

विद्यार्थियों के दाखिले और छात्रवृत्ति को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी सख्त, सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ बच्चों तक पहुंचाने की कवायद शुरू
जबलपुर। पंडित लज्जा शंकर झा मॉडल स्कूल में जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में विद्यार्थियों के नामांकन, शैक्षणिक गुणवत्ता, छात्रवृत्ति और स्कूलों के बुनियादी ढांचे को लेकर गंभीर चर्चा की गई। बैठक में एडीपीसी गौतम बर्बे, डीपीसी योगेश शर्मा, जिला खेल अधिकारी मधुमिता हाजरा और विधि प्रभारी कृष्णकांत शर्मा सहित जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसीसी और शासकीय हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य मुख्य रूप से मौजूद रहे। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाली सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ 100% पात्र विद्यार्थियों तक समय पर पहुंचना चाहिए, इसमें किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विद्यार्थियों के दाखिले और छात्रवृत्ति के काम में लाएं तेजी
बैठक में बच्चों की पढ़ाई और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बात की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कक्षा 1 में नए बच्चों के दाखिले और कक्षा 8 से 9 तथा कक्षा 10 से 11 में जाने वाले विद्यार्थियों के ट्रांजिशन की प्रक्रिया को जल्द पूरा करें। इसके साथ ही अपार आईडी बनाने, एमपीटास पोर्टल पर रुकी हुई छात्रवृत्ति के मामलों को तुरंत सुलझाने, मुफ्त किताबों और साइकिलों के वितरण के काम में तेजी लाने को कहा गया। एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर वेरिफिकेशन और रोज ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए।
जर्जर स्कूल भवनों को सुधारने और नए निर्माण पर जोर
स्कूलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। बैठक में जिले के जर्जर हो चुके स्कूल भवनों की स्थिति, नए कमरों की जरूरत और पीएम श्री व समग्र शिक्षा के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति देखी गई। अधिकारियों से कहा गया कि वे इन कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करें ताकि काम समय पर और अच्छी क्वालिटी के साथ पूरा हो सके। इसके अलावा स्कूलों में लगे इंटरएक्टिव पैनलों का सही उपयोग करने और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।
पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
बैठक के आखिरी चरण में पर्यावरण को बढ़ावा देने और हरियाली बढ़ाने के लिए एक पेड़ मां के नाम अभियान 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि इस अभियान में आम लोगों और समाज की भागीदारी बढ़ाना बहुत जरूरी है। स्कूलों में लगाए जाने वाले पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी तय की जाए ताकि वे सुरक्षित रह सकें। उन्होंने अंत में दोहराया कि स्कूलों में बच्चों की नियमित उपस्थिति और पढ़ाई के स्तर में लगातार सुधार दिखना चाहिए।
