
जबलपुर। बेलखेड़ा थाना क्षेत्र की रहने वाली 21 वर्षीय युवती ने सुरेंद्र पटेल नामक युवक पर शादी का झांसा देकर गुजरात के सूरत स्थित ताताथइयाँ क्षेत्र में ले जाने और तीन महीने तक बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य उच्चाधिकारियों को दिए शिकायत पत्र में बताया कि आरोपी ने उसके अश्लील वीडियो बनाए और परिवार को जान से मारने व एक्सीडेंट करवाने की धमकी दी। किसी तरह चंगुल से छूटकर 26 मई 2026 को घर लौटी युवती ने परिजनों को आपबीती सुनाई। पीड़िता के साथ उसकी 16 वर्षीय छोटी बहन को भी प्रशांत पटेल नामक युवक जबरन गुजरात ले गया था, जो अब भी लापता है। इस मामले में पुलिस ने 7 फरवरी 2026 को बेलखेड़ा थाने में अपराध क्रमांक 0022/2026 और धारा 137(2) के तहत मुकदमा तो दर्ज किया था, लेकिन अभी तक लापता नाबालिग का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
नाबालिग बहन को बनाया बंधक, जबरन विवाह का आरोप
पीड़िता ने अपनी लिखित शिकायत में साफ किया है कि मुख्य आरोपी सुरेंद्र पटेल उसे बहला-फुसलाकर गुजरात ले गया था, जहाँ विवाह का प्रलोभन देकर लगातार उसका शारीरिक शोषण किया गया। इसके साथ ही उसकी 16 साल की छोटी बहन को प्रशांत पटेल नामक दूसरा आरोपी अपने साथ ले गया था। आरोपियों ने नाबालिग लड़की को अपने अवैध कब्जे में रखकर उसका भी शोषण किया है। शिकायत में यह आशंका और दावा भी किया गया है कि आरोपी ने मंदिर में जबरन विवाह कर लिया है। बड़ी बहन तो किसी तरह अपनी जान बचाकर वापस घर लौट आई, लेकिन उसकी छोटी बहन अब भी आरोपियों के चंगुल से आजाद नहीं हो सकी है और उसकी सुरक्षा को लेकर परिवार बेहद चिंतित है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
पीड़ित परिवार के मुताबिक इस मामले में घटना के बाद 7 फरवरी 2026 को ही बेलखेड़ा थाने में एफआईआर क्रमांक 0022/2026 भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत दर्ज कराई गई थी। इसके साथ ही दोनों बहनों की गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई थी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जिस वाहन संख्या एमपी 20 JL 4921 से दोनों बहनों को ले जाया गया था, उसे पुलिस ने प्राथमिकी में शामिल नहीं किया। परिजनों का कहना है कि पुलिस द्वारा दोनों युवतियों की सुरक्षित तलाश के लिए अब तक कोई ठोस या गंभीर प्रयास नहीं किए गए हैं, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं।
राजनीतिक रसूख का दबाव का इस्तेमाल
शिकायत पत्र में पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि आरोपी पक्ष राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। परिजनों के अनुसार आरोपी एक स्थानीय नेता के रिश्तेदार हैं, जिसकी वजह से पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने से बच रही है। परिवार ने यह भी बताया कि उन्होंने 181 सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कदम उठाने के बजाय पीड़ित परिवार पर ही शिकायत वापस लेने का अनुचित दबाव बनाया। अब पीड़ित परिवार ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच करने, लापता नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
