पाठक, अमित चौबे, राजेंद्र चारडिया, प्रेम लाल सेन, दीपक सैनी, अरुण मिश्रा, अजय दीक्षित, अमित सैनी, संजय प्रधान, गोपाल मीणा और महेश सतिन शर्मा ने इसे कर्मचारियों की बड़ी जीत बताया है। आईएनडीडब्ल्यूएफ के अरुण दुबे, आनंद शर्मा, राकेश रंजन, अखिलेश पटेल, राकेश शर्मा, हृदेश यादव और अनिल गुप्ता ने फैसले का स्वागत किया है।
