प्रताड़ना से मिली मुक्ति, महाराष्ट्र से छुड़ाए गए 23 श्रमिक

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Newzo - News Editor 56 Views
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अच्छे वेतन के झांसे में आकर जालसाजों के चंगुल में फंसे थे बेकसूर ग्रामीण,परिजनों की गुहार पर वरिष्ठ अधिकारियों ने गठित की विशेष जांच टीम

दमोह। जिले की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र में बंधक बनाए गए 23 मजदूरों को सकुशल मुक्त कराकर उनके गृहग्राम पहुंचा दिया है। रोजगार की तलाश में गए इन ग्रामीणों को वहां प्रताड़ित कर जबरन काम कराया जा रहा था। मामले की जानकारी मिलते ही दमोह पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से बंधक स्थल पर छापा मारा और सभी 23 पीड़ित श्रमिकों को छुड़ाया। सुरक्षित वापस लौटे मजदूरों और उनके परिजनों ने पुलिस बल की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में दमोह पुलिस की मुस्तैदी ने मुख्य भूमिका निभाई जिससे सभी ग्रामीण सुरक्षित वापस आ सके।

रोजगार की तलाश में परदेस गए ग्रामीणों की आपबीती

ग्रामीण क्षेत्रों से लोग बेहतर आजीविका की उम्मीद में दूसरे राज्यों का रुख करते हैं। दमोह जिले के ग्रामीण इलाकों से भी 23 श्रमिक काम की तलाश में महाराष्ट्र गए थे। वहां पहुंचने के बाद उन्हें बंधक बना लिया गया। ठेकेदारों द्वारा उनसे दिन-रात जबरन श्रम कराया जा रहा था और विरोध करने पर प्रताड़ित किया जाता था। उचित मजदूरी न मिलने से इन लोगों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई थी। मजदूरों ने किसी तरह अपने परिजनों से संपर्क साधा और वहां की भयावह स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद परिजनों ने पुलिस प्रशासन के समक्ष अपनी व्यथा रखी।

शिकायत मिलते ही हरकत में आया जिला पुलिस प्रशासन

बंधक बनाए जाने की खबर मिलते ही दमोह जिला पुलिस महकमे ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत एक विशेष कार्य योजना तैयार की। दमोह पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया जिसे आवश्यक दिशा-निर्देशों के साथ तुरंत महाराष्ट्र के लिए रवाना किया गया। पुलिस की इस टीम ने तकनीकी और खुफिया तंत्र का सहारा लेकर उस सटीक स्थान का पता लगाया जहां इन 23 मजदूरों को अवैध रूप से रोक कर रखा गया था। पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे अभियान के दौरान गोपनीयता बनाए रखी ताकि दोषियों को भनक न लग सके।

अंतरराज्यीय समन्वय से सफल हुआ बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन

महाराष्ट्र पहुंची दमोह पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमले से संपर्क साधा। दोनों राज्यों की पुलिस ने संयुक्त रणनीति के तहत चिन्हित स्थान पर योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की। अचानक हुई इस छापेमारी से वहां मौजूद ठेकेदारों को संभलने का मौका नहीं मिला। पुलिस बल ने बिना किसी देरी के बंधक गृह से सभी 23 पीड़ित ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा में ले लिया। प्रशासनिक कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस टीम इन सभी लोगों को लेकर वापस सुरक्षित दमोह रवाना हुई।

अपने घर लौटकर परिजनों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

सुरक्षित रेस्क्यू किए गए सभी 23 श्रमिक जब अपने गृहग्राम पहुंचे तो वहां का माहौल भावुक हो गया। लंबे समय से अपनों की सलामती के लिए दुआएं मांग रहे परिजनों के चेहरों पर खुशी लौट आई। ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने संकट की घड़ी में उनके परिजनों की जान बचाई। जिला प्रशासन ने वापस लौटे सभी श्रमिकों के पुनर्वास और स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास शुरू कर दिए हैं ताकि उन्हें दोबारा काम के लिए बाहर न जाना पड़े।

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